• फ़ालतू की दिमागपच्ची!

    एक बार पठान बीमार हो गया तो वो डॉक्टर के पास गया।

    डॉक्टर: तबियत कैसी है?

    पठान: पहले से ज्यादा खराब है।

    डॉक्टर: दवाई खा ली थी?

    पठान: खाली नहीं भरी हुई थी।

    डॉक्टर: मेरा मतलब दवाई ले ली थी?

    पठान; जी आप ही से तो ली थी।

    डॉक्टर: मैं पूछ रहा हूँ दवाई पी ली थी क्या?

    पठान: नहीं जी दवाई तो नीली थी।

    डॉक्टर: अबे मेरा मतलब दवाई को पी लिया था क्या?

    पठान: अरे डॉक्टर साहब, पीलिया तो मुझे था।

    डॉक्टर: अबे भोसड़ी के दवाई को खोल कर मुंह में रख लिया था क्या?

    पठान: पर आपने तो कहा था की फ्रिज में रखना।

    डॉक्टर: अबे चूतिये, मार खायेगा क्या?

    पठान: नहीं जी दवाई खाऊंगा।

    डॉक्टर: चल निकल साले यहाँ से।

    पठान: फिर कब आऊं?
  • ​जैसे तुम कहो!

    एक बार संता पठान के घर गया। पठान, उसकी बीवी और संता सब टेबल पर बैठे खाना खा रहे थे कि अचानक संता ने अपने पैरों में कुछ हरकत महसूस की। संता ने टेबल के नीचे देखा तो पठान की बीवी संता को छेड़ रही थी।

    संता ने पठान की बीवी की तरफ देखा तो वो संता को इशारा कर के रसोई में चली गयी।

    संता ने भी बहाना बनाया और रसोई में चला गया।

    रसोई में पठान की बीवी ने संता से पूछा, "क्या हुआ? क्या समझे?"

    संता: वही जो तुम चाहती हो।

    पठान की बीवी: तो फिर क्या इरादा है?

    संता: जैसे तुम कहो।

    पठान की बीवी: 10,000 रुपये लगेंगे।

    संता ने कुछ देर सोचा और बोला, "ठीक है, मैं कल आऊंगा।"

    अगले दिन संता पैसे लेकर आया और उसने जमकर पठान की बीवी की चुदाई की।

    शाम को जब पठान वापिस घर लौटा तो उसने बीवी से पूछा, "संता आया था क्या?"

    बीवी पहले तो यह सुनकर घबरा गयी कि कहीं पठान को पता तो नहीं लग गया फिर थोड़ी हिम्मत करके बोली, "जी हाँ, आया था।"

    पठान: चलो अच्छा है, दरसल वो मुझ से सुबह 10,000 रुपये ले गया था और बोल रहा था की शाम तक भाभी जी को घर पर दे जाऊंगा।"
  • जान बची तो लाखों पाये!

    पठान बहुत ही आशावादी था। हर बात पर कहता था, "ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।"

    उसके सारे दोस्त उसकी इस बात से बहुत परेशान थे। एक दिन उन सब ने मिलकर एक कहानी बनायी जिससे ज्यादा बुरा होना मुश्किल था।

    पठान का एक दोस्त ग़मगीन सा चेहरा बना कर बोला, "यार, कल तो बहुत ही बुरा हुआ।"

    पठान: क्यों क्या हुआ?

    दोस्त: यार कल मेरा पडोसी जब घर लौटा तो उसकी बीवी किसी गैर मर्द के साथ रंगरलियां मना रही थी। यह देख कर मेरे पडोसी ने गुस्से में आकर दोनों को गोलियों से भून दिया और फिर खुद को भी गोली मार ली।

    पठान: ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।

    दोस्त (चिढ कर): इससे बुरा क्या हो सकता था?

    पठान: अगर यह किस्सा परसों का होता तो मरने वालों में एक नाम मेरा होता!
  • पठान की मुसीबत!

    एक बार एक पठान बड़ा दुखी होकर डॉक्टर के पास गया।

    डॉक्टर: क्या हुआ, इतने दुखी क्यों हो?

    पठान: डॉक्टर साहब, कोई सस्ता तरीका बताओ कि मेरी बीवी प्रेग्नेंट ना हो?

    डॉक्टर: तुम नसबंदी करवा लो।

    पठान: नहीं महंगा है।

    डॉक्टर: बीवी को iPill ले दो।

    पठान: नहीं यह भी महंगा है।

    डॉक्टर: तो सबसे सस्ता है कि कंडोम ले लो।

    पठान: नहीं कंडोम भी महंगा है।

    डॉक्टर: तो साले बीवी को चोदना बंद कर।

    पठान: यह तरीका तो 5 साल से इस्तेमाल कर रहा हूँ फिर भी बीवी प्रेग्नेंट हो जाती है।