• पप्पू सब जानता है!

    अध्यापक कक्षा में, "तो बच्चो, आज हम यौन शिक्षा के बारे में बात करेंगे। सबसे पहले मैं बताऊँगा कि मनाव प्रजनन कैसे..."

    तभी पप्पू ने हाथ खड़ा किया, वो अपने अध्यापक का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाह रहा था।

    अध्यापक ने सोचा कि स्कूल के बच्चे को इसके बारे में क्या पता होगा। उसने पप्पू को नजर अंदाज़ कर दिया।

    अध्यापक बोलने लगा, "हाँ तो मैं कह रहा था कि एक पुरुष और एक महिला..."

    लेकिन पप्पू ने फिर से बेताबी से हाथ हिलाना शुरू कर दिया।

    अध्यापक ने फिर पप्पू को नजर अंदाज़ कर दिया। एक आदमी और एक औरत की शादी..

    पप्पू बेचैनी से पैरों को जमीन पर पटकने लगा तो आखिर अध्यापक ने पप्पू से पूछ ही लिया, "हाँ पप्पू, बोलो तुम क्या कहना चाहते हो?"

    पप्पू खड़ा होकर बोला, "सर, मैं तो यह पूछना चाह रहा हूँ कि जिन्हें चुदाई करनी आती है वे इस क्लास को छोड़ सकते हैं?"
  • दूर की सोच!

    एक दिन क्लास में टीचर ने कहा, "बच्चो मैं एक अक्षर बोलूंगी तो तुम्हें मुझे एक शब्द बताना होगा।"

    सबसे पहले टीचर ने अक्षर बोला, 'ग'।

    पप्पू और बाकी बच्चों ने हाथ उठाया पर टीचर ने पप्पू की ओर यह सोच कर ध्यान नही दिया कि कुछ उल्टा ही बोलेगा तो उसने किसी दुसरे बच्चे को खड़ा कर के पूछा।

    बच्चा: गमला।

    टीचर: बहुत खूब।

    फिर टीचर ने अक्षर बोला, 'ल'।

    फिर पप्पू और बच्चों ने हाथ उठाया पर टीचर ने फिर पप्पू की ओर यह सोच कर ध्यान नही दिया कि कुछ उल्टा ही बोलेगा तो उसने किसी दुसरे बच्चे को खड़ा कर के पूछा।

    बच्चा: लड्डू।

    टीचर: बहुत खूब।

    टीचर ने अब दोबारा अक्षर बोला 'स'।

    फिर पप्पू और बच्चों ने हाथ उठाया। टीचर को 'स' से कोई उल्टा शब्द नहीं सूझा तो उसने पप्पू को खड़ा कर लिया।

    पप्पू: साले चूतिये!
  • सोच-सोच का फर्क!

    कक्षा में टीचर बच्चों से, "बच्चों मैं तुमसे सवाल पूछूंगी और तुम लोग मुझे उसका जवाब देना।"

    टीचर ने पहला सवाल पूछा, "वो क्या चीज़ है, जो लाल है और गोल है?"

    सभी बच्चों ने हाथ खड़े किये। पप्पू ने भी हाथ उठाया पर टीचर ने पप्पू की ओर ध्यान न देते हुए दूसरे बच्चे को जवाब देने को कहा।

    बच्चा: टीचर यह आलू-बुखारा है।

    टीचर: नहीं यह सेब है, पर जो तुमने सोचा वो भी सही है।

    टीचर ने फिर सवाल पूछा, "वो क्या है जो गोल है और हरा है?"

    फिर सब बच्चों के साथ पप्पू ने हाथ उठाया, लेकिन टीचर ने पप्पू की ओर फिर ध्यान नहीं दिया और किसी दूसरे बच्चे से जवाब देने के लिए कहा।

    बच्चा: टीचर यह कीवी है।

    टीचर: नहीं यह अमरुद है, पर जो तुमने सोचा वो भी सही है।

    आखिरकार पप्पू ने खुद ही टीचर से सवाल कर लिया।

    पप्पू: टीचर वो क्या है जो सख्त है, उसका सिर गोल है, मेरे पास वो एक है?

    टीचर(गुस्से से): पप्पू, यह क्या बदतमीज़ी है? कैसी गंदी-गंदी बातें कर रहे हो?

    पप्पू: टीचर मैं तो माचिस की बात कर रहा हूँ पर जो आप सोच रही हैं वो भी सही है।
  • हर चीज़ सोडा नहीं होती!

    पप्पू और उसकी गर्लफ्रेंड गाड़ी में बैठे बातें कर रहे थे। बातें करते-करते पप्पू थोड़ा रोमांटिक हो गया पर गर्लफ्रेंड का रोमांस का कोई इरादा नहीं था तो पप्पू ने कहा, "चलो तुम अपने हाथ से मुझे खुश कर दो।"

    गर्लफ्रेंड: हाथ से कैसे, क्या करना होगा मुझे?

    पप्पू: याद है बचपन में जैसे सोडा की बोतल को हिलाते थे और बाद में उसे एक दूसरे पर स्प्रे करते थे। बस वैसे ही करना है।

    गर्लफ्रेंड: ठीक है।

    पप्पू ने अपना लंड निकाला और अपनी गर्लफ्रेंड के हाथ में दे दिया। गर्लफ्रेंड ने उसे हाथ में पकड़ा और हिलाना शुरू कर दिया। दो मिनट बाद पप्पू की आँखों में आँसू निकल आये, पूरा बदन पसीने से लथपथ हो गया।

    गर्लफ्रेंड: क्या हुआ? तुम रो क्यों रहे हो?

    पप्पू(चिल्लाते हुए): साली अपना अंगूठा हटा ऊपर से।
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT