• शक्की पति!

    एक शक्की पति ने अपनी पत्नी को फ़ोन किया।

    पति: कहाँ हो?

    पत्नी: घर पर।

    पति: अच्छा तो फिर मिक्सी चलाओ।

    पत्नी ने मिक्सी चला दी पति ने आवाज़ सुनी और फ़ोन काट दिया।

    अगले दिन पति ने फिर फ़ोन किया और पूछा कि कहाँ हो?

    पत्नी ने फिर जवाब दिया कि घर पर और पति ने उसे मिक्सी चलाने के लिए कहा।

    पत्नी ने मिक्सी चला दी।

    अब ऐसा कई दिनों तक चलता रहा, एक दिन पति घर आया तो देखा कि पत्नी घर पर नहीं है।
    उसने नौकरानी से पूछा कि मालकिन कहाँ है?

    नौकरानी ने जवाब दिया कि मालकिन तो रोज़ इस समय बाहर चली जाती हैं, पर साहब एक बात नहीं समझ आयी कि वो रोज़ साथ में मिक्सी क्यों लेकर जाती हैं!
  • लंड का घमंड!

    सो रहा था एक रोज़ लंड, रख कर टट्टों पर अपना सिर;

    पास से हुआ चूत का गुज़र, लंड ने देखा उसे उठा कर सिर;

    लंड ने पूछा जा रही हो किधर, अगर वक़्त हो तो ज़रा आ जा इधर;

    चूत ने कहा अजी मुझे माफ़ कीजिये, पहले जो मुंह से टपक रहा है उसे साफ़ कीजिये;

    लंड ने जो यह सुना तो वो गया बिगड़, फिर जो कुछ न होना था वो हो गया उधर;

    चोद कर चूत को लंड सो गया फिर;

    देख कर यह चूत बोली लंड से चुद जाने के बाद;

    बात ही नहीं करते जनाब अपना मतलब निकल जाने के बाद!
  • संता बना शेख चिल्ली!

    एक बार संता को कहीं जाना था। दरवाजा खोला तो देखा हल्की बारिश हो रही है। जाना पैदल है और बारिश बढ़ भी सकती है।

    सोचने लगा कि क्या करूँ फिर ख्याल आया कि,"पास के मिश्रा जी के घर से छाता ले लूँगा।"

    छाता लेने के लिए उनके घर की ओर चल पड़ा तो रास्ते में सोचने लगा कि,"हो सकता है मिश्रा जी घर पर न हों कोई बात नहीं भाभी जी तो इस समय घर पे ही होंगी। वैसे अच्छी औरत है पर क्या भरोसा मना कर दे।"

    अरे नहीं सात बज रहे हैं मिश्रा जी अभी घर पे ही होंगे। आदमी सही है पर मूड का कुछ कह नहीं सकते खुश है तो खुश नहीं तो फिर बस।

    अरे पर मैंने क्या करना है उसके मूड का एक छाता ही तो मांग रहा हूँ कोई जायदाद थोड़ी न मांग ली।

    वैसे भी मना नहीं करेंगे।

    कितनी बार मेरा स्कूटर मांग के ले गए हैं मैंने तो कभी मना नहीं किया, पर इंसान का क्या पता मना ना करे कोई बहाना ही बना दे।

    एक छाते के लिए बहानेबाजी,छि!! इंसान अपना वक़्त कितनी जल्दी भूल जाता है।

    ये तो अच्छी बात नहीं है। मैं भी चुप रहने वाला नहीं हूँ। होगा मिश्रा अपने घर का साला एहसान फरामोश।

    गुस्से में संता ने मुठियाँ भींच ली।

    छाता न हुआ कोई बड़ी चीज़ हो गयी। मुझे क्या चुतिया समझा है बहनचोद, नहीं देना है तो न दे। पर ये न सोच लेना की कोई हम गिरे हुए है। एक छाता नहीं खरीद सकते।

    सोचते-सोचते मिश्रा जी का घर आ गया।

    संता ने डोर बेल बजायी।

    मिश्रा जी लुंगी पहने हुए बाहर निकले, "अरे आईये आईये संता जी!"

    संता गुस्से से एकदम लाल सामने आया घुमा के मिश्रा जी के नाक पे एक घूंसा जमाया और बोला: "गांड में डाल ले अपना छाता। बहनचोद!"
  • पति-पत्नी और जिन्न!

    एक नवविवाहित युवक अपनी पत्नी को अपनी पसंदीदा जगहों की सैर करा रहा था, सो वह पत्नी को उस स्टेडियम में भी ले गया, जहां वह क्रिकेट खेला करता था।

    अचानक वह पत्नी से बोला, "क्यों न तुम भी बल्ले पर अपना हाथ आज़माकर देखो, हो सकता है तुम अच्छा खेल पाओ और मुझे अभ्यास के लिए एक साथी घर पर ही मिल जाए।"

    पत्नी भी मूड में थी सो तुरंत हामी भर दी और बल्ला हाथ में थामकर तैयार हो गई।

    पति ने गेंद फेंकी और पत्नी ने बल्ला घुमा दिया।

    इत्तफाक से गेंद बल्ले के बीचोंबीच टकराई और स्टेडियम के बाहर पहुंच गई।

    पति-पत्नी गेंद तलाशने बाहर की तरफ आए तो देखा तो गेंद ने करीब ही बने एक सुनसान से घर की पहली मंज़िल पर बने कमरे की खिड़की का कांच तोड़ दिया है।

    अब पति-पत्नी मकान-मालिक की गालियां सुनने के लिए खुद को तैयार करने के बाद सीढ़ियों की तरफ बढ़े और पहली मंज़िल पर बने एकमात्र कमरे तक पहुंच गए।
    दरवाजा खटखटाया तो भीतर से आवाज़ आई, "अंदर आ जाओ।"

    जब दोनों दरवाजा खोलकर भीतर घुसे तो हर तरफ कांच ही कांच फैला दिखाई दिया और उसके अलावा कांच की एक टूटी बोतल भी नज़र आई।

    वहीं सोफे पर हट्टा-कट्टा आदमी बैठा था। जिसने उन्हें देखते ही पूछा, "क्या तुम्हीं लोगों ने मेरी खिड़की तोड़ी है?"

    पति ने तुरंत माफी मांगना शुरू किया, परंतु उस हट्टे-कट्टे आदमी ने उसकी बात काटते हुए कहा, "दरअसल, मैं आप लोगों को धन्यवाद कहना चाहता हूं, क्योंकि मैं एक जिन्न हूं, जो एक श्राप के कारण उस बोतल में बंद था। अब आपकी गेंद ने इस बोतल को तोड़कर मुझे आज़ाद किया है।
    मेरे लिए तय किए गए नियमों के अनुसार मुझे खुद को आज़ाद करवाने वाले को आका मानना होता है और उसकी तीन इच्छाएं पूरी करनी होती हैं लेकिन चूंकि आप दोनों से यह काम अनजाने में हुआ है इसलिए मैं आप दोनों की एक-एक इच्छा पूरी करूंगा और एक इच्छा अपने लिए रख लूंगा।"

    'बहुत बढ़िया' पति लगभग चिल्ला उठा और बोला, "मैं तो सारी उम्र बिना काम किए हर महीने 10 करोड़ रुपये की आमदनी चाहता हूं।"

    जिन्न ने कहा, "यह तो मेरे बाएं हाथ का खेल है।"

    इतना कहकर उसने हवा में हाथ उठाया और उसे घुमाते हुए बोला, "शूं-शूं लीजिए आका! आपकी 10 करोड़ की आमदनी आज ही से शुरू।"

    फिर वह पत्नी की तरफ घूमा, और शिष्ट स्वर में पूछा, "आप क्या चाहती हैं, मैडम?"

    पत्नी ने भी तपाक से इच्छा बताई, "मैं दुनिया के हर देश में एक खूबसूरत बंगला और शानदार कार चाहती हूं।"

    जिन्न ने फिर हवा में हाथ उठाया और उसे घुमाते हुए बोला, "शूं-शूं लीजिए मैडम! कागज़ात कल सुबह तक आपके घर पहुंच जाएंगे।"

    अब जिन्न फिर पति की तरफ घूमा और बोला, "अब मेरी इच्छा, चूंकि मैं लगभग 200 साल से इस बोतल में बंद था सो मुझे किसी औरत के साथ सोना नसीब नहीं हुआ अगर अब आप दोनों अनुमति दें तो मैं आपकी पत्नी के साथ सोना चाहता हूं।"

    पति ने तुरंत पत्नी के चेहरे की ओर देखा और बोला, "अब हमें ढेरों दौलत और बहुत सारे घर मिल गए हैं और यह सब तुम्हारी वजह से ही मुमकिन हुआ है सो यदि मेरी पत्नी को आपत्ति न हो तो मुझे इसे तुम्हारे साथ बिस्तर में भेजने में कोई आपत्ति नहीं है।"

    जिन्न ने मुस्कुराते हुए पत्नी की ओर नज़र घुमाई तो वह बोली, "तुम्हारे लिए मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है।"

    पत्नी का इतना कहना था कि जिन्न ने तुरंत उसे कंधे पर उठाया और दूसरी मंज़िल पर एक बंद कमरे में ले गया और पांच-छह घंटे तक पत्नी के साथ धुआंधार मौज की।

    तूफान शांत हो जाने के बाद जिन्न बिस्तर से निकला और कपड़े पहनता हुआ औरत से बोला, "तुम्हारी और तुम्हारे पति की उम्र क्या है?"

    पत्नी मुस्कुराते हुए बोली, "वह 28 साल के हैं और मैं 25 की।"

    जिन्न भी मुस्कुराते हुए तपाक से बोला, "इतने बड़े-बड़े हो गए हो अब तक जिन्न-भूतों में यकीन करते हो।"
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