• पडोसी की बीवी!

    एक बार सिंधी की बीवी अपने घर पर नहा रही थी तो पठान ने चुपके से उसे देख लिया।

    अगले दिन सिंधी जब पठान से मिला तो पठान बोला, "मैंने कल तुम्हारी बेगम को नहाते हुए देखा।"

    सिंधी को यह सुन बहुत गुस्सा आया और उसने भी बदला लेने की ठान ली।

    शाम को सिंधी ने देखा कि पठान के कमरे के परदे उठे हुए हैं और कमरे में सेक्स हो रहा था।

    अगले दिन सिंधी पठान से बोला, "तुमने तो मेरी बीवी को नहाते हुए देखा था ना, मैंने तो कल तुम दोनों को सेक्स करते देखा।"

    पठान हँसते हँसते बोला, "चल साले झूठे, कल रात को तो मैं घर पर ही नहीं था।"
  • कुछ तो लेकर ही जाऊंगा!

    सिंधी के घर के बाहर पठान ने आवाज लगाई।

    अंदर से सिंधी सिर्फ तौलिया लपेटे बाहर आया और हाथ जोडकर बोला, "बाबा 5 साल से आप मैरे घर भिक्षा मांगने आ रहे हैं और मैंने बिना कुछ दिये आपको कभी नही लौटाया, पर आज मेरे पास कुछ नही है। रात को डाकू आये और मेरे जीवन भर की कमाई ले गये। यहाँ तक कि बदन पे कपडे भी नही छोडे। अब मैं नंगा आपको क्या दूँ और खुद क्या खाऊँ?"

    यह कहते हुए सिंधी रोने लगा।

    यह देख पठान की आँख मे भी आँसू आ गये। पठान ने सिंधी के सिर पर हाथ रखा और बोला, "रो मत बेटा, सब ऊपर वाले की मर्जी है। पगले अब दुख मत कर नंगा है तो क्या हुआ? चल अंदर आज गांड ही दे दे।"
  • पठान की चालाकी!

    एक डॉक्टर पठान के पीछे ब्लेड लेकर भाग रहा था और चिल्ला रहा था, "ठहर जा बहन के लोड़े, तेरी माँ चोद दूंगा, रूक साले कमीने, एक बार हाथ लग जा तेरे को जान से मार दूँगा।"

    यह सुन कर कुछ लोगो ने डॉक्टर को पकड़ा और पूछा, "भाई साहब हुआ क्या है, क्यों उसको मारने पर तुले हो?"

    डॉक्टर गुस्से से बोला, "ये साला भोसड़ी का हरामी, पिछली 4 बार से ऐसा ही कर रहा है, नसबंदी करवाने आता है और झाँटे कटवा कर भाग जाता है।"
  • पठान की चाहत!

    एक बार पठान का समंदर में सफर कर था कि समंदर में आये एक भयानक तूफ़ान के कारण उसका जहाज़ टूट गया और वो एक टापू पर पहुँच गया। टापू पर पहुँचने पर उसने देखा कि टापू पर एक भेड़ और एक कुत्ता भी थे। तीनो की आपस में गहरी दोस्ती हो गयी।

    तीनो अपना ज्यादा समय इकठे ही बिताते। शाम को सूर्यास्त का नज़ारा देखते। एक दिन सूर्यास्त के समय पठान का मन सेक्स करने का हो गया लेकिन उसे वहां कोई ना दिखा तो उसने भेड़ को अपनी बाहों में ले लिया।

    यह देख कुत्ता चौकना हो गया। उसने जल्दी से भेड़ को पठान से छुड़वाया और पठान पर भौंकने लगा। पठान समझ गया कि कुत्ता भेड़ को बचाना चाहता है।

    फिर उसके बाद वो रोज़ घूमने जाते पर पठान भेड़ से दूर ही रहने लगा।

    अचानक एक दिन वहाँ एक और तूफ़ान आया जिसमे एक बेहद खूबसूरत लड़की उस टापू पर पहुँच गयी। जिसे देख पठान बहुत ही खुश हुआ पर तूफ़ान की वजह से लड़की की हालत बहुत खराब थी। पठान ने उसकी खूब सेवा की और उसे दिनों में ही तंदरुस्त कर दिया।

    जब लड़की ठीक हुई तो वो पठान से बहुत खुश हुई और उससे बोली, "मैं तुमसे बहुत खुश हूँ, तुमने मुझे नया जीवन दिया है। तुम जो चाहो मैं तुम्हारे लिए वो कर सकती हूँ।"

    पठान यह सुन बहुत खुश हुआ और लड़की को अपनी बाहों में लेकर उसके कान में फुसफुसाया, "क्या तुम इस कुत्ते को थोड़ी देर के लिए घुमाने ले जा सकती हो?"
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