• अंदाज़-ए- गुफ्तगू!

    लड़कों और लड़कियों के बात करने में क्या फर्क होता है?

    लड़की: यहाँ क्या कर रहे हो?

    लड़का: यहाँ क्या माँ चुदा रहा है।

    लड़की: मैंने आपको क्या कहा?

    लड़का: मैंने कौन सी तेरी गांड मार ली।

    लड़की: आप इतनी तेज़ क्यों चल रहे हो?

    लड़का: तेरी गांड में आग लगी है क्या?

    लकड़ा: वो टीचर की इज्जत करता है।

    लड़का: ये तो टीचर की गांड में घुसा रहता है।

    लड़की: उस लड़की का चरित्र अच्छा नहीं है।

    लड़का: ये तो रांड है।

    लड़की: तुम तो बहुत ही मूर्ख हो।

    लड़का: तू तो लौड़ू है।

    लड़की: डर लग रहा है।

    लड़का: गांड फट रही है।

    लड़की: मजे मत लो प्लीज़।

    लड़का: ऊँगली मत कर भोसड़ी के।

    लड़की: आज तो घर वालों से डांट पड़ेगी।

    लड़का: आज तो लौड़े लग गए बहन चोद।
  • शायराना इश्क!

    एक बार संता एक लड़की के घर के चक्कर लगा रहा होता है की तभी लड़की अपने घर से बाहर निकल कर आ जाती है यह देख संता उस से कहता है, " क्या तुम मुझसे शादी करोगी?"

    लड़की: नहीं।

    संता: पर क्यों।

    लड़की: क्योंकि मैंने सोचा है कि मैं एक शायर से ही शादी करुँगी।

    यह सुन संता जवाब देता है, " अरे तो मैं भी तो शायर ही हूँ।"

    लड़की: मैं कैसे मान लूँ? अगर तुम सच में शायर हो तो कुछ सुनाओ।

    संता: इतनी हिम्मत करके आया हूँ तेरे दर आ करीब आ मेरी ज़िन्दगी सुधार दे; इतनी हिम्मत करके आया हूँ तेरे दर आ करीब आ मेरी ज़िन्दगी सुधार दे; चूत नहीं देनी तो कोई बात नहीं कम से कम मुट्ठ ही मार दे!

    संता की शायरी सुन कर लड़की का पारा सातवे आसमान पर पहुँच जाता है पर फिर भी वह कहती है," तुम्हारी शायरी सुन कर मेरा भी मन कर रहा है की मैं तुम्हारे प्रस्ताव का जवाब शायराना अंदाज़ में ही दूँ।"

    संता: हाँ हाँ क्यों नहीं।

    लड़की: तू मेरी गली से गुजरा तो तुझे चौबारा नज़र आया; तू मेरी गली से गुजरा तो तुझे चौबारा नज़र आया; गांड फाड़ दूंगी भोंसड़ी के जो दोबारा नज़र आया!
  • नो बीवी, सिर्फ टी.वी!

    पठान बिस्तर पर अपनी बीवी के पास गया और अहिस्ता से अपना हाथ सलमा की कमर के गिर्द घुमाया।

    फिर नीचे टांगो की तरफ, फिर टांगे खोलकर बीच में घुमाया।

    फिर हल्का-हल्का हाथ फेरता हुआ ऊपर सीने तक गया और रुक गया।

    सलमा तड़प कर बोली,"रुक क्यों गये करो ना।"

    पठान: "मिल गया टी.वी (TV) का रिमोट, तुम सो जाओ, समझी।"

    हैप्पी क्रिकेट सीजन, नो बीवी, सिर्फ टी.वी!
  • गुरु का सम्मान!

    एक बार एक बच्चा अपने मास्टर जी के लिए दूध लेकर आया।

    बच्चा: मास्टर जी मैं आपके लिए दूध लाया हूँ पी लीजिये।

    मास्टरजी दूध पीने के बाद," वाह बेटा बड़ा स्वादिष्ट दूध था कहाँ से लाया?"

    बच्चा: घर पर ही पडा था मास्टर जी बिल्ली मुंह मार गयी थी तो सोचा आपको ही पिला दूँ।

    मास्टर गुस्से में बोला,"तेरी माँ का लौड़ा भोंसड़ी के", और यह कहकर मास्टर ने दूध का डिब्बा फेंक दिया।

    बच्चा गुस्से में, " बहन के लोडे मास्टर डिब्बा क्यों फेंका? मादरचोद सुबह हमको इसे लेकर टट्टी भी जाना होता है।