• बीमा कंपनी!

    एक बीमा कंपनी के तीन सेल्समैन अपनी अपनी कंपनी की तेज सेवा के विषय में बातें कर रहे थे।

    पहला कहने लगा,"यार हमारी कंपनी की सर्विस इतनी तेज है कि जब हमारी कंपनी द्वारा बीमाकृत व्यक्ति की सोमवार को अचानक मृत्यु हो गयी, हमें इस बात का पता उसी शाम को चला और हमारी कंपनी ने बुधवार को ही मुआवजे की सारी रकम उनके घर पहुंचा दी।"

    दूसरा आदमी बोला,"अरे यार, जब हमारी कंपनी द्वारा बीमाकृत व्यक्ति मरा था तो, जैसे ही हमारी कंपनी को पता चला तो हमारी कंपनी ने उसी शाम को उनके घर जाकर मुआवजे की सारी रकम दे दी।"

    आखिरी सेल्समैन ने कहा,"अरे ये तो कुछ भी नही हमारा ऑफिस एक बिल्डिंग के 20वें माले पर है और उस बिल्डिंग में लगभग 70 मंजिलें है हमारी कंपनी का बीमाकृत व्यक्ति 70 वें माले पर खिड़की साफ़ कर रहा था उसका पैर फिसला और वह नीचे गिर गया। जब वह हमारे ऑफिस तक पहुंचा तो हमने उसके मुआवजे वाला चैक उसके हाथ में ही पकड़ा दिया।"
  • ऊपर वाले का संकेत!

    एक आदमी और एक औरत दोनों की कारों का आपस में ज़बरदस्त एक्सीडेंट हो जाता है। किस्मत से दोनों अपनी कारों से सही सलामत बाहर निकलते हैं।

    महिला कारों की तरफ हैरत से देखकर आदमी से बोलती है, "देखो हमारी कारों की क्या हालत हो गई है और हम दोनों को कुछ नहीं हुआ। लगता है ऊपर वाला हमें संकेत दे रहा है कि हम दोनों को दोस्त बन जाना चाहिए और एक दूसरे को दोष देने में नहीं उलझना चाहिए।"

    आदमी कहता है, "हाँ मैं बिलकुल सहमत हूँ।"

    महिला अपनी कार से सड़क पर लुढक कर आई एक बोतल की तरफ इशारा करके बोली, "देखो ये मेरी स्कॉच की बोतल भी टूटने से बच गई। ये भी उपरवाले का ही संकेत हो सकता है कि हमें इसे खोलकर इसी वक्त सेलिब्रेट करना चाहिए।"

    यह कहकर उसने अपनी गाड़ी की पिछली सीट से गिलास निकालकर उस आदमी को थमा दिया जो रज़ामंदी में मुंडी हिलाता हुआ अपने आप को आराम देने के लिए झटपट दोनों बोतल खाली कर गया। उसकी दूसरी बोतल खाली हुई ही थी कि महिला ने एक और बोतल खोल कर झट से उसके हाथ में रख दी।

    आदमी ने पूछा, "क्या हुआ तुमने तो एक घूँट भी नहीं लिया। किसका इंतज़ार कर रही हो?"

    महिला ने जवाब दिया, "नहीं, मैं बस पुलिस का इंतज़ार कर रही हूँ।"
  • बादशाह का प्यार!

    एक बार एक बादशाह को एक लड़की पसंद आ गयी। उस लड़की का बाप सुनार था, बादशाह ने सुनार को दरबार में आने के लिए बुलावा भेजा।

    चार दिन गुजरने के बाद भी सुनार बादशाह के दरबार में नहीं आया तो बादशाह ने सुनार को गिरफ्तार करने के लिए अपने सिपाही भेज दिए।

    जब सिपाही सुनार के घर पहुंचे तो घर को ताला लगा हुआ था। बादशाह ने सिपाहियों को हुक्म दिया कि सुनार को ढूँढो।

    सिपाहियों ने सुनार को हर जगह ढूँढा, लेकिन वो उनको कहीं नहीं मिला, फिर उन्होंने एक तरकीब निकाली और ऐलान किया कि जो भी सुनार को ढूँढने में मदद करेगा उसे एक किलो सोना दिया जाएगा, फिर भी सुनार नहीं मिला।

    फिर ऐलान किया गया कि जो भी सुनार को छुपने में मदद करेगा उसे फांसी पर चढ़ा दिया जाएगा, फिर भी सुनार नहीं मिला, और सिपाहियों का सुनार को ढूँढने में सारा वक़्त ऐसे ही बर्बाद हुआ जैसे आप का इस को पढने में हुआ.... जिस का कोई मतलब नहीं है।

    हँसना मत, गुस्सा भी मत करना मेरे साथ भी ऐसे ही हुआ था। आप भी किसी और के साथ ऐसा करके बदला ले सकते हैं।
  • नहले पे दहला!

    एक करोड़पति मर गया और स्वर्ग का दरवाजा खटखटाने लगा।

    देव: कौन हो तुम?

    करोड़पति: मैं धरती पर करोड़पति था। मुझे स्वर्ग में प्रवेश चाहिए।

    देव: स्वर्ग में रहने लायक तुमने कौन सा काम किया है?

    करोड़पति: एक बार मैंने एक भूखी भिखारिन को 10/- रूपये दिए थे। एक बार मेरी कार से टकराकर घायल हुए एक बच्चे को 100/- रुपये दिए थे।

    देव: और कुछ किया?

    करोड़पति: और कुछ तो याद नही आ रहा।

    देव (दूसरे देव से) भाई क्या करें इसका?

    दूसरे देव: इसके 110/- रूपये लौटाकर इसे नरक भेज दो।