• विदेशी भाषा का चक्कर!

    एक दिन संता और बंता दोनों टैक्सी स्टैंड पर बैठे बातें कर रहे थे कि तभी एक विदेशी उनके पास पहुँचा और उनसे अंग्रेजी भाषा में कुछ पूछा। संता - बंता दोनों बेवकूफों की तरह उस विदेशी के चेहरे को देखते रहे।

    विदेशी समझ गया कि दोनों को अंग्रेजी नहीं आती। अब उसने वही प्रश्न उनसे स्पेन की भाषा स्पेनिश में पूछा।

    दोनों फिर बेवकूफों की तरह विदेशी का चेहरा देखते रहे।

    तीसरी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे रूस की भाषा रशियन में पूछा।

    दोनों का वही हाल रहा।

    चौथी बार विदेशी ने वही प्रश्न उनसे जर्मनी की भाषा जर्मन में पूछा।

    दोनों फिर वैसे ही उसका चेहरा ताकते रहे।

    आखिर तंग आकर विदेशी चला गया। उसके जाने के बाद बंता, संता से बोला, "यार संता, हम लोगों को भी अपनी भाषा के अलावा कोई दूसरी भाषा सीखनी चाहिए। हमारे काम आएगी।"

    संता ने एक जोर का झापड़ बंता को लगाया और बोला, "साले, उसको चार चार आती थी, उसके कोई काम आई?"
  • मेरे पास दिमाग है!

    संता और बंता गढ्ढा खोद रहे थे बंता ने संता से पूछा अरे भाई हम दोनों ही काम कर रहे है और ये तीसरा आदमी वहां छाया में बैठकर आराम कर रहा है!

    संता ने कहा शायद उसे काम नही आता इसलिए वह वहां जाकर बैठ गया है, मैं उसे पूछकर आता हूँ!

    संता उस आदमी के पास गया और उसे पूछा अरे भाई तुम काम क्यों नही कर रहे हो?

    उस आदमी ने कहा क्योंकि मेरे पास दिमाग है!

    संता ने पूछा वो कैसे?

    वह आदमी पेड़ के साथ खड़ा हो गया और कहने लगा मेरे मुहं पर मुक्का मारो जितनी जोर से तुम मार सकते हो!

    संता ने मुक्का बनाया और पूरे जोर से उस आदमी को मारा वह आदमी थोड़ा सा एक तरफ को हो गया और संता का मुक्का सीधा पेड़ पर लगा उसे हाथ में बहुत दर्द हुआ!

    संता ने कहा अच्छा अब मुझे पता चला कि तुम काम क्यों नही कर रहे!

    वह वापिस बंता के पास गया बंता ने उसे पूछा तो अब बताओ हम दोनों ही काम क्यों कर रहे है?

    संता ने कहा क्योंकि उसके पास दिमाग है!

    बंता ने पूछा वह कैसे?

    संता इधर-उधर पेड़ देखने लगा पर उसे पेड़ नजर नही आया उसने अपने हाथ को अपने मुहं के सामने रख दिया और बंता से कहा मेरे हाथ पर अपना मुक्का मारो जितनी जोर से तुम मार सकते हो!
  • लम्बी दूरी!

    एक बार संता को एक लड़की से प्यार हो गया। वो रोज़ उसे ऑफिस, जहाँ को काम करती, ले जाने और वापस घर छोड़ के आने लगा।

    एक दिन रास्ते में लड़की बेहद उदास हो कर बोली, "कल लड़के वाले मुझे देखने आये थे।"

    संता: फिर?

    लड़की: मुझे पसंद कर गए।

    संता बेहद दुखी होते हुए बोला, "अब?"

    लड़की रोन लगी और रोते - रोते बोली, "अगले महीने की शादी तय हो गई, उनका घर लक्ष्मी नगर है।"

    संता गहरी सोच में पड़ गया।

    लड़की: अब क्या करना है, सोचो जल्दी।

    संता: सोच ही तो रहा हूँ। अब लक्ष्मी नगर से तुम्हें ऑफिस छोड़ने के लिए मुझे रिंग रोड़ लेनी पड़ेगी, फिर 3 किलोमीटर बाद यू - टर्न, उसके बाद वन वे के कारण राजगुरु रोड़, फिर वो मुखर्जी नगर वाला फ्लाई ओवर... ओये नहीं मेरे बस की बात नहीं है, तू अपने पति को ही बोल कोई इन्तेजाम करे, मुझे बहुत लम्बा पड़ेगा।"
  • सेर पर सवा सेर!

    एक बार संता और बंता दोनों एक दुकान पर गए। वहाँ सब लोगों को अपने काम में व्यस्त देख कर बंता ने 3 चॉकलेट चुरा लिए।

    जब दोनों बाहर आये तो बंता अपनी ढींगे हांकने लगा कि वो बहुत चालाक है। उसने 3 चॉक्लेट चुराए और किसी को पता भी नहीं लगने दिया। तुम ऐसा नहीं कर सकते।

    यह सुनकर संता को भी गुस्सा आ गया और बोला, "चलो मैं तुम्हें इससे भी बढ़िया चीज़ दिखाता हूँ।"

    वो दोनों वापिस अंदर चले गए। अंदर जाकर संता ने दुकानदार से कहा, "क्या तुम जादू देखना चाहते हो?"

    दुकानदार ने कहा, "हाँ, ठीक है।"

    संता: तो फिर मुझे एक चॉकलेट दो।

    दुकानदार ने संता को चॉकलेट दी और संता ने वो चॉकलेट खा ली और दूसरी चॉकलेट मांगी। दुकानदार ने दूसरी चॉकलेट भी दे दी तो संता ने उसे भी खा लिया। अब संता ने दुकानदार से तीसरी चॉकलेट मांगी और वो भी खा ली।

    दुकानदार ने पूछा, "इसमें जादू कहाँ है?"

    संता: मेरे दोस्त की जेब देखो तो तुम्हें तुम्हारी तीनों चॉकलेट वापिस मिल जाएँगी!