• एक प्रेम कहानी!

    पत्नी: अगर मैं अचानक मर गई तो तुम क्या दूसरी शादी करोगे?
    पति: नो डार्लिंग, ऐसा तो मैं सोच भी नहीं सकता।

    पत्नी: क्यों, नहीं क्यों? अरे आपके अच्छे बुरे पलों को बांटने के लिए कोई तो साथी चाहिए। प्लीज शादी कर लेना डार्लिंग।
    पति: ओह माय शोना... मरने के बाद की भी मेरी इतनी फ़िक्र?

    पत्नी: तो वादा? आप दूसरी शादी कर लोगे ना?
    पति: ओके बाबा, लेकिन सिर्फ तुम्हारी खातिर करूँगा।

    पत्नी: तुम अपनी नई पत्नी को इस घर में रखोगे ना?
    पति: हाँ, लेकिन उसे तुम्हारा कमरा कभी इस्तेमाल नहीं करने दूंगा।

    पत्नी: उसे अपनी कार चलाने दोगे?
    पति: नो, नेवर... उस कार को तो तुम्हारी यादगार बना के रखूंगा। उसको दूसरी कार दिला दूंगा।

    पत्नी: और मेरे ज़ेवर?
    पति: वो उसे कैसे दे सकता हूँ। उनसे तुम्हारी यादें जुड़ीं होंगी। वो अपने लिए नई ज्वेलरी मांगेगी ना।

    पत्नी: वो मेरी चप्पलें पहनेगी तो?
    पति: नहीं उसका नंबर 7 है और तुम्हारा 9।

    कमरे में एक दम चुप्पी छा गई।
    पति: ओ नो।

    पति का अंतिम संस्कार कल दोपहर 3:00 बजे होगा।
  • पतियों की परेशानी पुलिस भी समझती है!

    एक सीनियर सिटिजन अपनी नई कार 100 की स्पीड में चला रहे थे। चलते-चलते उन्होंने शीशे में देखा कि पुलिस की एक गाडी उनके पीछे लगी हुई है।

    उन्होंने कार की स्पीड और बढ़ा दी। 140 फिर 150 और फिर 170...।

    अचानक उन्हें याद आया कि इन हरकतों के लिहाज से वे बहुत बूढ़े हो चुके हैं और ऐंसी हरकतें उन्हें अब शोभा नहीं देतीं।

    उन्होंने सड़क के किनारे कार रोक दी और पुलिस का इंतज़ार करने लगे।

    पुलिस की गाडी करीब आकर रुकी और उसमे से इंस्पेक्टर निकलकर बुजुर्ग महाशय के पास आया। उसने अपनी घडी में समय देखा और बुजुर्ग से बोला, "सर, मेरी शिफ्ट ख़त्म होने में मात्र 10 मिनट बाकी हैं। आज शुक्रवार है और शनिवार, रविवार मेरा अवकाश है। इतनी स्पीड से कार चलाने का अगर आप मूझे कोइ ऐंसा कारण बता सके जो मैंने आज तक नहीं सुना हो तो मैं आप को छोड़ दूंगा।"

    बुजुर्ग ने बहुत गंभीर होकर इंस्पेक्टर की तरफ देखा और कहा, "बहुत साल पहले मेरी बीवी एक पुलिसवाले के साथ भाग गयी थी। मैंने सोचा कि तुम उसे लौटाने आ रहे हो।"

    इंस्पेक्टर वहाँ से जाते हुए बोला, "हेव ए गुड डे, सर।"
  • शादी के बाद पति-पत्नी में अंतर!

    शादी के बाद पत्नी कैसे बदलती हैं:

    पहले साल: मैंने कहा जी खाना खा लीजिए, आपने काफी देर से कुछ खाया नहीं।

    दूसरे साल: जी खाना तैयार है, लगा दूं?

    तीसरे साल: खाना बन चुका है, जब खाना हो तब बता देना।

    चौथे साल: खाना बनाकर रख दिया है, मैं बाजार जा रही हूँ, खुद ही निकाल कर खा लेना।

    पाँचवे साल: मैं कहती हूँ आज मुझ से खाना नहीं बनेगा, बाहर से ले आओ।

    छठे साल: जब देखो खाना, खाना और खाना, अभी सुबह ही तो खाया था।

    शादी के बाद पति कैसे बदलते हैं:

    पहले साल: संभलकर उधर गड्ढा है।

    दूसरे साल: अरे यार देख के उधर गड्ढा है।

    तीसरे साल: दिखता नहीं उधर गड्ढा है।

    चौथे साल: अंधी है क्या गड्ढा नहीं दिखता?

    पाँचवे साल: अरे उधर -किधर मरने जा रही है गड्ढा तो इधर है।
  • खाने में क्या बनाऊं?

    पत्नी: खाने में क्या बनाऊं?

    पति: कुछ भी बना लो, क्या बनाओगी?

    पत्नी: जो आप कहो?

    पति: दाल चावल बना लो।

    पत्नी: सुबह ही तो खाये थे।

    पति: तो रोटी सब्जी बना लो।

    पत्नी: बच्चे नहीं खायेंगे।

    पति: तो छोले पूरी बना लो।

    पत्नी: मुझे तली हुई चीज़ें भारी लगती हैं।

    पति: अंडे की भुर्जी बना लो।

    पत्नी: आज वीरवार है।

    पति: परांठे?

    पत्नी: रात को परांठे नहीं खाने चाहिए।

    पति: होटल से मंगवा लेते हैं।

    पत्नी: रोज-रोज बाहर का नहीं खाना चाहिए।

    पति: कढ़ी चावल?

    पत्नी: दही नहीं है।

    पति: इडली सांभर?

    पत्नी: समय लगेगा, पहले बोलना था।

    पति: एक काम करो मैग्गी बना लो।

    पत्नी: पेट नहीं भरता मैग्गी से।

    पति: तो फिर क्या बनाओगी?

    पत्नी: जो आप बोलो।