• आज - कल

    कुछ लोग जब रात को अचानक फोन का बैलेंस ख़त्म हो जाता है इतना परेशान हो जाते हैं कि जैसे सुबह तक वो इंसान जिंदा ही नहीं रहेगा जिससे बात करनी थी।

    कुछ लोग जब फ़ोन की बैटरी 1-2% हो तो चार्जर की तरफ ऐसे भागते है जैसे अपने फ़ोन कह रहे हों "तुझे कुछ नहीं होगा भाई, आँखे बंद मत करना मैं हूँ न सब ठीक हो जायेगा।"

    कुछ लोग अपने फोन में ऐसे पैटर्न लॉक लगाते हैं जैसे आई एस आई की सारी गुप्त फाइलें उनके फ़ोन में ही पड़ी हों।

    कुछ लोग जब आपसे बात कर रहे होते हैं तो बार बार अपने फ़ोन को जेब से निकालते हैं, लॉक खोलते हैं और वापस लॉक कर देते हैं। वास्तव में वे कुछ देखते नहीं हैं, बस ये जताते हैं कि वो जाना चाहते हैं।

    और अगर कभी गलती से फ़ोन किसी दूसरे दोस्त के यहाँ छूट जाए तो ऐसा महसूस होता हैं जैसे अपनी भोली-भाली गर्लफ्रेंड को शक्ति कपूर के पास छोड़ आये हों।
  • भगवान भरोसे!

    एक लड़की अपने होने वाले मंगेतर को अपने मम्मी पापा से मिलाने के लिए घर लेकर आयी, खाना खाने के बाद लड़की की माँ ने अपने पति से कहा,"कुछ लड़के के बारे में पता करो।"

    लड़की के पिता ने लड़के को अकेले में बुलाया और उससे बातचीत करने लगे।

    लड़की के पिता ने पूछा, "तो तुम्हारा प्लान क्या है?"

    लड़का: मैं रिसर्च स्कॉलर हूँ!!

    "रिसर्च स्कॉलर बहुत अच्छे तो तुम मेरी बेटी को एक सुन्दर सा घर कैसे दे पाओगे जिसकी उसे आदत है?", लड़की के पिता ने पूछा।

    लड़का: मैं पढ़ाई करूँगा और भगवान हमारी मदद करेंगे।

    लड़की का पिता: और तुम किस तरह उसके लिए सगाई कि अंगूठी खरीदोगे जिसके योग्य वो है?

    "मैं और ज्यादा ध्यान से पढ़ाई करूँगा बाकि भगवान हमारी मदद करेंगे", लड़के ने कहा।

    "और बच्चे उन्हें कैसे पालोगे?", लड़की के पिता ने कहा।

    लड़का:चिंता मत कीजिये सर भगवान कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेगा।

    और हर बार जितनी बार लड़की के पिता ने कुछ भी पूछा, तो लड़के ने कहा कि कोई न कोई रास्ता भगवान निकाल ही लेगा।

    बाद में लड़की की माँ ने लड़की के पिता से कहा, " ये सब कैसे होगा जी?"

    लड़की के पिता ने कहा, "पता नहीं, उसके पास न कोई नौकरी है न कोई प्लान पर अच्छी खबर ये है कि वो मुझे भगवान समझ रहा है।"
  • पॉलिटिक्स क्या है!

    बेटा: पापा 'पॉलिटिक्स' क्या है?

    बाप: तेरी माँ घर चलाती है उसे सरकार मान लो!

    मैं कमाता हूँ मुझे कर्मचारी मान लो

    कामवाली काम करती है उसे मजदूर मान लो!

    तुम देश की जनता!

    छोटे भाई को देश का भविष्य मान लो!

    बेटा: अब मुझे 'पॉलिटिक्स' समझ में आ गयी पापा!

    कल रात मैंने देखा की कर्मचारी मजदूर के साथ किचन में मज़े ले रहा था!

    सरकार सो रही थी!

    जनता की किसी को फ़िक्र नहीं थी और देश का भविष्य रो रहा था!
  • ऊपर वाले का संकेत!

    एक आदमी और एक औरत दोनों की कारों का आपस में ज़बरदस्त एक्सीडेंट हो जाता है। किस्मत से दोनों अपनी कारों से सही सलामत बाहर निकलते हैं।

    महिला कारों की तरफ हैरत से देखकर आदमी से बोलती है, "देखो हमारी कारों की क्या हालत हो गई है और हम दोनों को कुछ नहीं हुआ। लगता है ऊपर वाला हमें संकेत दे रहा है कि हम दोनों को दोस्त बन जाना चाहिए और एक दूसरे को दोष देने में नहीं उलझना चाहिए।"

    आदमी कहता है, "हाँ मैं बिलकुल सहमत हूँ।"

    महिला अपनी कार से सड़क पर लुढक कर आई एक बोतल की तरफ इशारा करके बोली, "देखो ये मेरी स्कॉच की बोतल भी टूटने से बच गई। ये भी उपरवाले का ही संकेत हो सकता है कि हमें इसे खोलकर इसी वक्त सेलिब्रेट करना चाहिए।"

    यह कहकर उसने अपनी गाड़ी की पिछली सीट से गिलास निकालकर उस आदमी को थमा दिया जो रज़ामंदी में मुंडी हिलाता हुआ अपने आप को आराम देने के लिए झटपट दोनों बोतल खाली कर गया। उसकी दूसरी बोतल खाली हुई ही थी कि महिला ने एक और बोतल खोल कर झट से उसके हाथ में रख दी।

    आदमी ने पूछा, "क्या हुआ तुमने तो एक घूँट भी नहीं लिया। किसका इंतज़ार कर रही हो?"

    महिला ने जवाब दिया, "नहीं, मैं बस पुलिस का इंतज़ार कर रही हूँ।"