• संता का मुर्गी प्रेम!

    एक बार संता की पालतू मुर्गी मर गयी तो संता को उसके मरने का बहुत दुःख हुआ और वह जोर जोर रोने लगा।

    संता की रोने की आवाज सुनकर बंता भी संता के घर पर पहुंचा और संता से पूछा, "भाई साहब क्या हुआ, आप इतना रो क्यों रहे हैं?"

    संता: यार मेरी मुर्गी मर गयी है।

    बंता: मेरा बाप मर गया था मगर मैं तब भी नहीं रोया, और आप मुर्गी के मरने से रो रहे हैं।

    संता: तेरा बाप क्या अंडे देता था?
  • संता की समझदारी!

    संता ने घर का दरवाजा उखाड़ा और कंधे पर रखकर बाज़ार में चला गया।

    एक आदमी ने पूछा, "ओ पाजी, क्या आपने दरवाजा बेचना है?"

    संता: नहीं ताला खुलवाना है, चाबी गुम हो गई है।

    हंसो मत जोक अभी आगे है।

    आदमी ने संता से पूछा, "अगर घर में चोर घुस जाये तो?"

    संता: अन्दर कैसे जायेगा, दरवाजा तो मेरे पास है।
  • बुढ़िया कहाँ गई!

    एक बार एक बुढ़िया मर गयी तो उसकी बेटी जोर-जोर से रोने लगी और बोली।

    बेटी: "अम्मा कहाँ गयी तू, जहां ना धूप-ना छाँव, ना रोटी-ना सब्जी, ना बिजली ना पानी।

    साथ में ही संता और बंता भी शोक मनाने गये हुए थे।

    संता ने साथ में बैठे बंता को कोहनी मारी और बोला, "अबे देख बुढ़िया कहीं हमारे घर पे तो नहीं चली गयी?"
  • शादी या बर्बादी!

    एक बार संता और बंता एक पार्क में बैठे हुए बातें कर रहे होते हैं तो संता, बंता से कहता है।

    संता: यार मैंने प्यार-मोहब्बत से तौबा कर ली है, अब आगे से किसी हसीन लड़की की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखूंगा।

    बंता: क्यों? क्या किसी लड़की ने तुम्हें ठुकरा दिया?

    संता: नहीं यार।

    बंता: तो फिर क्या हुआ?

    संता: यार, उसने मुझसे शादी कर ली।