• कहानी की सीख!

    एक बार एक शिक्षक महोदय महान वैज्ञानिक न्यूटन के बारे में बता रहे थे।

    शिक्षक: बच्चों क्या आप जानते हो एक बार न्यूटन बगीचे में बैठा हुआ था कि तभी एक सेब उसके सिर पर आकर गिरा। और तब उसने गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज की। तो अब आप बताओ की इस घटना से आपको क्या सिख मिलती है?

    शिक्षक की बात सुन कर किसी बच्चे ने हाथ नहीं उठाया बस हमेशा की तरह पप्पू ने हाथ उठा दिया।

    शिक्षक: हाँ बेटा पप्पू बताओ।

    पप्पू: बात बिलकुल साफ है मास्टर जी कि अगर न्यूटन बगीचे न बैठकर कक्षा में बैठा होता, जैसे कि हम लोग बैठे हुए हैं, तो किसी चीज की भी खोज न कर पाता।
  • रामायण और पप्पू!

    अध्यापक कक्षा में रामायण के इतिहास के बारे में बता रहे थे।

    अध्यापक: बच्चों रामचंद्र ने समुन्द्र पर पुल बनाने का निर्णय लिया।

    पप्पू: सर मैं कुछ कहना चाहता हूँ।

    अध्यापक: कहो बेटा।

    पप्पू: रामचन्द्र का पुल बनाने का निर्णय गलत था।

    अध्यापक: कैसे?

    पप्पू: सर उनके पास हनुमान थे जो उड़कर लंका जा सकते थे तो उनको पुल बनाने की कोई जरुरत ही नही थी।

    अध्यापक: हनुमान ही तो उड़ना जानते थे बाकी रीछ और वानर तो नही उड़ते थे।

    पप्पू: सर वो हनुमान की पीठ पर बैठकर जा सकते थे। जब हनुमान पूरा पहाड़ उठाकर ले जा सकते थे तो वानर सेना को भी तो उठाकर ले जा सकते थे।

    अध्यापक: भगवान की लीला पर सवाल नही उठाया करते।

    पप्पू: वैसे सर एक उपाय और था।

    अध्यापक: क्या?

    पप्पू: सर हनुमान अपने आकार को कितना भी छोटा बड़ा कर सकते थे जैसे सुरसा के मुँह से निकलने के लिए छोटे हो गए थे और सूर्य को मुँह में देते समय सूर्य से बड़े तो वो अपने आकार को भी तो समुन्द्र की चौड़ाई से बड़ा कर सकते थे और समुन्द्र के ऊपर लेट जाते। सारे बंदर हनुमान जी की पीठ से गुजरकर लंका पहुँच जाते और रामचंद्र को भी समुन्द्र की अनुनय विनय करने की जरुरत नही पड़ती। वैसे सर एक बात और पूछूँ?

    अध्यापक: पूछो।

    पप्पू: सर सुना है समुन्द्र पर पुल बनाते समय वानरों ने पत्थर पर राम राम लिखा था जिससे पत्थर पानी पर तैरने लगे थे।

    अध्यापक: हाँ तो ये सही है।

    पप्पू: सवाल ये है बन्दर भालुओं को पढ़ना लिखना किसने सिखाया था?

    अध्यापक: हरामखोर बंद कर अपनी बकवास और मुर्गा बन जा।
  • युद्ध और शांति!

    एक सामाजिक अध्ययन का अध्यापक कक्षा में 'युद्ध और शांति' विषय पर पढ़ा रहा था, जब चैप्टर समाप्त हुआ तो अध्यापक ने बच्चों से पूछा, "तो तुम में से कितने लोग हैं जो युद्ध का विरोध करते हैं?"

    सभी ने बिना किसी झिझक के हाथ उठा दिए।

    अध्यापक ने फिर पूछा, "आप में से कोई मुझे कारण देकर बता सकता है कि आप युद्ध का विरोध क्यों करते हैं?"

    कक्षा में सबसे पीछे बैठे हुए बच्चों ने सुस्ताते हुए अपने हाथ ऊपर उठाये और उन में से पप्पू खड़ा हो गया।

    पप्पू ने कहा सर मैं बताता हूँ, "मैं युद्ध पसंद नही करता क्योंकि युद्ध से इतिहास बनते है और मुझे इतिहास (विषय) बिल्कुल पसंद नही।"
  • पप्पू की प्रेमकथा!

    पप्पू अपने दोस्त बंटी से अपनी नयी बनी गर्लफ्रेंड की तारीफ़ कर रहा था।

    पप्पू: कसम से इस बार जो गर्लफ्रेंड बनायी है बहुत मस्त है, पहले वाली तीनो से ज्यादा मस्त।

    बंटी: अच्छा वो कैसे?

    पप्पू: देख मेरी पहली वाली गर्लफ्रेंड दिल्ली से थी एक बार उसको जब मैंने टेडी बियर गिफ्ट किया तो वो बोली, " ओ माइ गोड वाऊ सो क्यूट।"

    बंटी: दूसरी वाली?

    पप्पू: वो लुधियाना से थी, जब उसको मैंने टेडीबियर गिफ्ट किया तो वो बोली, " ओ जी रब दी सौ किन्ना सोना टेडी है।

    बंटी: और तीसरी वाली?

    पप्पू: वो लखनऊ से थी जब उसको टेडी दिया तो वो बोली, " या अल्लाह! कितना खूबसूरत तोहफा है।"

    बंटी: और जो अब है?

    पप्पू: वो हरियाणा से है जब मैंने उसको टेडी दिया तो बोलती, "रे बावड़ी पूँछ ! यो के दे दिया भालू शा।