• फंस गया पठान!

    पठान एक बार में गया और एक पैग का आर्डर दिया और अपने सिर पर हाथ रख कर बैठ गया।

    जब वेटर वापस आया तो उसने देखा कि पठान नीचे मुंह करके कुछ बडबडा रहा है और निराशा से अपना सिर हिला रहा है।

    "अरे पठान साहब,क्या हो गया?" वेटर ने पूछा।

    पठान: मैं बुरी मुसीबत में फंस गया हूँ ,मैं आज पडोसी के साथ सेक्स करता हुआ पकड़ा गया।

    "ओह! किसने पकड़ा तुम्हे तुम्हारी पत्नी ने या उसके पति ने?" वेटर ने पूछा।

    पठान बोला, "उसकी पत्नी ने।"
  • शराब का सुरूर!

    एक बार एक बादशाह ने अपने राज्य में एलान करवा दिया कि जो भी आदमी तीन ड्रम शराब पीकर, एक शेर के दाँत तोड़ेगा और एक लड़की के साथ तब तक सेक्स करेगा जब तक वो बेहोश न हो जाये, उसे मुँह माँगा इनाम दिया जायेगा।

    एलान सुन कर दूर-दूर से बहुत सारे लोग आये लेकिन हर कोई एक या दो ड्रम शराब पीने के बाद ही चित हो जाते।
    अंत में एक पठान भी आया। पठान ने तीन ड्रम शराब पी और शेर के पिंजरे में घुस गया।

    बहुत देर के बाद पठान पिंजरे से बाहर आया और बोला, "कहाँ है वो लड़की जिसके दांत तोड़ने हैं?"
  • ऐसे पकड़ते हैं लालटेन!

    पठान की सुहागरात पर लाइट नहीं थी।

    पठान अपने नौकर से बोला, "तू लालटेन पकड़ मैं सेक्स करता हूँ।"

    नौकर ने लालटेन पकड़ी और पठान सेक्स करने लगा। थोड़ी देर बाद पठान बीवी से पूछा, "मज़ा आया?"

    बीवी: नहीं

    पठान ने दोबारा सेक्स करना शुरू किया और फिर बीवी से पूछा, "मज़ा आया?"

    बीवी: नहीं।

    पठान ने नौकर से कहा, "यह लालटेन मुझे पकड़ा दो और तुम कोशिश करो।"

    नौकर ने लालटेन पठान को दी और शुरू हो गया।

    जब नौकर काम ख़त्म करके हटा तो पठान ने बीवी से पूछा, "अब मज़ा आया?"

    बीवी: हाँ बहुत मज़ा आया।

    पठान ने नौकर को ज़ोर से थप्पड़ मारा और बोला, "देख साले, ऐसे पकड़ते हैं लालटेन!"
  • जान बची तो लाखों पाये!

    पठान बहुत ही आशावादी था। हर बात पर कहता था, "ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।"

    उसके सारे दोस्त उसकी इस बात से बहुत परेशान थे। एक दिन उन सब ने मिलकर एक कहानी बनायी जिससे ज्यादा बुरा होना मुश्किल था।

    पठान का एक दोस्त ग़मगीन सा चेहरा बना कर बोला, "यार, कल तो बहुत ही बुरा हुआ।"

    पठान: क्यों क्या हुआ?

    दोस्त: यार कल मेरा पडोसी जब घर लौटा तो उसकी बीवी किसी गैर मर्द के साथ रंगरलियां मना रही थी। यह देख कर मेरे पडोसी ने गुस्से में आकर दोनों को गोलियों से भून दिया और फिर खुद को भी गोली मार ली।

    पठान: ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।

    दोस्त (चिढ कर): इससे बुरा क्या हो सकता था?

    पठान: अगर यह किस्सा परसों का होता तो मरने वालों में एक नाम मेरा होता!