• आज आखिरी दिन है

    संता एक बार में जाता है और बार वाले से कहता है मुझे एक जोरदार पैग पिलाओ बार वाला पैग लेकर आता है, संता पैग उठाता है और इसे इसे एक सांस में पी जाता है देता, वह एक और पैग लाने के लिए कहता है इसे भी जल्दी पी के रख देता है!

    पांच, छह पैग पीने के बाद बार वाला सोचता है, कि अब वो उसे और शराब नहीं पिलाएगा, बार वाला संता से कहता है, अरे आज क्या बात है? क्या बीवी से झगड़ा हुआ है या कुछ और ?

    संता आह भरते हुए कहता है, हाँ झगड़ा हुआ है और झगड़े के बाद मेरी बीवी ने कहा एक महीने तक उससे बात नहीं करनी बार वाले ने कहा, तो इसमें गलत क्या है ?

    संता ने कहा, अरे आज बात न करने का आखिरी दिन है!
  • खुशहाल वैवाहिक जीवन!

    एक बार बंता ने संता से कहा, तुम्हारे खुशहाल वैवाहिक जीवन के पीछे क्या राज है?

    संता ने कहा, हमें अपने जीवन साथी के साथ प्यार से जिम्मेवारियां बाँटनी चाहिए, एक दूसरे का आदर करना चाहिए, तब कोई समस्या नहीं रहती!

    बंता ने कहा क्या तुम थोड़ा खुल कर बता सकते हो?

    संता ने कहा, जैसे मेरे घर में सारे बड़े मुद्दों पर में ही निर्णय लेता हूँ, जबकि सारी छोटी छोटी बातों के निर्णय मेरी बीवी लेती है हम एक दूसरे के निर्णयों पर कभी हस्तक्षेप नहीं करते!

    मैं कुछ समझा नहीं! बंता ने कहा, थोड़ा उदाहरण दे कर बताओ, संता ने कहा छोटी छोटी बातें जैसे हमें कौन सी कार खरीदनी है, कितना पैसा बचाना है, कब घर जाना है, कब बाजार जाना है, कौन सा सोफा, एयर कंडिशनर कौन सा रफ्रिज्रेटर खरीदना है, महीने का खर्चा, नौकरानी रखनी है या नहीं वगैरा वगैरा!

    मेरी पत्नी ही इन सबका निर्णय लेती है मैं उसके निर्णयों से सहमत हो जाता हूँ!

    बंता ने पूछा तब तुम्हारी क्या भूमिका है?

    संता ने कहा मेरे निर्णय हमेशा बड़े मुद्दों पर होते हैं जैसे,अमेरिका को इराक पर हमला करना चाहिए,क्या अफ्रीका को अपनी अर्थव्यवस्था बढ़ानी चाहिए,क्या सचिन को सन्यास लेना चाहिए वगैरा वगैरा, तुम्हें ये सुनकर हैरानी होगी, कि मेरी बीवी कभी भी मेरे फैसलों का विरोध नहीं करती!
  • संता का भ्रम!

    बंता सोचता था की वो मर गया है, परन्तु वास्तव में वो जिन्दा था, उसका भ्रम उसके परिवार के लिए एक समस्या बन गया था, और आखिर में उन्होंने उसे एक मनोचिकित्सक को दिखाया!

    मनोचिकित्सक ने कई तरह से बंता को आश्वासन दिया की वो जिन्दा है, घबराने की जरुरत नहीं है!

    अंत में डॉक्टर ने एक अंतिम तरीका सोचा जिससे संता को यकीन हो जाए की वो जिन्दा है!

    उसने बंता को अपनी किताबें दिखाई जिसमें लिखा था मरे हुए आदमी से खून नहीं निकलता कुछ देर उन उबाऊ किताबें पढ़ने के बाद बंता ने मान लिया कि मरे हुए आदमी से खून नहीं निकलता!

    डॉक्टर ने बंता से पूछा: अब तो तुम मान गए न की मरे हुए आदमी से खून नहीं निकलता?

    बंता ने कहा: हाँ में मान गया हूँ, डॉक्टर ने कहा: बहुत अच्छे!

    उसने एक पिन निकाली और बंता की ऊँगली में चुभो दी ऊँगली से खून की बूंदें निकलने लगी!

    तब डॉक्टर ने पूछा: अब तुम क्या कहते हो?

    हे भगवान! बंता ने अपनी ऊँगली की ओर हैरानी से देखा.... मरे हुए आदमी से भी खून निकलता है!
  • बीयर के लिए धन्यवाद!

    बंता एक बार में बीयर पीने के लिया गया जैसे ही बार वाले ने उसके गिलास में बीयर डाली बाहर एक बहुत जोर की आवाज हुई, वह बाहर यह देखने के लिया भागा की क्या हुआ पर जल्दी ही अपनी बीयर पीने के लिए वापिस आ गया!