• सोच-सोच का फर्क!

    कक्षा में टीचर बच्चों से, "बच्चों मैं तुमसे सवाल पूछूंगी और तुम लोग मुझे उसका जवाब देना।"

    टीचर ने पहला सवाल पूछा, "वो क्या चीज़ है, जो लाल है और गोल है?"

    सभी बच्चों ने हाथ खड़े किये। पप्पू ने भी हाथ उठाया पर टीचर ने पप्पू की ओर ध्यान न देते हुए दूसरे बच्चे को जवाब देने को कहा।

    बच्चा: टीचर यह आलू-बुखारा है।

    टीचर: नहीं यह सेब है, पर जो तुमने सोचा वो भी सही है।

    टीचर ने फिर सवाल पूछा, "वो क्या है जो गोल है और हरा है?"

    फिर सब बच्चों के साथ पप्पू ने हाथ उठाया, लेकिन टीचर ने पप्पू की ओर फिर ध्यान नहीं दिया और किसी दूसरे बच्चे से जवाब देने के लिए कहा।

    बच्चा: टीचर यह कीवी है।

    टीचर: नहीं यह अमरुद है, पर जो तुमने सोचा वो भी सही है।

    आखिरकार पप्पू ने खुद ही टीचर से सवाल कर लिया।

    पप्पू: टीचर वो क्या है जो सख्त है, उसका सिर गोल है, मेरे पास वो एक है?

    टीचर(गुस्से से): पप्पू, यह क्या बदतमीज़ी है? कैसी गंदी-गंदी बातें कर रहे हो?

    पप्पू: टीचर मैं तो माचिस की बात कर रहा हूँ पर जो आप सोच रही हैं वो भी सही है।
  • हर चीज़ सोडा नहीं होती!

    पप्पू और उसकी गर्लफ्रेंड गाड़ी में बैठे बातें कर रहे थे। बातें करते-करते पप्पू थोड़ा रोमांटिक हो गया पर गर्लफ्रेंड का रोमांस का कोई इरादा नहीं था तो पप्पू ने कहा, "चलो तुम अपने हाथ से मुझे खुश कर दो।"

    गर्लफ्रेंड: हाथ से कैसे, क्या करना होगा मुझे?

    पप्पू: याद है बचपन में जैसे सोडा की बोतल को हिलाते थे और बाद में उसे एक दूसरे पर स्प्रे करते थे। बस वैसे ही करना है।

    गर्लफ्रेंड: ठीक है।

    पप्पू ने अपना लंड निकाला और अपनी गर्लफ्रेंड के हाथ में दे दिया। गर्लफ्रेंड ने उसे हाथ में पकड़ा और हिलाना शुरू कर दिया। दो मिनट बाद पप्पू की आँखों में आँसू निकल आये, पूरा बदन पसीने से लथपथ हो गया।

    गर्लफ्रेंड: क्या हुआ? तुम रो क्यों रहे हो?

    पप्पू(चिल्लाते हुए): साली अपना अंगूठा हटा ऊपर से।
  • फिल्म का राज़!

    पप्पू जब एक दिन घर बहुत देर से पहुँचा तो जीतो ने डांटते हुए उससे पूछा, "तू इतनी रात तक कहाँ था?"

    पप्पू: माँ, वो मैं साथ वाले बंता अंकल के घर पर टी.वी. देख रहा था।

    जीतो: ओये झूठ मत बोल, उनके घर का दरवाज़ा तो रात को 8 बजे ही बंद हो जाता है फिर तू कैसे टी.वी. देख रहा था?

    पप्पू: मैंने तो उनकी खिड़की में से सारी फिल्म देखी। फिल्म में एक लड़की थी जो अपने कमरे में बैठी हुई थी, तभी हीरो आता है और उसका हाथ पकड़ लेता है और फिर उसको चूमना शुरू करता है और बेड पर लिटा लेता है।

    इतने में संता कमरे में आया और एक जोर का थप्पड़ पप्पू को मारा।

    जीतो: ओ जी, क्या हुआ, क्यों मारा आपने बच्चे को? फिल्म की कहानी ही तो बता रहा था।

    संता: नालायक, पता नहीं क्या-क्या देखता रहता है, बंता के घर तो टीवी ही नहीं है!
  • कुछ कामों में वक्त तो लगता ही है!

    संता ने ठेकेदारी का नया काम शुरू कर लिया और हर काम जल्दी-जल्दी निपटाने लगा। एक दिन जब संता घर आया तो पप्पू उसके पास आया और बोला, "पिताजी मुझे एक भाई चाहिये।"

    संता: कोई बात नहीं, बस 9 महीने इंतज़ार कर लो, तुम्हें एक भाई भी मिल जायेगा।

    पप्पू: नहीं मुझे तो अभी चाहिए।

    संता: बेटा, ऐसा कैसे हो सकता है? हर काम में थोड़ा समय तो लगता ही है न और इस काम में तो 9 महीने पक्का ही लगेंगे।

    पप्पू: आप के लिए यह मुश्किल थोड़ा है। आप तो अब ठेकेदार हो, बस 8-10 आदमी लगा दो इस काम पर फिर तो यह काम जल्दी हो जायेगा।