• सब फ़िल्मी है!

    एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

    Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

    ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

    Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

    ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

    Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

    ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

    Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

    ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

    Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

    ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

    Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

    ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

    Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

    ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे
  • कहाँ तक की पढाई?

    एक बै शगाई आले लड़का देखण आ रे थे।

    लड़की के बाप ने लड़के के दादा ते पुछेया: चौधरी शाब, छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै?

    ताऊ: भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै।

    "सौ जमात? न्यूं किक्कर चौधरी?"

    "भाई आठ जमात तै म्हारे गाम के श्कूल (Middle School) में पाश करी। फेर बड्डे श्कूल (High School) में दस जमात (Matric) पाश करी। अठारह जमातां तो यो हो गी।"

    "ओर बाकी?"

    "भाई रे, बाकी ब्याशी (B.Sc) जमातां उसनै हिशार के जाट कालेज ते पाश करी। न्यू हो गया पूरा सैंकड़ा।"
  • हरियाणवी मेट्रो!

    मेट्रो हरियाणा में प्रवेश करने जा रही है तो फिर Anouncement भी हरियाणवी में होनी चाहिए। कैसी होगी Announcement:

    🔹आगला टेसन बहादुरगढ़ "सै, किवाड ओले हाथ नै, खुल्लैंगे, गाड्डी में तै सुथरी ढाल उतरियो अर उतरती हाण एक-दुसरे कै ख्स्सन की कोय जरुत ना है।

    🔹गाड्डी में जो भी माणस होक्का-बीड़ी पींता पाया, तो पकड़ के तोड्या जागा, कदै पाछै न्यू कहो अक बताई ना थी।

    🔹खागडां तै निवेदन है बडे-बूढ्ढ्यां नै अर बालक आली बीरबानियां ताईं सीट छोड दें।

    🔹चालती गाड्ड़ी की सूध में पहलडा डिब्बा लुगाईयां ताईं है, मलंग भिरड के छत्ते की ढाल उडै ना मंडरावैं।

    🔹गाड्डी में चोर-डाकुवां तै चौकस रहियो ।
  • जाट से होशियारी मंहगी!

    एक जाट के पड़ोस में बनिया रहता था। बनिया की बीवी गुजर गई। जाट ने सोचा बनिया के पास बहुत पैसे हैं, कुछ आमदनी की जाये।

    जाट छाती पीटता हुआ बनिये के घर जा कर रोते हुए कहने लगा, "मेरा तुम्हारी बीवी से बहुत प्यार था। मैं उसके बिना कैसे जीऊंगा, मुझे भी इसके साथ जला आओ।"

    बनिया हाथ जोड़ कर बोला, "चौधरी दूर- दूर से रिस्तेदार आने वाले हैं। ऐसे मत कर। बहुत बेइज्जती होगी।"

    जाट: ठीक है, एक लाख रुपए दे दे, मैं चुपचाप चला जाऊंगा।

    बनिये ने एक लाख रुपए दे दिए और जाट खुशी खुशी अपने घर चला गया।

    कुछ दिन बाद जाट की घरवाली मर गई। बनिये ने सोचा अब मौका आया है जाट से ब्याज समेत पैसे वापिस लाऊंगा।

    बनिया रोता हुआ जाट के घर जा कर बोला, "मेरा और तुम्हारी घरवाली का बहुत प्यार था। मैं भी इसके साथ मरूंगा, मने भी इसके साथ फूँक आओ।"

    यह सुनकर जाट अपने लड़कों से बोला, "छोरो, थारी माँ कहे तो करै थी कि मेरा एक बनिये तै प्यार है। अच्छा तो ये ही है वो बनिया, फूँक आओ इस ने भी अपनी माँ के साथ।"

    बनिया: चौधरी माफ कर दे। मैं तो मजाक कर रहा था।

    जाट: ठीक है, दो लाख रुपये ले आ, वरना लड़के तनै फूकण नै तैयार खड़े हैं।