• चूतियों की किस्म!

    चूतिये चार तरह के होते हैं...

    1) नस्लन: ये चूतिये केवल इसलिये चूतिये होते हैं, क्योंकि इनके बाप भी अपने समय के बहुत बड़े चूतिया थे।

    2) मसलन: ये वो होते हैं, जिनकी मिसालें दी जाती हैं।

    3) शक्लन: यह वो वाले होते हैं, जिनको सिर्फ शक्ल से ही पहचान लिया जाता है। बाकी टेस्ट की जरूरत ही नहीं पड़ती।

    4) बकलन: ये वो स्पेशल वैराइटी होती है, जो हर तरह से समझदार लगते हैं; लेकिन एकाएक कुछ ऐसा बोल या कर देते हैं, कि इनको भी चूतिया मानना ही पड़ता है।
  • एक पागल!

    एक पागल रोज कहता था - गुलेल बनाउंगा, कबूतर मारूंगा तो उसका इलाज शुरू किया गया!

    6 महीने के इलाज के बाद -

    डाक्टर: अब क्या करोगे?

    पागल: शादी करूंगा!

    डाक्टर: गुड, फिर?

    पागल: सुहागरात मनाऊंगा!

    डाक्टर: अच्छा कैसे?

    पागल: उसकी साड़ी उतारूंगा!

    डाक्टर: बहुत बढ़िया, फिर?

    पागल: उसका ब्लाउज उतारूंगा!

    डाक्टर: फिर?

    पागल: उसकी ब्रा उतारूंगा!

    डाक्टर: बहुत अच्छा, फिर?

    पागल: फिर क्या उसकी ब्रा की इलास्टिक से गुलेल बनाऊंगा, और कबूतर मारूंगा!

    डाक्टर: मादरचोद! दोबारा एडमिट करो इसको!
  • भूत या...

    लेक्चर के बीच में प्रोफेसर ने पूछा- कितने छात्र भूत में यकीन करते हैं?

    करीब 50 छात्रों के हाथ खड़े हो गये।

    प्रोफेसर - बहुत अच्छे, अब यह बताओ कि कितने छात्रों ने भूत को देखा है?

    लगभग 20 हाथ खड़े हो गये।

    प्रोफेसर - बहुत अच्छे, अच्छा अब यह बताओ कि भूत को कितने लोगो ने बहुत करीब से देखा है?

    लगभग 5 हाथ खड़े हो गये।

    प्रोफेसर - शाबाश, अच्छा अब यह बताओ कितने लोगों ने भूत को चूमा है?

    केवल एक लड़के का हाथ खड़ा हुआ और उसका नाम पांडे था।

    प्रोफेसर - मैंने आज तक खुद नहीं सुना कि किसी ने ऐसा किया हो, पांडे, इधर मेरे पास आ जाओ।

    पांडे उठ कर प्रोफेसर के पास चला गया।

    प्रोफेसर - तो तुम कह रहे हो कि तुमने भूत को चूमा है, ज़रा पूरी डीटेल से बात बताओ।

    पांडे - भूत? सॉरी सर, पीछे बैठा था कुछ अलग ही सुनाई दिया !
  • घंटे का राज!

    शादी के बाद हनीमून पर गोवा गये जोड़े ने वहाँ दिन भर घूम फिर कर बिताया, शाम को होटल के कमरे मे बैठकर दोनों ने तय किया कि रात भर चर्च के बजने वाले हर घंटे पर वो अपना हनीमून मनाएंगे..

    9 बजे घंटा बजा, जोश के साथ खेल शुरू !

    10 बजे का घंटा बजा फिर कार्यक्रम !

    फिर 11 बजे,

    फिर 12 बजे,

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    पतिदेव की हालत पस्त

    चुपचाप सिगरेट पीने के बहाने 12:30 पर निकले,

    और चर्च पहुचकर घंटा बजाने वाले चपरासी से बोले-- भाई, ये 500 रूपए पकड़​, और अब घंटा, हर दो घंटे के बाद बजाना!

    चपरासी बोला -- ये नहीं हो सकता साहब!

    कल शाम को ही आपकी मैडम हर आधे घंटे पर घंटा बजाने की एवज में 2000 रूपए दे गयी हैं...!!