• परीक्षा के दौरान!

    अध्यापिका पप्पू से: तुम इतने परेशान क्यों हो?

    पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।

    अध्यापिका: क्या हुआ, क्या तुम अपना पेन भूल आये हो?

    पप्पू फिर चुप।

    अध्यापिका ने फिर से सवाल किया: रोल नंबर भूल गए हो?

    पप्पू इस बार भी चुप।

    अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?

    पप्पू गुस्से से: ओये! चुप कर मेरी माँ, यहाँ मैं पर्ची गलत ले आया हूँ और तुझे पेन-पेंसिल और रोल नंबर की पड़ी हुई है।
  • फिर पांच!

    पप्पू: दादी मुझे नींद नहीं आ रही तो चलो हम बातें करते हैं।

    दादी: ठीक है।

    पप्पू: दादी क्या हम हमेशा 5 ही रहेंगे आप, माँ, पापा बहन और मैं?

    दादी: नहीं बेटा आपकी शादी हो जायेगी तो हम 6 हो जायेंगे।

    पप्पू: फिर बहन की शादी हो जायेगी और वो चली जायेगी तो हम फिर पांच हो जायेंगे।

    दादी: फिर आपका बेटा हो जायेगा तो हम फिर से 6 हो जायेंगे।

    पप्पू: दादी फिर आप मर जाओगी तो हम फिर से 5 हो जायेंगे।

    दादी: सो जा कम्बखत, कुत्ते मेरा दिमाग मत खा।
  • फर्क तो है!

    एक बार एक शिक्षक कक्षा में बच्चों को पड़ा रहा था।

    तभी अचानक उसके दिमाग में एक सवाल आया तो उसने पप्पू से पूछा," बेटा पप्पू एक बात बताओ कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर के कामों में क्या फर्क होता है?"

    पप्पू: मास्टर जी, अगर बस का कंडक्टर सो जाए तो किसी का टिकट नहीं कटेगा और अगर ड्राइवर सो जाए तो सबका टिकट कट जायेगा।
  • युद्ध और शांति!

    एक सामाजिक अध्ययन का अध्यापक कक्षा में 'युद्ध और शांति' विषय पर पढ़ा रहा था, जब चैप्टर समाप्त हुआ तो अध्यापक ने बच्चों से पूछा, "तो तुम में से कितने लोग हैं जो युद्ध का विरोध करते हैं?"

    सभी ने बिना किसी झिझक के हाथ उठा दिए।

    अध्यापक ने फिर पूछा, "आप में से कोई मुझे कारण देकर बता सकता है कि आप युद्ध का विरोध क्यों करते हैं?"

    कक्षा में सबसे पीछे बैठे हुए बच्चों ने सुस्ताते हुए अपने हाथ ऊपर उठाये और उन में से पप्पू खड़ा हो गया।

    पप्पू ने कहा सर मैं बताता हूँ, "मैं युद्ध पसंद नही करता क्योंकि युद्ध से इतिहास बनते है और मुझे इतिहास (विषय) बिल्कुल पसंद नही।"