• मस्ती वाली शायरी!

    अर्ज़ किया है दोस्तों...

    चूची तेरी नर्म-नर्म और निप्पल पे आई जवानी,
    गदराये से चूतड़ तेरे गांड तेरी मस्तानी;

    झांट तेरे घुंघरालु जानू, चुत पे चिप-चिप पानी,
    चाटूं इसको, चूसूं इसको, सुंघु इसको रानी;

    लंड मेरा तन्नाया, पा कर गंध सुहानी,
    आओ चोदे रगड़-रगड़ कर और साथ में छोड़े पानी!
  • पलंग की लंबाई!

    शादी के 6 महीने बाद एक लड़की अपने मायके गयी तो अपनी माँ से शिकायतें करने लगी।

    लड़की: माँ जो पलंग तुमने मुझे दहेज़ में दिया है वो लम्बाई में छोटा है।

    माँ गुस्से से बोली, " तो हरामजादी यह बात तुझे आज बतानी याद आ रही है पहले क्यों नहीं बोली?

    लड़की: क्या करूँ माँ पिछले 6 महीने में लाते सीधी करने का मौक़ा ही कल पहली बार मिला।
  • बुद्धिजीवी!

    कल रात TV शुरू किया और न्यूज़ चैनल लगाया तो देखा कि समलैंगिकता और अनुच्छेद 377 को निरस्त करने पर बहस चल रहीं थी । कुछ लोग धर्म का हवाला देकर समलैंगिकता का विरोध कर रहें थे तो कुछ समलैंगिकता के अप्राकृतिक होने की वजह से विरोध कर रहें थे ।

    ऐसा नहीं कि हर कोई समलैंगिकता का विरोध कर रहा था, कुछ बुद्धिजीवी टाइप के लोग समर्थन में भी थे। वे लोग freedom of choice, equality और fundamental rights का झंडा बुलंद कर रहें थे ।

    सच कहूं तो कल मेरी आँखें खुल गई और मुझे ज्ञात हुआ कि, "भारत में गांड मराना भी अब मौलिक अधिकारों में शामिल हैं ।"
  • होशियार तोता!

    एक बार एक आदमी अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए कोई तोहफा ढूंढ रहा था तो उसने देखा कि जानवरों की एक दुकान पर सेल का बोर्ड टंगा हुआ है।

    वो झट से दुकान के अंदर घुस गया और इधर-उधर देखने लगा।
    तभी उसे वहां पिंजरे में एक तोता दिखाई दिया, लेकिन सभी जानवरों की बिक्री नीलामी बोली से हो रही थी।

    जब तोता नीलामी के लिए आया तो बोली सबसे ऊँची गयी पर आखिरी बोली उसी आदमी के नाम पर ही छूटी।

    आदमी खुश हो गया और वह तोता लेकर बाहर निकल आया। बाहर आते-आते उसे ख्याल आया कि कहीं उसका चुतिया तो नहीं बना दिया। पता नहीं यह तोता बोलता भी है या नहीं।

    वह वापिस दुकान में गया और मालिक से पूछा कि यह तोता सच में बोलता है या तुम लोगों ने मुझे चुतिया बना दिया है।

    इससे पहले कि दुकानदार कुछ बोलता, तोते ने जवाब दिया, "साले हम तुम्हे चुतिया क्यों बनाएंगे तुझे तो यह भी नहीं पता चला कि तेरे खिलाफ बोली मैं खुद ही बड़ा रहा था।"