• नेक सलाह!

    एक दिन बंटी अपने दोस्त पप्पू से सलाह लेने गया।

    बंटी: यार पप्पू,मैं तुमसे सलाह लेना चाहता हूँ।

    पप्पू: ज़रूर लो दोस्त, मुफ्त मिलेगी।

    बंटी: बात यह है कि मैं किसी लड़की से प्रेम करता हूँ और वो भी मुझे चाहती है। हम दोनों शादी करना चाहते है।

    पप्पू: यह तो अच्छी बात है इसमें दिक्कत क्या है?

    बंटी: मेरे पिता जी इस शादी के खिलाफ हैं।

    पप्पू: क्यों?

    बंटी: क्योंकि वो बहुत ग़रीब है और मेरे पिता जी मेरी शादी किसी विधवा से करना चाहते हैं जो कि बहुत अमीर है।

    पप्पू (कुछ सोचने के बाद): देखो दोस्त यह तुम्हारी ज़िन्दगी है। तुम वही करो जिससे तुम खुश रह सको। तुम अपनी प्रेमिका से शादी करने का पक्का फैंसला करो और अपने पिता जी को बता दो। मुझे विश्वास है कि वो तुम्हारी बात को समझ जायेंगे।

    बंटी: तुम ठीक कहते हो, मैं आज ही पिता जी से बात करता हूँ।

    पप्पू: और हाँ, उस विधवा का पता मुझे बता दो!
  • बुरी खबर या अच्छी खबर?

    एक बार पप्पू का परीक्षा परिणाम आया तो वह अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर अपने घर पहुंचा।

    संता: पप्पू तुम्हारा परीक्षा परिणाम आ क्या?

    पप्पू: जी पापा।

    संता: तो क्या रहा तुम्हारा परीक्षा परिणाम?

    पप्पू: पापा एक अच्छी खबर है और एक बुरी खबर है, अब आप बताइये पहले कौनसी बताऊँ?

    संता: पहले अच्छी खबर बता।

    पप्पू: जी मैं पास हो गया।

    संता: अरे वाह! और बुरी खबर क्या है?

    पप्पू: जी अच्छी खबर झूठी है।
  • गधे की औलाद!

    एक बार पप्पू एक अनजान नंबर से संता को कॉल करता।

    संता: हेल्लो।

    पप्पू: उल्लो, पुल्लो, कुल्लो।

    संता: कौन है बे?

    पप्पू: एक इंसान।

    संता: वो तो पता है, नाम बोल?

    पप्पू: मैं एक गंदा बच्चा हूँ।

    संता: तेरी तो ऐसी की तैसी, कहाँ रहता है तू?

    पप्पू: पृथ्वी पर।

    संता: वो तो पता है, फोन क्यों किया?

    पप्पू: तुझे परेशान करने के लिए।

    संता: रुक कम्बखत, अपने बाप को बुला, गधे की औलाद।

    पप्पू: हेल्लो पापा, मैं पप्पू।
  • क्‍लास का फूफा!

    कॉलेज में एक लड़की ने दाखिला लिया तो सारे लड़के-लड़कियों ने उसे चिढ़ाने के लिए बुआ कहना शुरू कर दिया।

    कुछ दिनों तक तो उस बेचारी ने सहन किया।

    अंत में उसने तंग आकर प्रिंसिपल से शिकायत कर दी।

    लड़की की बात सुन कर प्रिंसिपल को बड़ा क्रोध आया तो वह क्लास रूम में पहुंचे और बोले, "जो भी इसे बुआ कहता है वह तुरन्त खड़ा हो जाये।

    एक-एक करके सारी क्लास खड़ी हो गई।

    केवल पप्पू बैठा रहा तो प्रिंसिपल ने बड़ी हैरानी के साथ उस से पूछा, "क्यों पप्पू तुम क्यों बैठे हो?"

    क्या तुम इसे बुआ नहीं कहते?

    पप्पू ने ठंडी सांस भरकर कहा, "सर! मैं इस क्लास का फूफा हूं।"