• युद्ध और शांति!

    एक सामाजिक अध्ययन का अध्यापक कक्षा में 'युद्ध और शांति' विषय पर पढ़ा रहा था, जब चैप्टर समाप्त हुआ तो अध्यापक ने बच्चों से पूछा, "तो तुम में से कितने लोग हैं जो युद्ध का विरोध करते हैं?"

    सभी ने बिना किसी झिझक के हाथ उठा दिए।

    अध्यापक ने फिर पूछा, "आप में से कोई मुझे कारण देकर बता सकता है कि आप युद्ध का विरोध क्यों करते हैं?"

    कक्षा में सबसे पीछे बैठे हुए बच्चों ने सुस्ताते हुए अपने हाथ ऊपर उठाये और उन में से पप्पू खड़ा हो गया।

    पप्पू ने कहा सर मैं बताता हूँ, "मैं युद्ध पसंद नही करता क्योंकि युद्ध से इतिहास बनते है और मुझे इतिहास (विषय) बिल्कुल पसंद नही।"
  • कम नंबर!

    काम पर से थक हार कर घर आया, सोफे पर बैठ गया। पत्नी ने पानी का गिलास दिया और बच्चे ने मार्कशीट सामने रखी।

    हिंदी 44
    अंग्रेजी 35
    गणित 37

    आगे कुछ पढ़ने से पहले... "बेटा ! क्या मार्क है ये ? गधे, शर्म नहीं आती तुझे ? नालायक है तू नालायक..."

    पत्नी: अरे आप सुनो तो?

    "तू चुप बैठ! तेरे लाड़ प्यार ने ही बिगाड़ा है इसे. नालायक,अरे बाप दिनभर मेहनत करता है और तू ऐसे मार्क लाता है।"

    लड़का चुपचाप गर्दन नीचे।

    "अरे सुनो... तो!"

    "तू चुप कर, एक शब्द भी मत बोल. आज इसको बताता हूँ।"

    "अरे!"

    पत्नी का आवाज बढ़ गयी, मैं थोडा रुक गया।"

    "सुन तो लो जरा!"

    "सुबह अलमारी साफ करते समय मिली आपकी ही मार्कशीट है वो..."

    भयानक सन्नाटा!
  • नाम का खेल!

    जब ऑफिस की पुरानी मैडम ने चपरासी को "ओए" कह के बुलाया,
    तो नई मैडम को उसपर तरस आया और बोली, "लोग जाने कहाँ से पढ कर आ जाते हैं, भला 'ओए' कहकर किसी को कभी बुलाते हैं?" "सुनो, मैं शिष्टाचार निभाऊंगी, तुम्हें तुम्हारे नाम से ही बुलाऊंगी।"

    चपरासी गदगद हो गया, बोला, "आप सरीखे लोगों का ही हम गरीबों को साथ है, मैडम जी मेरा नाम 'प्राणनाथ' है।"

    मैडम जी सकुचाई, पलभर कुछ ना बोल पाई, फिर कहा, "इस नाम से अच्छा न होगा तुम्हें बुलाना, अगर कोई पुकारने का नाम हो तो बताना!"

    चपरासी बोला ,"मेरे घर में सब मुझे दुलारते हैं, बीवी से लेकर अब्बा तक सब 'बालम' कह कर पुकारते हैं।"

    मैडम की समझ में कुछ न आया, एक नया आईडिया लगाया, बोली, "रहने दो, अब पहेलियां न बुझाओ, मोहल्ले वाले तुम्हें क्या कहते हैं ये बताओ!"

    चपरासी बोला, "मैडम जी, सबका हम दिल बहलाते हैं, और मोहल्ले में 'साजन' कहलाते हैं।"

    मैडम अब तक ऊब चुकी थी, ऊहापोह में डूब चुकी थी, कहा "मुए, ये सब नाम कहाँ से लिए जाएंगे, तू 'सरनेम' बता उसी से काम चलाएंगे।"

    चपरासी बोला, "मैडम जी क्या करूं, दुनिया का सब 'गेम' है, आप 'सरनेम' से बुलाइए, 'स्वामी' मेरा 'सरनेम' है!"

    अब मैडम झल्लाई, जोरों से चिल्लाई, " 'ओए' मेरा सिर मत खा, एक कप गरम चाय ले के आ!"
  • नरक चले जाओ!

    तीन शराबी आदमी फुटबाल का मैच देख रहे थे उनकी अगली सीट पर दो नन बैठी थी, जिनके हिलने के कारण वे मैच नही देख पा रहे थे

    बार-बार उन नन को हिलते हुए देखकर उन में से एक शराबी ने उन पर फब्तियां कसनी शुरू कर दी!

    वह बड़ी जोर की आवाज के साथ बोला, मैं सोचता हूँ की मुझे 'उटाह' जाना चाहिए मैंने सुना है कि वहां सिर्फ 100 नन हैं!

    दूसरा शराबी उठकर बोला मैं सोचता हूँ कि मैं 'मोंटाना' चला जाऊं मैंने सुना है वहां सिर्फ 50 नन है!

    और तीसरा शराबी भी बोला पड़ा, मैं तो 'आयडाहो' जाना चाहता हूँ मैंने सुना है वहां सिर्फ 25 नन रहती है!

    जब उसकी बात पूरी हुई तो उन दो नन में से एक नन उन तीनों की तरफ मुड़ी और बड़े शांत और मीठे स्वर में बोली:

    तुम तीनों नरक क्यों नही चले जाते तुम्हें वहां एक भी नन नही मिलेगी!