• तजुर्बे का कमाल!

    एक किसान था जिसके पास तक़रीबन 25 मुर्गियां और एक बूढ़ा मुर्गा था। किसान को लगा कि अब मुर्गा बूढ़ा हो गया है और वो अकेला इन मुर्गियों के लिए काफी नहीं है तो उसने एक नया मुर्गा खरीद लिया।

    बूढ़ा मुर्गा नए मुर्गे से: आओ तुम्हारा स्वागत है। हम मिलकर काम करेंगे।

    नया मुर्गा: मिलकर क्या मतलब? जहाँ तक मैं समझता हूँ तुम बूढ़े हो चुके हो और तुम्हें अब रिटायर हो जाना चाहिए।

    बूढा मुर्गा: यहाँ 25 मुर्गियां हैं। क्या मैं तुम्हारी कोई मदद नहीं कर सकता?

    नया मुर्गा: नहीं बिल्कुल नहीं, यह सारी मेरी हैं।

    बूढा मुर्गा: ठीक है तुम्हें मुझसे मुक़ाबला करना होगा और अगर मैं जीत गया तो तुम्हें मुझे एक मुर्गी देनी होगी और अगर मैं हार गया तो यह सारी मुर्गियां तुम्हारी।

    नया मुर्गा: कैसा मुक़ाबला?

    बूढा मुर्गा: 50 मीटर की दौड़, यहाँ से उस पेड़ तक। क्योंकि मैं थोड़ा उम्रदराज़ हूँ इसलिए उम्मीद करता हूँ कि तुम मुझे 10 मीटर आगे से दौड़ शुरू करने दोगे।

    नया मुर्गा: मुझे मंजूर है। हम कल सुबह मुक़ाबला शुरू करेंगे।

    अगले दिन सुबह नए मुर्गे ने बूढ़े मुर्गे को 10 मीटर आगे से दौड़ शुरू करने दी। जब बूढा मुर्गा 10 मीटर आगे पहुँच गया तो नया मुर्गा झट से उसके पीछे भागने लगा।

    अचानक एक गोली की आवाज़ आई। इससे पहले कि नया मुर्गा बूढ़े मुर्गे को पछाड़ता किसान ने उसे मार दिया और बोला, "यह पांचवा मुर्गा था जिसे मैं लेकर आया और यह भी साला बाकी मुर्गों की तरह 'समलैंगिक' निकला!"
  • शक्की पति!

    एक शक्की पति ने अपनी पत्नी को फ़ोन किया।

    पति: कहाँ हो?

    पत्नी: घर पर।

    पति: अच्छा तो फिर मिक्सी चलाओ।

    पत्नी ने मिक्सी चला दी पति ने आवाज़ सुनी और फ़ोन काट दिया।

    अगले दिन पति ने फिर फ़ोन किया और पूछा कि कहाँ हो?

    पत्नी ने फिर जवाब दिया कि घर पर और पति ने उसे मिक्सी चलाने के लिए कहा।

    पत्नी ने मिक्सी चला दी।

    अब ऐसा कई दिनों तक चलता रहा, एक दिन पति घर आया तो देखा कि पत्नी घर पर नहीं है।

    उसने नौकरानी से पूछा कि मालकिन कहाँ है?

    नौकरानी ने जवाब दिया कि मालकिन तो रोज़ इस समय बाहर चली जाती हैं, पर साहब एक बात नहीं समझ आयी कि वो रोज़ साथ में मिक्सी क्यों लेकर जाती हैं!
  • लंड का घमंड!

    सो रहा था एक रोज़ लंड, रख कर टट्टों पर अपना सिर;

    पास से हुआ चूत का गुज़र, लंड ने देखा उसे उठा कर सिर;

    लंड ने पूछा जा रही हो किधर, अगर वक़्त हो तो ज़रा आ जा इधर;

    चूत ने कहा अजी मुझे माफ़ कीजिये, पहले जो मुंह से टपक रहा है उसे साफ़ कीजिये;

    लंड ने जो यह सुना तो वो गया बिगड़, फिर जो कुछ न होना था वो हो गया उधर;

    चोद कर चूत को लंड सो गया फिर;

    देख कर यह चूत बोली लंड से चुद जाने के बाद;

    बात ही नहीं करते जनाब अपना मतलब निकल जाने के बाद!
  • नामों का राज़!

    गुप्ता जी के घर शर्मा जी आये। गुप्ता जी अपने बच्चों की पहचान कराने लगे।

    ये मेरी बेटी रानी।शादी से पहले हम मुंबई में 'रानी बाग़' में घूमा करते थे, उसकी याद में इसका नाम रानी रखा।

    शर्मा जी: वाह, प्यारी बिटिया है।

    गुप्ता जी: ये मेरा बेटा ताज। शादी के 5 साल बाद दूसरे हनीमून पे हम आगरा गए थे, उसकी याद में।

    शर्मा जी: बहुत खूब, बहुत सोच कर नाम रखा है आपने।

    गुप्ता जी: और ये मेरा छोटा बेटा कोहिनूर।

    शर्मा जी: क्या बात है! मतलब आप लंदन में कोहिनूर हीरा देख आये?

    गुप्ता जी: अरे नहीं! हम तो कंडोम इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन इस ब्राण्ड ने धोखा दे दिया।