• बुद्धिजीवी!

    कल रात TV शुरू किया और न्यूज़ चैनल लगाया तो देखा कि समलैंगिकता और अनुच्छेद 377 को निरस्त करने पर बहस चल रहीं थी । कुछ लोग धर्म का हवाला देकर समलैंगिकता का विरोध कर रहें थे तो कुछ समलैंगिकता के अप्राकृतिक होने की वजह से विरोध कर रहें थे ।

    ऐसा नहीं कि हर कोई समलैंगिकता का विरोध कर रहा था, कुछ बुद्धिजीवी टाइप के लोग समर्थन में भी थे। वे लोग freedom of choice, equality और fundamental rights का झंडा बुलंद कर रहें थे ।

    सच कहूं तो कल मेरी आँखें खुल गई और मुझे ज्ञात हुआ कि, "भारत में गांड मराना भी अब मौलिक अधिकारों में शामिल हैं ।"
  • होशियार तोता!

    एक बार एक आदमी अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए कोई तोहफा ढूंढ रहा था तो उसने देखा कि जानवरों की एक दुकान पर सेल का बोर्ड टंगा हुआ है।

    वो झट से दुकान के अंदर घुस गया और इधर-उधर देखने लगा।
    तभी उसे वहां पिंजरे में एक तोता दिखाई दिया, लेकिन सभी जानवरों की बिक्री नीलामी बोली से हो रही थी।

    जब तोता नीलामी के लिए आया तो बोली सबसे ऊँची गयी पर आखिरी बोली उसी आदमी के नाम पर ही छूटी।

    आदमी खुश हो गया और वह तोता लेकर बाहर निकल आया। बाहर आते-आते उसे ख्याल आया कि कहीं उसका चुतिया तो नहीं बना दिया। पता नहीं यह तोता बोलता भी है या नहीं।

    वह वापिस दुकान में गया और मालिक से पूछा कि यह तोता सच में बोलता है या तुम लोगों ने मुझे चुतिया बना दिया है।

    इससे पहले कि दुकानदार कुछ बोलता, तोते ने जवाब दिया, "साले हम तुम्हे चुतिया क्यों बनाएंगे तुझे तो यह भी नहीं पता चला कि तेरे खिलाफ बोली मैं खुद ही बड़ा रहा था।"
  • लालच!

    एक बार एक आदमी ने पार्टी में एक लड़की को देख कर उससे पूछा कि अगर वो उसे एक बार अपना टॉप उतार कर अपने बूब्स दिखाए तो वो उसे 500 रुपये देगा।

    लड़की ने हाँ कर दी और 500 रुपये लेकर अपना टॉप उतार दिया।

    आदमी की लालच बड़ी और बोला कि अगर तुम अपनी जीन्स उतार कर अपनी चूत दिखा दोगी तो मैं तुम्हें 1000 रुपये दूंगा।

    लड़की ने 1000 रुपये लिए और अपनी जीन्स भी उतार दी।

    यह देख कर आदमी का मन और ललचा गया और बोला कि अगर तुम मेरे साथ सेक्स करोगी तो कितने पैसे लोगी?

    लड़की: वही जो सबसे लेती हूँ 300 रुपये!
  • आ बैल मुझे मार!

    एक बार जीजा अपनी साली को लेकर शहर से गांव लौट रहा था। उसके हाथों में एक बाल्टी, एक छड़ी, बगल में एक मुर्गी और बकरी की रस्सी थी।

    रात चांदनी थी और साली जवान।

    अचानक साली बोली: मुझे आप के साथ चलने में डर लग रहा है। कहीं आप कुछ बदमाशी ना करने लगें।

    जीजा: अरे मैं कैसे कोई बदमाशी कर सकता हूँ। मेरे तो दोनों हाथ घिरे हुए हैं, चाह कर भी मैं कुछ नहीं कर सकता।

    साली: कैसे नहीं कर सकते? अभी अगर आप छड़ी ज़मीन में गाड़कर बकरी उसके साथ बांध दें और मुर्गी को बाल्टी के नीचे रख दें तो फिर जो चाहें कर सकते हो आप।