शराबी Hindi Jokes
एक शराबी ने एक दिन कुछ ज्यादा ही पी ली। लडखड़ाते कदमों से किसी तरह घर के दरवाजे तक पहुंचा और जेब से चाबी निकालकर ताला खोलने की कोशिश करने लगा।
नशा ज्यादा होने की वजह से वह चाबी को ताले में डाल ही नहीं पा रहा था। चाबी कभी इधर हो जाती कभी उधर। उसे परेशान होते देख पास ही खड़े एक व्यक्ति ने उसकी मदद करने के इरादे से उसके पास आकर बोला,"लाओ चाबी, ताला मैं खोल देता हूं।"
शराबी: नहीं, नहीं, ताला तो मैं खोल लूंगा। तुम तो बस जरा दरवाजे को पकड़कर रखो।
एक बार एक शराबी रात के 12 बजे शराब की दुकान के मालिक को फ़ोन करता है और कहता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"
दुकानदार: सुबह 9 बजे।
शराबी फिर थोड़ी देर बाद दोबारा दुकानदार को फ़ोन करके पूछता है, "तेरी दुकान कब खुलेगी?"
दुकानदार: कहा ना सुबह 9 बजे।
कुछ देर बाद शराबी फिर से दुकानदार को फ़ोन कर देता है और पूछता है,"भाई साहब आपकी दुकान कब खुलेगी?"
दुकानदार: अबे तुझे कितनी बार बताऊँ सुबह 9 बजे खुलेगी इसीलिए सुबह 9 बजे आना और जो भी चाहिए हो ले जाना।
शराबी: अबे, मैं तेरी दुकान के अन्दर से ही बोल रहा हूँ।
एक बार एक शराबी, शराब पी कर एक मंदिर के बाहर जाता है और पुजारी से बहस करने लगता है।
शराबी: इस दुनिया में मैं सबसे बड़ा।
पुजारी: भाई साहब आप कैसे बड़े ? आपसे बड़ा तो भगवान् है।
शराबी: भगवान् बड़ा तो मंदिर में क्यों पड़ा ?
पुजारी: अच्छा मंदिर बड़ा।
शराबी: मंदिर बड़ा तो धरती पे क्यों पड़ा ?
पुजारी: अच्छा धरती बड़ी ।
शराबी: धरती बड़ी तो शेषनाग क फन पर क्यों पड़ी ?
पुजारी: अच्छा शेषनाग बड़े ।
शराबी: शेषनाग बड़े तो शिवजी के गले में क्यों पड़े ?
पुजारी: अच्छा शिवजी बड़े।
शराबी: अच्छा शिवजी बड़े तो पर्वत पर क्यों पड़े?
पुजारी: अच्छा पर्वत बड़ा ।
शराबी: पर्वत बड़ा तो हनुमान जी के हाथ पर क्यों पड़ा ?
पुजारी: अच्छा हनुमान जी बड़े |
शराबी: हनुमान जी बड़े तो राम जी चरणों में क्यों पड़े ?
पुजारी: अच्छा राम जी बड़े ।
शराबी: राम जी बड़े तो सीता जी के पीछे क्यों पड़े ?
पुजारी: अच्छा तो सीता जी बड़ी
शराबी: सीता जी बड़ी तो अशोक वाटिका में क्यों पड़ी ?
पुजारी: अरे भाई आप ही बताइए कौन बड़ा ?
शराबी: वो सबसे बड़ा जो दो बोतल पी कर भी सीधा खडा।
एक बार बहुत ज्यादा शराब पीने के बाद एक आदमी अपनी गाडी में बैठ कर अपने घर जा रहा होता है तो उसे रास्ते में ट्रैफिक पुलिस का एक हवालदार रोक लेता है!
परन्तु उस के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए वह ट्रैफिक हवलदार उसका चालान नहीं करता और उस से कहता है;
हवलदार: भाई साहब क्योंकि आपका पिछला रिकॉर्ड अच्छा है इस लिए मैं आपको यह सलाह देना चाहूँगा कि, क्योंकि आपने बहुत ज़यादा शराब पी रखी है इसीलिए आप अपनी गाडी यहीं पार्किंग मैं खड़ी कर दें और और मैं आपको आपके घर छोड़ देता हूँ!
हवलदार की बात सुन वह आदमी राजी हो जाता है और हवलदार के साथ उसकी गाडी में बैठ कर अपने घर की तरफ चल पड़ता है, कुछ दूर चलने के बाद वे एक कॉलोनी में पहुँच जाते हैं तो वह आदमी एक घर के सामने पहुँच कर हवलदार से कहता है;
आदमी (नशे झूमते हुए): हवलदार साहब यही मेरा घर है!
हवलदार: क्या आपको अच्छे से याद है?
आदमी: आपको यकीन नहीं है, तो आप मेरे पीछे-पीछे आते जाओ!
उस आदमी की बात सुन हवलदार उसके पीछे चल पड़ता है, नशे में झूमते हुए वह आदमी घर का दरवाज़ा खोलता है और हवलदार को सीधा अपने बेडरूम में ले जाता है और कहता है;
आदमी: साहब ये देखो ये मेरा बेडरूम है, ये मेरा बेड है, ये मेरी पत्नी है और वो देखो वो उसके साथ मैं सो रहा हूँ!