• ये कैसी सहायता है!

    एक रात दो बजे बहुत तेज़ बारिश हो रही थी तो संता ने एक घर की घंटी बजाई और पूछा;

    संता: भाई साहब मेहरबानी करके धक्का लगा देंगे क्या ?

    आदमी नींद में था इसलिए मना कर दिया और अन्दर आ गया, परन्तु फिर उसे एहसास हुआ की कभी वो खुद बारिश में फंस जाये और कोई उसकी मदद न करे तो?

    यह सोच कर वह उठा और बाहर जा कर बोला;

    आदमी: क्या तुम्हे अभी भी धक्का चाहिए?

    संता की आवाज़ आई: हाँ!

    आदमी: ठीक है पर तुम हो कहाँ?

    संता: यहाँ गार्डन में झूले पर!

  • संता स्‍वर्ग नहीं जाना चाहता!

    एक बार एक मंदिर में प्रवचन चल रहा होता है तो प्रवचन देने वाला गुरु सभी भक्तों से कहता है;

    गुरु: आप सब में से जो-जो स्वर्ग जाना चाहता है, वह अपना हाथ ऊपर करे!

    यह सुन संता की बीवी और सास ने हाथ ऊपर उठाया परन्तु संता ने हाथ नहीं उठाया यह देख गुरु ने संता से पूछा;

    गुरू: क्या तुम स्वर्ग नहीं जाना चाहते बेटा?

    संता: गुरुजी, यह दोनों चली जायेंगी तो यही पर स्वर्ग हो जाएगा!

  • संता का ब्रेक-अप!

    एक बार संता और बंता एक पार्क में बैठे हुए होते हैं कि तभी अचानक बंता, संता से सवाल करता है;

    बंता: यार संता एक बात बता तेरा और तेरी गर्लफ्रेंड का ब्रेकअप क्यों हो गया?

    संता: मत पूछ यार बड़ी दुःख भरी कहानी है!

    बंता: क्यों क्या हुआ?

    संता : क्या बताऊं यार कल हम दोनों हाथों में हाथ डाल कर कहीं जा रहे थे, तभी वहां से एक शरारती बच्चा गुजरा और बोला भैया वो कल वाली दीदी ज्यादा मस्त थी, बस फिर क्या था मेरी गर्लफ्रेंड ने इतना सुना, मेरे गाल पर चांटा मारा और चली गयी!
  • संता की गर्लफ्रेंड का सपना!

    एक बार संता की गर्लफ्रेंड ने उस से पूछा;

    गर्लफ्रेंड: जानू एक बात पूछूँ?

    संता: हाँ पूछो!

    गर्लफ्रेंड: डार्लिंग क्या मैं तुम्हारे सपनों में आती हूं?

    संता: नहीं!

    गर्लफ्रैंड: क्यों नहीं?

    संता: क्योंकि मैं हनुमान चालिसा पढ़ कर सोता हूं!