• मैं नहीं जाऊंगा!

    संता बंता और उनका एक दोस्त बीयर बार में बीयर पीने गए!

    जब वह पीने लगे तो संता बोला लगता है बाहर बारिश हो रही है और हमारे पास छतरी भी नहीं है, तीनों में ये बात चल पड़ी की छतरी लाने के लिए कौन जाएगा गरमागरम बहस के बाद तय हुआ कि बंता छतरी लेने के लिये घर जाये!

    बंता ने गुस्से में कहा मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बीयर पी जाओगे उन्होंने उसे विश्वास दिलाया कि वे दोनों उसके हिस्से की बीयर नहीं पीयेंगे, उसके हिस्से की ज्यों की त्यों रखी रहेगी तब कहीं बंता छतरी लेने चला गया!

    रात गहराने लगी पर बंता वापिस लौटकर नहीं आया संता अपने दोस्त को बोला क्यों न बंता के हिस्से की बीयर भी पी ही ली जाये अब तो वो आने से रहा!

    दूसरा बोला मैं भी यही सोच रहा था आओ पीते हैं!

    तभी बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा!
  • क्या झंझट है यार!

    संता एक बार शिकार करने चला गया और साथ में अपनी पत्नि जीतो और सास को भी ले गया!

    एक शाम को जंगल में बहुत गहरा अँधेरा था सब कुछ शांत था और जीतो अपनी माँ को इधर उधर ढूंढने लगी, जब उसे अपनी माँ कहीं भी नहीं नजर आयी तो उसने संता को बताया कि माँ पता नहीं कहाँ है!

    तब संता ने अपनी राइफल उठाई और बाहर निकल गया संता ने थोड़ी सी शराब भी पी रखी थी वो जहाँ ठहरे थे पहले उन्होंने उसके चारों ओर ढूंढा पर उन्हें संता की सास कहीं नहीं मिली फिर वे दोनों जंगल में काफी दूर आ गए!

    तभी जीतो की नजर सामने अपनी माँ पर पड़ी उसकी माँ के बिल्कुल सामने शेर था!

    वह घबराते हुए संता से कहने लगी अब हमें क्या करना चाहिए?

    संता ने कहा कुछ नहीं! शेर खुद ही इस झंझट में फंसा है, अब इसे खुद ही इस झंझट से बाहर निकलना है!
  • बंता की होशियारी!

    बंता मछलियाँ पकड़ने में काफी माहिर था और बड़ी बड़ी मछलियाँ पकड़ने के लिए मशहूर था, एक दिन वो बड़ी सी मछली पकड़कर टोकरी में लेकर घर की तरफ आ रहा था तभी मत्स्य अधिकारी ने उसे रोका और पूछा क्या तुम्हारे पास मछली पकड़ने का लाइसेंस है!

    बंता ने जवाब दिया: लाइसेंस? कैसा लाइसेंस? लाइसेंस की तो कोई जरुरत ही नहीं है ये तो मेरी पालतू मछली है!

    पालतू मछली? मत्स्य अधिकारी ने पूछा!

    बंता ने जवाब दिया: जी हाँ सर 'पालतू' हर रात को मैं इसे इस झील में डाल देता हूँ और थोड़ी देर के बाद मैं एक सीटी बजाता हूँ और ये कूदकर झील के किनारे पर आ जाती हैं और टोकरी में डालकर घर ले जाता हूँ!

    ये तो तुम मेरा सरेआम बेवकूफ बना रहे हो मछली ऐसा कर ही नहीं सकती!

    बंता ने अधिकारी से कहा: आप ये चाहते हैं कि मैं आपको ये सब करके दिखाऊँ!

    मत्स्य अधिकारी ने उत्सुकता से कहा: बिल्कुल जरुर देखना चाहूँगा!

    बंता ने मछली को पानी में डुबो दिया और वहीँ खड़ा हो गया थोड़ी देर वहीँ रुकने के बाद मत्स्य अधिकारी ने बंता से कहा: फिर?

    बंता: फिर क्या?

    अधिकारी ने पूछा: तो तुम अपनी मछली को वापिस नहीं बुला रहे हो!

    बंता ने कहा: मछली?... कौन सी मछली?
  • अजीब कानून!

    एक बार संता शिकार करने चला गया उसने जाते ही एक कबूतर को मार दिया वह कबूतर जाकर एक खेत में गिरा, जब वह बाड़ा पार करके उस कबूतर के पास पहुंचा तभी एक किसान वहां आया और संता को पूछने लगा कि वह उसकी प्रोपर्टी में क्या कर रहा है?

    संता ने कबूतर को दिखाते हुए कहा कि मैंने इस कबूतर को मारा और ये मर कर यहाँ गिर गया मैं इसे लेने आया हूँ!

    किसान ने कहा ये कबूतर मेरा है क्योंकि ये मेरे खेत में पड़ा है!

    संता ने कहा क्या तुम जानते हो तुम किससे बात कर रहे हो?

    किसान ने जवाब दिया नहीं मैं नहीं जानता और मुझे इससे भी कुछ नहीं लेना है कि तुम कौन हो!

    संता ने कहा मैं लुधिआना का एक बहुत मशहूर वकील हूँ, और अगर तुमने मुझे इस कबूतर को ले जाने से रोका तो मैं तुम पर ऐसा मुकदमा चलाऊंगा कि तुम्हें तुम्हारी जमीन जायदाद से बेदखल कर दूंगा और तुम्हें एक पल में रास्ते का भिखारी बना दूंगा!

    किसान ने कहा हमारे भटिंडा मैं तो बस एक ही कानून चलता है लात मारने वाला!

    संता ने कहा मैंने तो कभी इसके बारे में नहीं सुना!

    किसान ने कहा मैं तुम्हें तीन लातें मारता हूँ अगर तुम वापिस उठकर तीन लातें मुझे मार पाओगे तो तुम इस कबूतर को ले जाना!

    संता ने कहा ये ठीक है उसने उस किसान को देखा कि वह तो बिल्कुल कमजोर सा है तो इसकी लातों से उसे क्या फर्क पड़ने वाला ये सोचकर उसने कहा ठीक है मारो!

    किसान ने बड़ी बेरहमी से संता को पहली लात टांगों के बीच में मारी जिससे संता मुहं के बल झुक गया!

    किसान ने दूसरी लात संता के मुहं पर मारी जिसके पड़ते ही वह जमीन पर गिर गया!

    तीसरी लात किसान ने संता की पसलियों पर मारी बड़ी देर बाद संता उठा और जब वह लात मारने के लायक हुआ तो संता ने कहा अब मेरी बारी है!

    किसान ने कहा, चलो छोड़ो यार! ये कबूतर तुम ही रखो!