• खुराफाती पप्पू!

    एक बार मास्टर जी अपनी क्लास के बच्चो से पूछने लगे, "बच्चो जिस तरह 20 - 20 क्रिकेट आने से क्रिकेट देखने का मजा बढ़ गया, उसी तरह तुम्हारी परीक्षा लेने का तरीका किस तरह से रोमांचक बनाया जा सकता है?"

    जब कोई नहीँ बोला तो पप्पू इस सवाल का जवाब देने के लिए खड़ा हो गया।

    मास्टर जी उसके खुराफाती दिमाग को जानते थे। आँखें तरेरी पर फिर भी न चाहते हुए बोले, "जल्दी से बता।"

    पप्पू गंभीर होकर बोला, "मास्टर जी हमारा पेपर एक घंटा 20 मिनट का होना चाहिए। हर बीस मिनट के बाद छात्रों को आपस मेँ बात करने के लिए के लिए दो मिनट का "Time Off " मिलना चाहिए।

    बच्चों को एक "Free Hit" मिलनी चाहिए, जिसमेँ बच्चे किसी भी एक सवाल का अपनी मर्जी से उत्तर लिख सकेँ।

    पहले 20 मिनट मेँ "Power Play" होना चाहिए जिसमे ड्यूटी वाला मास्टर कमरे से बाहर रहे।

    और हर एक सही उत्तर लिखने पर "Cheer Leaders" आकर कमरे मेँ डांस करेँ।"
  • रामायण और पप्पू!

    अध्यापक कक्षा में रामायण के इतिहास के बारे में बता रहे थे।

    अध्यापक: बच्चों रामचंद्र ने समुन्द्र पर पुल बनाने का निर्णय लिया।

    पप्पू: सर मैं कुछ कहना चाहता हूँ।

    अध्यापक: कहो बेटा।

    पप्पू: रामचन्द्र का पुल बनाने का निर्णय गलत था।

    अध्यापक: कैसे?

    पप्पू: सर उनके पास हनुमान थे जो उड़कर लंका जा सकते थे तो उनको पुल बनाने की कोई जरुरत ही नही थी।

    अध्यापक: हनुमान ही तो उड़ना जानते थे बाकी रीछ और वानर तो नही उड़ते थे।

    पप्पू: सर वो हनुमान की पीठ पर बैठकर जा सकते थे। जब हनुमान पूरा पहाड़ उठाकर ले जा सकते थे तो वानर सेना को भी तो उठाकर ले जा सकते थे।

    अध्यापक: भगवान की लीला पर सवाल नही उठाया करते।

    पप्पू: वैसे सर एक उपाय और था।

    अध्यापक: क्या?

    पप्पू: सर हनुमान अपने आकार को कितना भी छोटा बड़ा कर सकते थे जैसे सुरसा के मुँह से निकलने के लिए छोटे हो गए थे और सूर्य को मुँह में देते समय सूर्य से बड़े तो वो अपने आकार को भी तो समुन्द्र की चौड़ाई से बड़ा कर सकते थे और समुन्द्र के ऊपर लेट जाते। सारे बंदर हनुमान जी की पीठ से गुजरकर लंका पहुँच जाते और रामचंद्र को भी समुन्द्र की अनुनय विनय करने की जरुरत नही पड़ती। वैसे सर एक बात और पूछूँ?

    अध्यापक: पूछो।

    पप्पू: सर सुना है समुन्द्र पर पुल बनाते समय वानरों ने पत्थर पर राम राम लिखा था जिससे पत्थर पानी पर तैरने लगे थे।

    अध्यापक: हाँ तो ये सही है।

    पप्पू: सवाल ये है बन्दर भालुओं को पढ़ना लिखना किसने सिखाया था?

    अध्यापक: हरामखोर बंद कर अपनी बकवास और मुर्गा बन जा।
  • शैतान पप्पू!

    एक बार एक एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि पप्पू घर के दरवाज़े पर लगी घंटी बजाने कि कोशिश कर रहा होता परन्तु उसका हाथ घंटी तक नहीं पहुँच पा रहा होता है, यह देख बुज़ुर्ग आदमी पप्पू के पास गया और उस से पूछा, "क्या हुआ बेटा?"

    पप्पू: कुछ नहीं मुझे यह घंटी बजानी है पर मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा तो क्या आप मेरे लिए ये घंटी बजा देंगे?

    यह सुन बूढ़ा आदमी तुरंत हाँ कर देता है और घंटी बजा देता है, और घंटी बजाने के बाद पप्पू से पूछता है, "और बताओ बेटा क्या मै तुम्हारे लिए कुछ और कर सकता हूँ?"

    यह सुन पप्पू बोला, "हाँ अब मेरे साथ भाग बुढ्ढे वरना तू भी पिटेगा अगर मकान का मालिक बाहर आ गया तो।"
  • होशियार पप्पू!

    पप्पू: टीचर, May I Go to Washroom?

    टीचर गुस्से में, "हिंदी नहीं आती? हिंदी की क्लास में जो भी बात करनी है हिंदी में किया करो।

    पप्पू: जी, पेशाब कर आएं?

    टीचर: ठीक है जाओ।

    दूसरे दिन अंग्रेजी की क्लास में।

    पप्पू: जी, पेशाब कर आएं?

    टीचर गुस्से में, "अंग्रेजी में नहीं बोल सकते, जब अंग्रेजी की क्लास हो तो हर बात अंग्रेजी में ही पूछोगे... समझे?

    पप्पू: ओके टीचर, May I Go to Washroom?

    टीचर: ओके।

    पप्पू ने सीख ले ली कि अब वो किसी टीचर को शिकायत का मौक़ा नहीं देगा और तीसरे दिन संगीत की क्लास में सुसु आने पर टीचर से बोला।
    "टीचर, याई रे, याई रे, जोर से सुसू आई रे।"