• यह कैसा दहेज़?

    एक बार एक अमीर आदमी एक लड़की के प्यार में पड़ गया और हर हालत में उससे शादी करना चाहता था।

    एक दिन उसने लड़की के पिता के आगे शादी का प्रस्ताव रख दिया कि अगर आप अपनी बेटी की शादी मेरे साथ करवा दें तो मैं उसके वजन के बराबर आपको सोना दूंगा।

    यह सुनकर लड़की के पिता कुछ सोच में पड़ गए और सोचने के बाद बोले कि आप मुझे कुछ समय दीजिये।

    आदमी: कुछ दिन और, क्या आप कुछ और सोचना चाहते हैं?

    पिता: नहीं, सोचना तो कुछ नहीं बस मेरी बेटी का वजन थोडा बढ़ जाये!
  • मनोविज्ञान का प्रयोग!

    एक बार एक शिक्षक कक्षा में बच्चों को मनोविज्ञान का प्रयोग करके दिखा रहा होता है! प्रयोग की शुरुआत मैं वह एक चूहा लेता है और उसके एक तरफ केक और दूसरी तरफ एक चुहिया रख देता है, और बच्चों से कहता है;

    शिक्षक: बच्चों अब ध्यान से देखिएगा की यह चूहा केक की तरफ जाता है या चुहिया की तरफ?

    जैसे ही शिक्षक की बात ख़त्म होती है चूहा केक की तरफ जाता है और केक खा लेता है, उसके बाद शिक्षक फिर वही प्रयोग दोहराता है और केक की जगह रोटी रख देता है!

    इस बार फिर चूहा चुहिया की तरफ ना जा कर रोटी की तरफ जाता है और रोटी खाने लगता है, यह देख शिक्षक बच्चों से कहता है;

    शिक्षक: देखा बच्चों दोनों बार चूहा खाने की तरफ गया, तो इसका यह अभिप्राय है कि भूख ही सबसे बड़ी अभिप्रेरणा होती है!

    शिक्षक की बात सुन कक्षा में बैठा हुआ एक बच्चा उठा और शिक्षक से बोला;

    बच्चा: मास्टर जी आप ने दो बार खाने की चीजें बदली और दोनों ही बार चूहा खाने तरफ गया, एक बार ज़रा चुहिया भी बदल कर देख लेते!
  • रंग बदलती लड़कियां!

    एक बार एक लड़के की गर्लफ्रेंड ने उसे फ़ोन किया और उससे बोली, " हेल्लो जानू, मैं कल तुमसे मिलने नहीं आ सकती।"

    लड़का: पर क्यों?

    गर्लफ्रेंड: बस कुछ ज़रूरी काम है।

    लड़का: ओह! मैंने तो तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लिया हुआ था, चलो कोई बात नहीं मैं इसे वापस कर देता हूँ।

    गर्लफ्रेंड: अरे वापस करने की क्या ज़रूरत है, तुम इसे अपने पास रख लो मैं बाद में तुमसे ले लूंगी।

    लड़का: नहीं, इसे वापस ही करना पड़ेगा।

    गर्लफ्रेंड: मैं कल नहीं आ सकती पर क्या हम आज मिल सकते हैं?
  • वकील साहब आये हैं!

    एक बार एक पुजारी और वकील मर गए और दोनों स्वर्ग के दरवाजे पर खड़े हो गए, यमदूत ने उन दोनों को अन्दर भेजा और दोनों अन्दर चले गए।

    अन्दर एक और यमदूत खड़ा था जो उन दोनों को उनके कक्ष तक ले गया।

    पहले पुजारी को उसके कक्ष तक छोड़ा जो एक छोटा सा कमरा था जिसमें एक बिस्तर और छोटा सा डैस्क लगा था पुजारी ने यमदूत को धन्यवाद कहा और यमदूत वकील को लेकर उसके कक्ष कि तरफ चल पड़ा।

    जब वो दूसरे कक्ष के पास पहुँचा तो ये एक बहुत बड़ा कमरा था जिसमे डबल बेड, एक बड़ी अलमारी, किताबों से भरा हुआ रैक और एक सुन्दर औरत और भी बाकि सभी प्रकार की सुविधाओं से वो कमरा भरा हुआ था।

    वकील ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आया कि आपने पुजारी को एक छोटा सा कमरा दिया और मुझे सारी सुविधाओं से भरा ये इतना बड़ा कमरा?

    इस पर यमदूत बोला,"साहब हमारे पास यहाँ स्वर्ग में बहुत से पुजारी है पर वकील आप पहले हैं इसलिए।"