• बीवी की परिभाषा

    दोस्तों आज हम एक अजीब प्राणी के बारे में पढेंगे, इस जीव का नाम है 'बीवी'।

    यह अक्सर रसोई और टीवी के सामने पाई जाती है।

    इनका पौष्टिक आहार है पति का भेजा। ये पानी कम खून ज्यादा पीती है।

    इन्हें अक्सर नाराज़ होने का नाटक करते हुए देखा जाता है।

    इस प्राणी का सबसे खतरनाक हथियार है रोना और इमोशनल ब्लैकमेल करना।

    उसके संपर्क में रहने से टेंशन नाम की बीमारी हो सकती हे, जिसका कोई इलाज़ नहीं। बस इनसे सावधान रहना!

    "अखिल भारतीय कुंवारा संघ द्वारा जनहित में जारी।"
  • शादी क्या है?

    1. शादी एक खुली जेल है जिसके बंधन में आजीवन रहना होता है।

    2. शादी एक ऐसी साझेदारी है जिसमें पूँजी पति लगाता है, लाभ पत्नी पाती है।

    3. शादी एक ऐसी कहानी है जो झील के किनारे से शुरू होकर ज्वालामुखी के पहाड़ पर समाप्त होती है।

    4. शादी एक ऐसी जोड़ी है, जिसर्मे प्रेम होता है, चूंकि प्रेम अंधा होता है, इसलिये यह अंधों की जोड़ी है।

    5. शादी एक ऐसा आयोजन है जिसे महीलायें पुरूषों को लूटने के लिये आयोजित करती है।

    6. शादी एक ऐसी किताब है जिसका पहला भाग पद्य में तथा शेष गद्य में होते हैं।

    7. शादी एक ऐसा मिलन है जो अच्छे मित्रों की तरह रहने के इरादे से शूरु किया जाता है और दिन-ब-दिन ये इरादे बदलते जाते हैं।

    8. शादी एक ऐसा प्रमाण है जिसके बाद ही आदमी मानता है कि कुँवारे ही भले थे।

    9. शादी जीवन का एक ऐसा मोड़ है जिसमें लड़की की सब चिंतायें समाप्त हो जाती है, लड़के की शुरू हो जाती है।

    10. शादी ही वह संस्कार है जिसे करने के बाद आदमी को ज्ञान होता है कि नर्क पृथ्वी पर ही है।

    11. शादी एक शब्द नहीं, एक वाक्य है - एक दर्दनाक वाक्य!
  • पति का पत्नी प्रेम!

    मेरी प्यारी बेगम,

    सवाल कुछ भी हो, जवाब तुम ही हो।

    रास्ता कोई भी हो, मंजिल तुम ही हो।

    दुःख कितना ही हो, ख़ुशी तुम ही हो।

    अरमान कितना ही हो, आरजू तुम ही हो।

    गुस्सा जितना भी हो, प्यार तुम ही हो।

    ख्वाब कोई भी हो, ताबीर तुम ही हो।

    यानी ऐसा समझो कि सारे फसाद की जड़ तुम हो और सिर्फ तुम ही हो।
  • पति - पत्नी और झगड़ा!

    पति: डार्लिंग कल सुबह क्या तुम मेरे साथ योग क्लास में चलना चाहोगी?

    पत्नी: तुम कहना क्या चाहते हो, मैं क्या मोटी हो गयी हूँ?

    पति: अरे ऐसी बात नहीं है, नहीं जाना चाहती तो मत चलो।

    पत्नी: तुम्हारा मतलब मैं आलसी हूँ।

    पति: तुम ऐसे गुस्सा क्यों कर रही हो?

    पत्नी: अब तुम्हें लग रहा है कि मैं हमेशा झगड़ती रहती हूँ।

    पति: अरे मैंने ऐसा कब बोला?

    पत्नी: अच्छा, मतलब अब मैं झूठ बोल रही हूँ।

    पति: अच्छा बाबा, मैं भी नहीं जाता।

    पत्नी: अब समझी मैं, दरअसल तुम खुद मुझे ले जाना नहीं चाहते थे और अब बहाने बना रहे हो। तुम्हारा तो हमेशा से यही काम है। सारी गलती मेरी ही है।

    पत्नी बस लगातार पति को कोसती रही और पति बेचारा चुपचाप बैठा सारी रात यह सोचता रहा कि आखिर उसने ऐसा क्या पूछ लिया जो उसकी यह हालत कर दी गयी।