• दयालु संता!

    एक दिन संता ऑफिस जाने के लिए जब बस में चढ़ा तो कंडक्टर ने हँसते हुए पूछा, "कल रात आप ठीक-ठाक घर पहुँच गए थे? कहीं गिरे तो नहीं या रास्ता तो नहीं भूले थे घर का?"

    संता (गुस्से से): क्यों, कल रात को मुझे क्या हुआ था?

    कंडक्टर: कल रात आप नशे में टुन्न थे।

    संता: तुम कैसे कह सकते हो कि कल रात मैं नशे में था। हमने तो आपस में कोई बात भी नहीं की थी।

    कंडक्टर: जी, वो ऐसा है कि कल रात जब आप बस में बैठे हुए थे तब एक मैडम बस में चढ़ी थी और आपने उन्हें उठकर अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा था।

    संता (हैरानी से): तो क्या किसी महिला को सीट देना कोई गुनाह है?

    कंडक्टर (हँसते हुए): गुनाह तो नहीं है पर जब आप ने उनको सीट के लिए पूछा उस समय बस तो पहले से ही खाली थी।
  • संता की समझदारी!

    एक बार संता गाड़ी में अपने दोस्त बंता के साथ पिकनिक पर जा रहा था। गाड़ी के सामने के काँच से बंता को कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था लेकिन संता सड़क के तमाम गड्ढे बचाता हुआ बड़ी सफाई से गाडी चला रहा था।

    बंता ने हैरान होकर पूछा, "संता, सामने काँच से कुछ भी साफ़ नजर नहीं आ रहा। फिर भी गाड़ी इतनी परफेक्ट कैसे चला रहे हो?"

    संता: क्या बताऊँ यार? अपनी भूलने की आदत के कारण अब तक मेरे 180 चश्मे गुम चुके हैं।

    बंता: अरे संता मैं ड्राइविंग के बारे में पूछ रहा हूँ।

    संता: वही तो बता रहा हूँ कि चश्मे बनवा बनवा कर मैं परेशान हो गया तब मैंने गाड़ी का काँच ही चश्मे के नंबर वाला बनवाकर गाड़ी में लगवा लिया।
  • विदेशी भाषा का चक्कर!

    एक दिन संता और बंता दोनों टैक्सी स्टैंड पर बैठे बातें कर रहे थे कि तभी एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे अंग्रेजी भाषा में कुछ पूछा। संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस विदेशी के चेहरे को देखते रहे।

    विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी नहीं आती। अब उसने वही प्रश्न उनसे स्पेन की भाषा स्पेनिश में पूछा।

    दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का चेहरा देखते रहे।

    तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे रूस की भाषा रशियन में पूछा।

    दोनों का वही हाल रहा।

    चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे जर्मनी की भाषा जर्मन में पूछा।

    दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा ताकते रहे।

    आखिर तंग आकर विदेशी चला गया। उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला, "यार संता, हम लोगों को भी अपनी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।"

    संता ने एक जोर का झापड़ बंता को लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार आती थी, उसके कोई काम आई?"
  • संता की होशियारी!

    एक आदमी ने मोटर साइकिल पर बैठ कर सिनेमा हाल के सामने संता से एक सवाल पूछा।

    आदमी: भाईसाहब, मोटर साइकिल का स्टैंड कहाँ है?

    संता: भाईसाब, पहले आप अपना नाम बताइये?

    आदमी: रमेश।

    संता: आपके माता-पिता क्या करते हैं?

    आदमी: क्यों? भाई साहब मैं लेट हो जाऊंगा और फिल्म शुरू हो जाएगी।

    संता: तो जल्दी बताओ?

    आदमी: मेरी माँ एक डॉक्टर हैं और मेरे पिता जी इंजीनियर हैं। अब बता दीजिये?

    संता: आपके नाम कोई जमीन जायजाद है?

    आदमी: हाँ, गांव में एक खेत मेरे नाम है? प्लीज़ भाई साहब अब बता दीजिये स्टैंड कहाँ है?

    संता: आखिरी सवाल, तुम पढ़े लिखे हो?

    आदमी: जी हाँ, मैं MBA कर रहा हूँ। अब बताइये जल्दी से।

    संता: भाई साहब, देखिये आपकी पारिवारिक पृष्ठभूमि इतनी अच्छी है, आपके माता पिता दोनों उच्च शिक्षित हैं, आप खुद भी इतने पढ़े लिखे हैं पर मुझे अफ़सोस है कि आप इतनी सी बात नहीं जानते कि मोटर साइकिल का स्टैंड उसके नीचे लगा होता है। एक बड़ा और एक साइड वाला।