• पॉलिटिक्स क्या है!

    बेटा: पापा 'पॉलिटिक्स' क्या है?

    बाप: तेरी माँ घर चलाती है उसे सरकार मान लो!

    मैं कमाता हूँ मुझे कर्मचारी मान लो

    कामवाली काम करती है उसे मजदूर मान लो!

    तुम देश की जनता!

    छोटे भाई को देश का भविष्य मान लो!

    बेटा: अब मुझे 'पॉलिटिक्स' समझ में आ गयी पापा!

    कल रात मैंने देखा की कर्मचारी मजदूर के साथ किचन में मज़े ले रहा था!

    सरकार सो रही थी!

    जनता की किसी को फ़िक्र नहीं थी और देश का भविष्य रो रहा था!
  • सब मर गए क्या!

    नेताओं से भरी एक बस जा रही थी अचानक बस सड़क से नीचे उतरकर खेत में एक पेड़ से जा टकराई!

    खेत मालिक दौड़ता हुआ आया सब कुछ देखकर उसने एक गढ्ढा खोदना शुरू किया और फिर उसमें नेताओं को दफना दिया!

    कुछ दिन बाद पुलिस को बस के एक्सीडेंट के बारे में पता लगा पुलिस ने किसान से पूछा कि सारे नेता कहां गए?

    रामू ने बताया कि उसने सभी को दफना दिया है पुलिस ने पूछा, सब मर गए थे क्या?

    रामू बोला, नही! कुछ कह रहे थे कि वे नही मरे, पर आप तो जानते ही हैं कि ये नेता झूठ कितना बोलते हैं!
  • स्वर्ग या नरक!

    एक नेता मरने के बाद यमपुरी पहुँच गया वहां यमराज ने उसका भव्य स्वागत किया, यमराज ने कहा इससे पहले कि मैं आपको स्वर्ग या नरक भेजूं पहले मैं चाहता हूँ कि आप दोनों जगहों का मुआयना कर लें कि आपके लिए कौन सी जगह ज्यादा अनुकूल होगी!

    यमराज ने यमदूत को बुलाया और कहा कि नेता जी को एक दिन के लिए नरक लेकर जाओ और फिर एक दिन स्वर्ग घुमा कर वापिस मेरे पास ले आना, यमदूत नेता को नरक में ले गया नेता तो नरक कि चकाचौंध देखकर हैरान रह गया चारों तरफ हरी भरी घास और बीच में गोल्फ खेलने का मैदान, नेता ने देखा उसके सभी दोस्त वहां घास के मैदानों में शांति से बैठे है और कुछ गोल्फ खेलने का आनंद ले रहे हैं, उन्होंने जब उसे देखा तो वे बहुत खुश हुए और सब उससे गले मिलने आ गए और, बीते हुए दिनों कि बातें करने लगे पूरा दिन उन्होंने साथ में गोल्फ खेला, और रात में शराब और मछली का आनंद लिया!

    अगले दिन यमदूत नेता को स्वर्ग लेकर गया जैसे ही वे स्वर्ग के द्वार पर पहुंचे स्वर्ग का दरवाजा खुला, नेता ने देखा रोशनी से भरा दरबार था स्वर्ग का! सभी लोगों के चेहरे पर असीम शांति कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहे थे, मधुर संगीत बज रहा था, कुछ लोग बादलों के ऊपर तैर रहे थे नेता ने देखा सभी लोग अपने अपने कार्यों में व्यस्त थे, नेता उन सब को गौर से देख रहा था नेता ने बड़ी मुश्किल से एक दिन काटा!

    सुबह जब यमदूत उसे लेकर यमराज के पास पहुंचा तो यमराज ने कहा हाँ तो नेताजी आपने अपना एक दिन नरक में गुजारा और एक स्वर्ग में, अब आप अपने लिए स्थान चुनिए जहाँ आप को भेजा जाये!

    नेता ने कहा वैसे तो स्वर्ग में बड़ा आनंद है, शांति है फिर भी वहां मेरे लिए समय काटना मुश्किल है, इसलिए आप मुझे नरक भेजिए वहां मेरे सभी साथी भी है, मैं वहां आनंद से रहूँगा यमराज ने उसे नरक भेज दिया!

    यमदूत उसे लेकर जैसे ही नरक पहुंचा तो वहां का दृश्य देखकर स्तब्द रह गया वो एक बिलकुल बंजर भूमि पर उतरा, जहाँ चारों ओर कूड़े करकट का ढेर लगा था, उसने देखा उसके सभी दोस्त फटे हुए गंदे कपड़ों में कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे, वो थोड़ा परेशान हुआ और तभी यमदूत ने डरावनी हंसी हँसते हुए कहा, नेताजी क्या हुआ?

    नेता ने कहा मुझे समझ नहीं आ रहा है कि कल जब मैं यहाँ आया था तो यहाँ घास के हरे भरे मैदान थे, और मेरे सभी दोस्त गोल्फ खेल रहे थे फिर हमने साथ बैठकर शराब पी और मछली खायी थी और हमने खूब मस्तियाँ की थी!

    आज यहाँ पर बंजर भूमि है, कूड़े करकट के ढेर है और मेरे दोस्तों का तो हाल ही बुरा है!

    यमदूत हल्की सी हंसी के साथ: नेताजी कल तो हम चुनाव प्रचार पर थे आज आपने हमारे पक्ष में मतदान किया है!
  • पत्र पर नाम!

    एक मंत्री को सुबह सुबह एक पत्र मिला जब उसने खोलकर देखा तो पत्र में केवल एक ही शब्द लिखा था 'मूर्ख' उसे थोड़ा सा बुरा लगा!

    अगली सुबह पत्रकार वार्ता में जब पत्रकारों ने पूछा कि आप को कल ऐसा पत्र मिला था, जिसमें केवल एक ही शब्द लिखा था 'मूर्ख' तो आप को कैसा लगा?

    तो मंत्री जी बोले देखिये! मैं बहुत से ऐसे लोगों को जानता हूँ, जो मुझे अक्सर पत्र भेजते हैं पर अपना नाम नहीं लिखते पर कल पहली बार मुझे ऐसा पत्र आया जिसमें किसी ने सिर्फ अपना नाम लिखा था और पत्र लिखना भूल गया!