• बस स्टेशन!

    एक बार संता और बंता लुधिआना जा रहे थे जब वो वहां पहुंचे संता पहले बस से उतरा जब बंता बस से नीचे उतरने लगा तो संता ने कहा जरा ठहरो! ये जमीन पर बिखरा हुआ क्या है?

    उसने थोड़ा सा अपनी ऊँगली पर लगाया और ऊँगली को अपने मुहं में डाल दिया अरे छि: छि:..ये तो गोबर है!

    बंता कहने लगा: अरे शुक्र.. कर पैरे नहीं लिबड़या!
  • संता और मारुति कार!

    संता ने एक नई मारुति कार खरीदी और अपने दोस्त से मिलने अपने घर अमृतसर से जालंधर चला गया, संता वहां थोड़े ही समय में पहुँच गया, वहां पर कुछ दिन रहने के बाद उसने वापिस घर आने की सोची, और अपनी माँ को फ़ोन करके बताया कि वो शाम तक घर पहुँच जायेगा, पर वो न तो शाम को पहुंचा और न ही अगले दिन पहुँच पाया जब वो तीसरे दिन घर पहुंचा तो परेशान माँ ने पूछा!

    "अरे पुत्र! की होया?"

    संता बहुत थका हुआ लग रहा था और थके हुए लहजे में माँ से बोला:

    अरे माँ ये मारुति वाले पागल हो गए हैं! अग्गे जाने वास्ते चार गेअर बनाए हैं, और पिच्छे जाने वास्ते सिर्फ इक!
  • संता पहली बार चंडीगढ़ में!

    संता पहली बार चण्डीगढ़ गया, वह रॉक गार्डन देखने जाना चाहता था!

    पर उसे पता नहीं था की वहां कैसे पहुंचा जा सकता है! तभी उसे पुलिस वाले की गाड़ी दिखी उसने पुलिस वाले से पूछा सर क्या आप मुझे बता सकते हैं की मैं रॉक गार्डन कैसे जा सकता हूँ?

    पुलिस वाले ने कहा तुम इस बस स्टॉप पर 46 नम्बर की बस लेना वो सीधी तुम्हें वहीँ ले जाएगी!

    उसने पुलिस वाले को धन्यवाद कहा और पुलिसवाला अपनी गाड़ी में आगे निकल गया, तीन घंटे बाद जब पुलिस वाला उसी जगह से वापिस आ रहा था तो उसने देखा संता अभी भी वहीँ पर बस का इंतजार कर रहा है!

    पुलिस वाला अपनी गाड़ी से बाहर आया और संता से पूछने लगा क्या तुम अभी तक रॉक गार्डन नहीं गए?

    मैंने तुम्हें कहा था कि यहाँ से 46 नंबर की बस ले लेना पर तुम अभी तक यहीं हो?

    चिंता न करे सर 46 अब ज्यादा दूर नहीं है, ये अभी 43वीं बस थी जो चली गयी!
  • संता की किस्मत!

    एक रात को संता अपने बेटे को गुड नाईट बोलने के लिए गया उसने देखा उसका लड़का बहुत घबराया हुआ है, उसने कोई बुरा सपना देखा था जिससे वो काफी घबरा गया था, संता ने उसे उठाया और पूछा की क्या वो ठीक है? बच्चे ने कहा की उसे बहुत डर लग रहा है, क्योंकि उसने सपने में देखा की उसकी आंटी मर गयी है, संता ने उसे विश्वास दिलाया की उसकी आंटी बिलकुल ठीक है, और आराम से सो जाएँ!

    अगले दिन पता चला की आंटी मर गयी! कुछ दिनों के बाद संता फिर से अपने बेटे को गुड नाईट बोलने के लिए गया, उसने देखा उसका बेटा फिर से घबराया हुआ था! संता ने फिर से अपने बेटे को जगाया और पूछा की सब कुछ ठीक है, बच्चे ने उस वक़्त कहा की उसने सपने में देखा की उसकी दादी मर गयी हैं, संता ने फिर से बच्चे को बताया की दादीजी ठीक है, आराम से सो जाओ!

    अगले दिन सच में ही दादी मर गयी! संता एक हफ्ते के बाद फिर से बेटे को गुडनाईट बोलने के लिए गया तो देखा की बच्चा बहुत डरा हुआ है, संता ने पूछा क्या हुआ तो बच्चे ने कहा मैंने सपने में देखा की डैडी मर गए है,संता ने फिर से विश्वास दिलाया की वो ठीक है और उसे आराम से सोने के लिए कहा!

    संता अपने बिस्तर पर गया, लेकिन उसे नींद नहीं आयी वो बहुत घबरा गया था, अगले दिन संता अपने आप को बचाने लगा उसे पूरा विश्वास था की वो मर जाएगा, ऑफिस जाते हुए उसने गाड़ी बहुत सावधानी से चलायी,वो, सारे काम बड़ी सावधानी से कर रहा था डर के मारे उसने लंच भी नहीं किया, कहीं पेट ख़राब होने से वो मर न जाये, उसने दिन भर न कुछ खाया न पिया उसे डर था वो किसी तरह भी मर सकता है, वो जरा सा भी शोर सुनकर डर जाता टेबल के नीचे छिप जाता पूरा दिन वो ऐसे ही डरता रहा!

    शाम को जब वापिस आया तो दरवाजे पर उसकी बीवी जीतो खड़ी थी, उसने आते ही कहा, मैं तुम्हें बता नहीं सकता कि आज का दिन मेरे लिए कितना बुरा था!

    जीतो ने जवाब दिया, तुम्हें लगता है तुम्हारा दिन बुरा था? या मेरा? तुम्हें पता है, आज सुबह यहाँ पहली सीढ़ी से फिसल कर दूधवाला मर गया!