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अदालत की तौहीन!

अदालत में मुक़दमा चल रहा था कि शराबी पति ने अपनी पत्नी का हाथ तोड़ दिया।

जज के सामने जब पति को पेश किया गया तो उसने सुबकते-सुबकते सारी घटना सुना दी। जज ने पति से भविष्य से अच्छा व्यवहार करने के वायदे पर उसे छोड़ दिया।

लेकिन दूसरे दिन ही उसे पत्नी का दूसरा हाथ तोड़ने पर जज के सामने लाया गया।

इस बार उसने सफाई देते हुए बताया, "हजूर छूटने पर अपने को सम्भालने के लिए मैंने थोड़ी सी शराब पी पर जब इससे भी कोई फर्क नहीं आया तो थोड़ी-थोड़ी करके मैं दो बोतलें पी गया। दो बोतल शराब पीने के बाद जब मैं घर पहुंचा तो मेरी पत्नी मुझ पर चिल्लाने लगी कि शराबी ,आ गया नाली में लेटकर।

हजूर मैंने अपनी हालत पर गौर किया और सोचा शायद यह ठीक कहती है। इसलिए मैं खामोश रहा। इसके बाद वह बोली, "हरामखोर, कुछ काम धन्धा भी करा कर।" हजूर मैं इस पर भी मैं कुछ नहीं बोला पर फिर तो इसने हद ही कर दी और बोली, "अगर जज में थोड़ी सी भी अकल होती तो तू अब तक जेल में होता।" बस हजूर, अदालत की तौहीन मुझसे बर्दाश्त ना हुई!

शायर पत्नी!

पत्नी जब मायके जाती है और फिर जब पति कि याद आती है तो कैसे रोमांटिक मैसेज भेजती है:

"मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;
और हाँ, आटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!

मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

मिलकर फिर खुशियों को बाँटना है;
टमाटर जरा बारीक़ ही काटना है!

लोग हमारी मोहब्ब्त से जल न जाएं;
चावल टाइम पे देख लेना कहीं गल न जाएं!

कैसी लगी हमारी ग़जल बता देना;
नमक कम लगे तो और मिला लेना!

सबसे भयानक कौन?

एक बार जंगल में कुछ लोग हवन कर रहे थे। देवताओं को खुश करने के लिए ज़ोर-ज़ोर से मंत्र पढ़े जा रहे थे, लेकिन अचानक ही वहाँ एक राक्षस प्रकट हो गया। लपलपाती, आग उगलती जिव्हा और खून से सने उसके लंबे नुकीले दाँत उसे बहुत ही भयानक बना रहे थे।

चारों तरफ भगदड़ मच गई।

जिसे जैसी जगह दिखी भाग निकला। कुछ ही पलों में सब खाली हो गया।

इस सब में एक व्यक्ति वहीँ बैठा हुआ था।

राक्षस गरजते हुए उसके पास पहुंचा और पूछा, "तुम जानते नहीं मैं कौन हूँ?"

उस व्यक्ति ने कहा, "हाँ मैं जानता हूँ। तुम कुम्भीपाक नर्क के राक्षस हो।"

राक्षस ने गरजते हुए, आग उगली और फिर पूछा, "तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता?"

उस व्यक्ति ने जवाब दिया, "नहीं, बिलकुल भी नहीं।"

यह सुनकर गुस्से में पागल राक्षस बोला, "अब कोई भी तुम्हारी रक्षा नहीं कर पायेगा मूर्ख! ये बता तुझे मेरा भय क्यों नहीं है?"

उस व्यक्ति ने उसी शान्ति से जवाब दिया, "क्योंकि मैं पिछले पच्चीस वर्षों से शादीशुदा हूँ और मेरी बीवी तुमसे भी भयानक है!"

प्रेम पत्र!

जीतो की एक सहेली ज्यादा पड़ी लिखी ना थी उसकी शादी एक अच्छे पढ़े-लिखे साहब से हो गई। जो शहर में काम करता था। शादी के लगभग तीन-चार माह बाद उसके पति का पत्र आया। पत्र काफी साहित्यिक था, अंत: उसने जवाब भी उसी तरह देना चाहा।

उसने जीतो से पूछा कि सम्भोधन कैसे करूँ और अंत में क्या लिखूं।

जीतो ने उसे बताया कि शुरू में लिखना, 'मेरे प्राण पति और अंत में आप के चरणों की दासी।'

यह पूछकर वो चली गई। उसने पत्र लिखा। तीसरे दिन उसके पति का नाराजगी भरा पत्र आया। वो जीतो के पास रोती हुई आई तो जीतो ने उससे पूछा, "ऐसा क्या लिख दिया कि तुम्हारे पति नाराज हो गए। मैंने तो ऐसी कोई बात नहीं लिखाई।"

इस पर जीतो की सहेली ने अपने पति का पत्र जीतो की तरफ बढ़ा दिया। पत्र पढ़कर उसका हंसी के मारे बुरा हाल हो गया। उसकी सहेली ने अपने पत्र में लिखा था, 'मेरे चरण पति और अंत में लिखा था आपके प्राणों की प्यासी।'

Quotes

​​जल्दी गुस्सा करना जल्द ही आपको मूर्ख साबित कर देगा।

Trivia

Leonardo da Vinci invented scissors.

Graffiti

Gravity isn't easy, but it's the law.