• जान बची तो लाखों पाये!

    पठान बहुत ही आशावादी था। हर बात पर कहता था, "ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।"

    उसके सारे दोस्त उसकी इस बात से बहुत परेशान थे। एक दिन उन सब ने मिलकर एक कहानी बनायी जिससे ज्यादा बुरा होना मुश्किल था।

    पठान का एक दोस्त ग़मगीन सा चेहरा बना कर बोला, "यार, कल तो बहुत ही बुरा हुआ।"

    पठान: क्यों क्या हुआ?

    दोस्त: यार कल मेरा पडोसी जब घर लौटा तो उसकी बीवी किसी गैर मर्द के साथ रंगरलियां मना रही थी। यह देख कर मेरे पडोसी ने गुस्से में आकर दोनों को गोलियों से भून दिया और फिर खुद को भी गोली मार ली।

    पठान: ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।

    दोस्त (चिढ कर): इससे बुरा क्या हो सकता था?

    पठान: अगर यह किस्सा परसों का होता तो मरने वालों में एक नाम मेरा होता!
  • चूहा पकडे या...

    एक दिन पठान जल्दी घर आया तो देखा कि उसका बेटा उसके कमरे के दरवाज़े पर आँख लगा कर कमरे में झाँक रहा था।

    पठान उसके पास आया और बोला, "क्या कर रहे हो बेटा?"

    पठान का बेटा: वो पड़ोस वाले अंकल...

    पठान ने कमरे का दरवाज़ा खटखटाया तो उसकी बेगम ने अर्ध वस्त्रों में दरवाज़ा खोला। पठान को कमरे के अंदर से चूहे की बदबू आयी तो वो गुस्से में चूहे को ढूंढ़ने लगा तो उसे परदे के पीछे से उसका पडोसी नंगा खड़ा दिखाई दिया।

    पठान ने उसे खींच कर बाहर निकाला और एक थप्पड़ मारा और बोला, "साले इधर अंदर चूहा घुसा हुआ है और तू नंगा हो के लुकाछिपी खेल रहा है। देख बच्चा कितना डरा हुआ है।
  • पठान की चाहत!

    एक बार पठान का समंदर में सफर कर था कि समंदर में आये एक भयानक तूफ़ान के कारण उसका जहाज़ टूट गया और वो एक टापू पर पहुँच गया। टापू पर पहुँचने पर उसने देखा कि टापू पर एक भेड़ और एक कुत्ता भी थे। तीनो की आपस में गहरी दोस्ती हो गयी।

    तीनो अपना ज्यादा समय इकठे ही बिताते। शाम को सूर्यास्त का नज़ारा देखते। एक दिन सूर्यास्त के समय पठान का मन सेक्स करने का हो गया लेकिन उसे वहां कोई ना दिखा तो उसने भेड़ को अपनी बाहों में ले लिया।

    यह देख कुत्ता चौकना हो गया। उसने जल्दी से भेड़ को पठान से छुड़वाया और पठान पर भौंकने लगा। पठान समझ गया कि कुत्ता भेड़ को बचाना चाहता है।

    फिर उसके बाद वो रोज़ घूमने जाते पर पठान भेड़ से दूर ही रहने लगा।

    अचानक एक दिन वहाँ एक और तूफ़ान आया जिसमे एक बेहद खूबसूरत लड़की उस टापू पर पहुँच गयी। जिसे देख पठान बहुत ही खुश हुआ पर तूफ़ान की वजह से लड़की की हालत बहुत खराब थी। पठान ने उसकी खूब सेवा की और उसे दिनों में ही तंदरुस्त कर दिया।

    जब लड़की ठीक हुई तो वो पठान से बहुत खुश हुई और उससे बोली, "मैं तुमसे बहुत खुश हूँ, तुमने मुझे नया जीवन दिया है। तुम जो चाहो मैं तुम्हारे लिए वो कर सकती हूँ।"

    पठान यह सुन बहुत खुश हुआ और लड़की को अपनी बाहों में लेकर उसके कान में फुसफुसाया, "क्या तुम इस कुत्ते को थोड़ी देर के लिए घुमाने ले जा सकती हो?"
  • पडोसी की बीवी!

    एक बार सिंधी की बीवी अपने घर पर नहा रही थी तो पठान ने चुपके से उसे देख लिया।

    अगले दिन सिंधी जब पठान से मिला तो पठान बोला, "मैंने कल तुम्हारी बेगम को नहाते हुए देखा।"

    सिंधी को यह सुन बहुत गुस्सा आया और उसने भी बदला लेने की ठान ली।

    शाम को सिंधी ने देखा कि पठान के कमरे के परदे उठे हुए हैं और कमरे में सेक्स हो रहा था।

    अगले दिन सिंधी पठान से बोला, "तुमने तो मेरी बीवी को नहाते हुए देखा था ना, मैंने तो कल तुम दोनों को सेक्स करते देखा।"

    पठान हँसते हँसते बोला, "चल साले झूठे, कल रात को तो मैं घर पर ही नहीं था।"