• कहाँ तक की पढाई?

    एक बै शगाई आले लड़का देखण आ रे थे।

    लड़की के बाप ने लड़के के दादा ते पुछेया: चौधरी शाब, छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै?

    ताऊ: भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै।

    "सौ जमात? न्यूं किक्कर चौधरी?"

    "भाई आठ जमात तै म्हारे गाम के श्कूल (Middle School) में पाश करी। फेर बड्डे श्कूल (High School) में दस जमात (Matric) पाश करी। अठारह जमातां तो यो हो गी।"

    "ओर बाकी?"

    "भाई रे, बाकी ब्याशी (B.Sc) जमातां उसनै हिशार के जाट कालेज ते पाश करी। न्यू हो गया पूरा सैंकड़ा।"
  • सब फ़िल्मी है!

    एक बार ताऊ फिल्म देखण गया, फिल्म का नाम था बॉबी, अर गाणा चाल रया था, "मैं मायके चली जाऊंगी"।

    Dimple: मैं मायके चली जाऊंगी, तुम देखते रहियो।

    ताऊ: न्यू क्यूकर चली ज्यागी, यो तेरी टांग ने तोड़ देगा।

    Rishi Kapoor: मैं दूजा ब्याह रचाउंगा

    ताऊ: येह्ह्ह्ह बात .. छोरे ने कट्या रोग

    Dimple: मैं कुवें में गिर जाउंगी।

    ताऊ: छोरे बहकाए में मत आ ज्याइये .. पाखण्ड कर रिह सै।

    Rishi Kapoor: मैं रस्सी से खिंचवाऊंगा।

    ताऊ: अरे क्या ने खिंचवावे सै..... आगे फेर सेधेगी।

    Dimple: मैं पेड़ पर चढ़ जाउंगी।

    ताऊ: टंगी रहन्दे सासु की नै।

    Rishi Kapoor: मैं आरी से कटवाऊंगा

    ताऊ: अरे तू भी मैंने तो किमे नकली सा ए लाग्या... खामखाँ अपनी बुआ नै सिर पै चढ़ा रया सै।

    Dimple: मैं मायके नहीं जाउंगी, मैं मायके नहीं जाउंगी।

    ताऊ: तावलिये होश ठिकाणे आगे
  • डॉक्टर बेटे!

    एक जाट के 4 जवान छोरे थे। जाट चाह रहा था कि उनकी जल्द से जल्द शादी हो जाये। इसी के चलते उसने अपने किसी नज़दीकी से रिश्ते की बात चलाई।

    रिश्ते की बात करने लड़की वाले जाट के घर आये। सब कुछ देख परख के लड़की के पिता ने जाट से पूछा, "चौधरी साहब, लड़के क्या करते हैं?"

    चौधरी: मुझे लगता है ये चारों के चारों डॉक्टर हैं।

    लड़की का पिता: लगता है क्या मतलब? आपको इन के बारे में कुछ नहीं पता क्या? ये बात तो जँची नहीं चौधरी साहब।

    चौधरी: जँच तो मेरे भी ना रही पर बात यह है कि, मैं इन चारों से कुछ भी पूछ लूँ तो फौरन कहते हैं, "तेरे को क्या बीमारी है?"
  • हरियाणवी मेट्रो!

    मेट्रो हरियाणा में प्रवेश करने जा रही है तो फिर Anouncement भी हरियाणवी में होनी चाहिए। कैसी होगी Announcement:

    🔹आगला टेसन बहादुरगढ़ "सै, किवाड ओले हाथ नै, खुल्लैंगे, गाड्डी में तै सुथरी ढाल उतरियो अर उतरती हाण एक-दुसरे कै ख्स्सन की कोय जरुत ना है।

    🔹गाड्डी में जो भी माणस होक्का-बीड़ी पींता पाया, तो पकड़ के तोड्या जागा, कदै पाछै न्यू कहो अक बताई ना थी।

    🔹खागडां तै निवेदन है बडे-बूढ्ढ्यां नै अर बालक आली बीरबानियां ताईं सीट छोड दें।

    🔹चालती गाड्ड़ी की सूध में पहलडा डिब्बा लुगाईयां ताईं है, मलंग भिरड के छत्ते की ढाल उडै ना मंडरावैं।

    🔹गाड्डी में चोर-डाकुवां तै चौकस रहियो ।