• आदमी कभी नहीं सुधर सकते!

    एक मिस्त्री डॉक्टर के पास अपनी चोट दिखाने आया।

    डॉक्टर: चोट कैसे लग गई?

    मिस्त्री: जी मैं एक इमारत पर सीढ़ी लगाकर मुरम्मत कर रहा था। सामने वाली इमारत में एक सुंदर सी लड़की नहा रही थी कि अचानक सीढ़ी गिर पड़ी और मुझे चोट लग गई।

    डॉक्टर: हाय, सीढ़ी को भी उसी समय गिरना था।

    मिस्त्री: जनाब! अगर एक सीढ़ी पर दस आदमी चढ़े होंगे तो सीढ़ी गिरेगी नहीं तो क्या होगा!
  • बुरा मान गयी!

    हम ने जुर्रत जो दिखाई तो बुरा मान गयी;
    हद हर एक मिटाई तो बुरा मान गयी;
    खुद ही कहती थी कोई तालुक ना रखो;
    कोई दूसरी फंसाई तो बुरा मान गयी;
    खुद ही कहती थी कि छू कर मुझे सोना कर दो;
    हमने मम्मे दबाये तो बुरा मान गयी;
    कहती थी हमें कि लॉलीपॉप पसंद है;
    हमने लुल्ली जो दिखाई तो बुरा मान गयी;
    ठोकने के लिए उसको हमने खटिया बिछा दी;
    बस इसी बात का बुरा मान गयी;
    खुद ही बोली कि कली से फूल मुझे बना दो;
    हमने जब कर दी चुदाई तो बुरा मान गयी!;
  • आदतें कहाँ बदलती हैं!

    एक बार एक बेचारा लड़का बहुत ही परेशान था क्योंकि उस बेचारे का खड़ा नहीं होता था। जिस वजह से काफी मायूस रहता था। एक दिन वो अपनी परेशानी से तंग आकर डॉक्टर के पास चला गया। डॉक्टर ने उसका मुआयना किया। मुआयना करने के बाद डॉक्टर ने उसे बताया कि तुम्हारे औज़ार के आस-पास की नसें कमज़ोर हो गयी हैं जिस वजह से यह खड़ा नहीं हो पाता।

    यह सुन कर लड़का बहुत उदास हो गया।

    उसकी उदासी को देख कर डॉक्टर ने उसे कहा कि तुम्हारी समस्या को दूर करने के लिए हम एक कोशिश कर सकते हैं?

    लड़के ने तुरंत पूछा, "क्या करना होगा?"

    डॉक्टर: हम तुम्हारे औज़ार में हाथी की सूंढ़ की कुछ नसें लगा देते हैं पर इस बात की कोई गरंटी नहीं कि यह कोशिश कामयाब रहे।

    लड़के ने थोड़ी देर सोचा कि उसके पास खोने के लिए तो कुछ नहीं है तो यह कोशिश कर सकते हैं।

    लड़के ने हाथी की सूंढ़ की नसें लगवाने के लिए हामी भर दी।

    डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया और लड़का वहां से चला गया।

    कुछ दिनों बाद लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को लेकर रेस्टोरेंट में गया और मन ही मन अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने के बारे में सोचने लगा। सोचते-सोचते लड़के का खड़ा हो गया और बड़ा होने लगा इतना बड़ा की लड़के को अपनी पैंट की ज़िप खोलनी पड़ी। जैसे ही लड़के ने ज़िप खोली तो लड़के का औज़ार हाथी की सूंढ़ की तरह नीचे से टेबल के ऊपर आया और रोल उठा कर वापिस पैंट में चला गया।

    यह देख गर्लफ्रेंड खुश होकर बोली कि क्या तुम ऐसा दोबारा कर सकते हो?

    लड़का भारी सी आवाज़ में बोला, "हाँ शायद पर पता नहीं कि मैं दूसरा रोल अपनी गांड में ले पाउँगा या नहीं!"
  • आज का कुविचार!

    महिलाओं का मस्तिष्क

    20% ज्वेलरी।

    20% शॉपिंग।

    20% पैसा।

    20% मस्ती।

    10% किचन का ध्यान रखना।

    10% ठुकवाना।

    आदमियों का मस्तिष्क

    97% ठोकना।

    1% कैसे।

    1% किसको।

    1% कहाँ?