• न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,<br/>
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,
    के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    ~ Parveen Shakir
  • मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;<br/>
मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;
    मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    ~ Parveen Shakir
  • तेरे बदलने के बावसफ भी तुझ को चाहा है;<br/>
यह एतराफ़ भी शामिल मेरे गुनाहों में है!
    तेरे बदलने के बावसफ भी तुझ को चाहा है;
    यह एतराफ़ भी शामिल मेरे गुनाहों में है!
    ~ Parveen Shakir
  • यह मेरी ज़ात की सब से बड़ी तमन्ना थी,<br/>
काश, के वो मेरा होता, मेरे नाम की तरहँ!
    यह मेरी ज़ात की सब से बड़ी तमन्ना थी,
    काश, के वो मेरा होता, मेरे नाम की तरहँ!
    ~ Parveen Shakir
  • न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है;<br/>
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है;
    के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    ~ Parveen Shakir
  • पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद,<br/>
इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद;<br/>
मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद,<br/>
सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद!
    पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद,
    इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद;
    मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद,
    सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद!
    ~ Parveen Shakir
  • धनक धनक मेरी पोरों के ख़्वाब कर देगा;<br/>
वो लम्स मेरे बदन को गुलाब कर देगा!<br/><br/>

धनक: इन्द्रधनुष<br/>
लम्स: स्पर्श
    धनक धनक मेरी पोरों के ख़्वाब कर देगा;
    वो लम्स मेरे बदन को गुलाब कर देगा!

    धनक: इन्द्रधनुष
    लम्स: स्पर्श
    ~ Parveen Shakir
  • हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ,<br/>
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं।
    हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ,
    दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं।
    ~ Parveen Shakir
  • दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं,<br/>
देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन।
    दुश्मनों के साथ मेरे दोस्त भी आज़ाद हैं,
    देखना है खींचता है मुझ पे पहला तीर कौन।
    ~ Parveen Shakir
  • कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने;<br/>
बात तो सच है ये मगर बात है रुस्वाई की।
    कैसे कह दूँ कि मुझे छोड़ दिया है उस ने;
    बात तो सच है ये मगर बात है रुस्वाई की।
    ~ Parveen Shakir