• घर की याद!

    एक बार पठान काम के सिलसिले में लगभग 2 महीने तक घर से बाहर गया हुआ था। वह एक कोठे पर गया और कोठे वाली औरत के टेबल पर 1000 रुपये रख कर बोला, "मुझे सबसे बदसूरत औरत और चाय चाहिए।"

    कोठे वाली औरत: इतने पैसों में तो आप सबसे खूबसूरत लड़की और साथ में शराब का मज़ा ले सकते हैं।

    पठान: पर मुझे सेक्स की तलब नहीं है, मुझे तो सिर्फ घर की याद आ रही है।
  • पठान की शानपट्टी!

    एक बार पठान बार में बैठा शराब पी रहा था। तभी वहाँ एक बहुत ही खूबसूरत सी लड़की आई। पठान चाह कर भी उससे नजर न हटा सका। यह देख लड़की सीधे पठान के पास आ गयी। इससे पहले कि पठान कुछ बोल पाता, लड़की बोली, "मैं 500 रुपये में कुछ भी करुँगी। जो तुम चाहो, बस एक शर्त है कि तुम्हें मुझे सिर्फ 6 शब्दों में बताना होगा कि मुझे क्या करना है।"

    पठान ने थोड़ी देर सोचा और फिर अपनी जेब में से 100-100 के पांच नोट निकाल कर लड़की के हाथ में रखे और बोला, "मेरे घर को पेंट कर दो।"
  • दोस्ती में दरार!

    शादी के बाद एक बार पठान का एक दोस्त उसके घर उस से मिलने आता है।

    पठान और उसकी बीवी की खातिरदारी देख कर दोस्त ने रात को वहीं रुकने का फैसला किया तो पठान ने उसका पलंग बाहर बरामदे में लगा दिया। यह देख दोस्त को बहुत बुरा लगा और उसने पठान से कहा, "तू खुद अन्दर आराम से सोयेगा और मुझे यहाँ बाहर सुला रहा है, लगता है दोस्ती में दरार आ गई है।"

    पठान: ओ यार, समझा कर, अब मेरी शादी हो गई है।

    पर दोस्त पठान की बात से संतुष्ट नहीं हुआ तो हार कर पठान ने उसका अपने कमरे में रखे सोफे पर सोने का बंदोबस्त कर दिया।

    आधी रात के करीब दोस्त उठा और पठान से बोला, "यार मुझे यहाँ सोफे पर भी नींद नहीं आ रही। मैं भी पलंग पर ही सोऊँगा।"

    पठान: यह कैसे हो सकता है? पलंग पर तो मैं अपनी पत्नी के साथ सो रहा हूँ।

    पर दोस्त फिर भी नहीं मानता और पठान से कहता है, "दोस्त तू बदल गया है, लगता है दोस्ती में दरार आ गई है।"

    दोस्त की यह बात सुन कर पठान को थोड़ा बुरा लगता है परंतु वह फिर भी उसे अपने साथ अपने पलंग पर अपनी दाईं ओर सुला लेता है और खुद उसके और अपनी पत्नी के बीच में सो जाता है।

    कुछ देर बाद दोस्त फिर उठता है और पठान से कहता है, "मुझे पलंग के किनारे पर नींद नहीं आ रही क्योंकि मुझे डर लग रहा है कि कहीं मैं गिर ना जाऊँ इसीलिए मैं तो बीच में सोऊँगा।"

    पठान: ऐसे कैसे हो सकता है दूसरी तरफ मेरी बीवी सो रही है, तू बीच में कैसे सो सकता है?

    दोस्त: मैं ना कहता था तू बदल गया है तुझे अब मुझ पर भरोसा ही नहीं रहा, देखा आ गई ना दोस्ती में दरार।

    पठान फिर उसकी बात मान लेता है और उसे अपने और अपनी पत्नी के बीच में सुला लेता है।

    अगले दिन सुबह जब दोस्त सो के उठा तो पठान से बोला, "यार तेरी बीवी तो बड़ी चालू है सारी रात मेरा लंड पकड़ कर सोती रही।"

    पठान: साले, वो मेरी बीवी नहीं, मैं था। मैं तेरा लंड पकड़ कर सो रहा था।

    दोस्त: ऐसा क्यों?

    पठान: क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करता तो सच में दोस्ती में दरार आ जाती।
  • बात का मतलब समझो!

    पठान रात को घर आया तो उसकी बीवी ने उसको एक खुशखबरी सुनाई की वो 1 महीना ऊपर हो गयी है और वो पेट से है। उसने पठान से कहा कि अभी यह बात किसी को मत बताना जब तक डॉक्टर की पुष्टि ना हो जाये।

    अगले दिन पठान की बीवी को बिजली विभाग से फ़ोन आया।

    फ़ोन करने वाला: मैडम आप को पता है आप का 1 महीने से ऊपर हो गया है?

    पठान की बीवी हैरान हो गयी और बोली, "तुम्हें कैसे पता?"

    फ़ोन करने वाला: मैडम ये हमारी कंप्यूटर की फाइलों में है।

    पठान की बीवी: ये तुम क्या कह रहे हो? यह सब तुम्हारे कंप्यूटर में है।

    फ़ोन करने वाला: जी हाँ हमारे पास ऐसा सिस्टम है जिस से ये पता लग जाता है कि किस का 1 महीने से ऊपर हो गया है।

    पठान की बीवी के होश उड़ गए।

    फ़ोन करने वाला: मैडम मैंने तो आप को सिर्फ बताना था बाकी आप की मर्ज़ी।

    पठान की बीवी: मुझे पता है, मै रात को अपने पति से बात करुँगी वो ही आप से बात करेंगे।

    रात को पठान को बात पता चली और वो सुबह बिजली विभाग पहुँच गया और रिसेप्शनिस्ट से लड़ पड़ा।

    पठान: यहाँ क्या हो रहा है? आप के कंप्यूटर मे है कि मेरी बीवी का 1 महीने से ऊपर हो गया है।

    रिसेप्शनिस्ट बोली: आप चिंता मत करें, सब ठीक हो जायेगा। आप हमें पैसे दे दें।

    पठान: और अगर मै पैसे ना दूँ तो?

    रिसेप्शनिस्ट: उस केस मे हमारे पास आप का काटने के इलावा और कोई रास्ता नहीं है।

    पठान: अगर आप काट दोगे तो हम क्या करेंगे?

    रिसेप्शनिस्ट: आप चाहे तो दूसरों की सर्विस ले सकते है या फिर मोमबती से काम चला लीजियेगा।