• परीक्षा के दौरान!

    अध्यापिका पप्पू से: तुम इतने परेशान क्यों हो?

    पप्पू ने कोई जवाब नहीं दिया।

    अध्यापिका: क्या हुआ, क्या तुम अपना पेन भूल आये हो?

    पप्पू फिर चुप।

    अध्यापिका ने फिर से सवाल किया: रोल नंबर भूल गए हो?

    पप्पू इस बार भी चुप।

    अध्यापिका फिर से: हुआ क्या है, कुछ तो बताओ क्या भूल गए?

    पप्पू गुस्से से: ओये! चुप कर मेरी माँ, यहाँ मैं पर्ची गलत ले आया हूँ और तुझे पेन-पेंसिल और रोल नंबर की पड़ी हुई है।
  • टीचर के सवाल पप्पू के जवाब!

    टीचर: टीपू सुल्‍तान की मृत्‍यु किस युद्ध में हुई थी?
    पप्पू: उनके आखिरी युद्ध में।

    टीचर: गंगा किस स्‍टेट में बहती है?
    पप्पू: लिक्विड स्‍टेट में।

    टीचर: महात्‍मा गांधी का जन्‍म कब हुआ था?
    पप्पू: उनके जन्‍मदिन के दिन।

    टीचर: 15 अगस्‍त को क्‍या होता है?
    पप्पू: 15 अगस्‍त।

    टीचर: 6 लोगों के बीच 8 आम कैसे बांटे?
    पप्पू: मैंगो शेक बनाकर।

    टीचर: तलाक का प्रमुख कारण क्या है?
    पप्पू: शादी।

    टीचर: भारत में पूरे साल सबसे ज्यादा बर्फ कहाँ गिरती है?
    पप्पू: दारू के गिलास में।

    टीचर अभी भी कोमा है।
  • युद्ध और शांति!

    एक सामाजिक अध्ययन का अध्यापक कक्षा में 'युद्ध और शांति' विषय पर पढ़ा रहा था, जब चैप्टर समाप्त हुआ तो अध्यापक ने बच्चों से पूछा, "तो तुम में से कितने लोग हैं जो युद्ध का विरोध करते हैं?"

    सभी ने बिना किसी झिझक के हाथ उठा दिए।

    अध्यापक ने फिर पूछा, "आप में से कोई मुझे कारण देकर बता सकता है कि आप युद्ध का विरोध क्यों करते हैं?"

    कक्षा में सबसे पीछे बैठे हुए बच्चों ने सुस्ताते हुए अपने हाथ ऊपर उठाये और उन में से पप्पू खड़ा हो गया।

    पप्पू ने कहा सर मैं बताता हूँ, "मैं युद्ध पसंद नही करता क्योंकि युद्ध से इतिहास बनते है और मुझे इतिहास (विषय) बिल्कुल पसंद नही।"
  • कहानी की सीख!

    एक बार एक शिक्षक महोदय महान वैज्ञानिक न्यूटन के बारे में बता रहे थे।

    शिक्षक: बच्चों क्या आप जानते हो एक बार न्यूटन बगीचे में बैठा हुआ था कि तभी एक सेब उसके सिर पर आकर गिरा। और तब उसने गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज की। तो अब आप बताओ की इस घटना से आपको क्या सिख मिलती है?

    शिक्षक की बात सुन कर किसी बच्चे ने हाथ नहीं उठाया बस हमेशा की तरह पप्पू ने हाथ उठा दिया।

    शिक्षक: हाँ बेटा पप्पू बताओ।

    पप्पू: बात बिलकुल साफ है मास्टर जी कि अगर न्यूटन बगीचे न बैठकर कक्षा में बैठा होता, जैसे कि हम लोग बैठे हुए हैं, तो किसी चीज की भी खोज न कर पाता।