• फौज में मौज है!

    फौज में मौज है;

    हजार रूपये रोज है;

    थोड़ा सा गम है;

    इसके लिए भी रम है;

    ज़िंदगी थोड़ी रिस्की है;

    इसके लिए तो व्हिस्की है;

    खानें के बाद फ्रुट है;

    मरनें के बाद सैलूट है;

    पहनने के लिए ड्रैस है;

    ड्रैस में जरूरी प्रेस है;

    सुवह-सुबह पी.टी है;

    वॉर्निंग के लिए सीटी है;

    चलने के लिए रूट है;

    पहनने के लिए D.M.S बूट है;

    खाने के लिए रिफ्रैशमेंन्ट है;

    गलती करो तो पनिशमेंट है;

    जीते-जी टेंशन है;

    मरने के बाद पेंशन है।
  • पप्पू की होशियारी!

    टीचर: नेपोलियन की मृत्यु किस लड़ाई में हुई?

    पप्पू: उसकी आखिरी लड़ाई में।

    टीचर: स्वतंत्रता की घोषणा पर कहाँ हस्ताक्षर किये गए?

    पप्पू: किताब के पृष्ठ के आखिर में।

    टीचर: तलाक का मुख्य कारण क्या होता है?

    पप्पू: शादी।

    टीचर: असफल होने का मुख्य कारण क्या है?

    पप्पू: परीक्षा।

    टीचर: आप ब्रेकफास्ट में क्या नही खा सकते?

    पप्पू: लंच और डिनर।

    टीचर: आधे सेब की तरह क्या दिखता है?

    पप्पू: दूसरा आधा सेब।

    टीचर: अगर आप नीले समुंद्र में लाल पत्थर फेंकेंगे तो ये कैसा हो जायेगा?

    पप्पू: यह गीला हो जायेगा।

    टीचर: कोई आदमी आठ दिन तक बिना सोये कैसे रह सकता है?

    पप्पू: कोई समस्या नही है, वह रात को सो जायेगा।

    टीचर: तुम एक हाथी को एक हाथ से कैसे उठा सकते हो?

    पप्पू: आपको ऐसा हाथी ही नही मिलेगा जिसका एक ही हाथ हो।

    टीचर: अगर एक दीवार को आठ आदमी दस घंटे में बनाते है तो चार आदमी को इस दीवार को बनाने में कितना समय लगेगा?

    पप्पू: थोड़ा भी नही, क्योंकि दीवार तो पहले ही बन चुकी है।
  • गाली की परिभाषा!

    एक प्रोफेसर हिंदी की कक्षा में "गाली" की परिभाषा बताओ:

    पप्पू: अत्याधिक क्रोध आने पर शारीरिक रूप से हिंसा ना करते हुए, मौखिक रूप से की गयी हिंसात्मक कार्यवाही के लिए चुने हुए शब्दों का समूह, जिसके उचारण के पश्चात मन को असीम शांति का अनुभव होता है उसे हम "गाली" कहते हैं।

    प्रोफेसर: आपके चरण कहा है प्रभु!
  • दिवाली का इतिहास (पंजाबी में)!

    यकीन मानिये पंजाबी भाषा से कुछ भी हो सकता है!

    टीचर पप्पू से: 'दिवाली' के बारे कुछ बताओ?

    पप्पू: ये है 'दिवाली' का इतिहास, इक वार इक मुण्डा सी। उसदा नाम हैप्पी सी। ओ अपने कन्ना विच वालियाँ पांन्दा सी। इक दिन उस दी वाली गुम गई। उसने बहुत लब्बी पर नही मिली पर थोड़ी देर बाद किसी होर मुंडे नू उस दी वाली मिल गई। लोक्का ने उस तो पूछया कि एह की है? ताँ उसने कहा कि एह 'हैप्पी दी वाली' है।

    बस उस दिन तो सारे 'हैप्पी दिवाली' मनान लग पए।