• अब वही करने लगे दीदार से आगे की बात;<br/>
जो कभी कहते थे बस दीदार होना चाहिए!
    अब वही करने लगे दीदार से आगे की बात;
    जो कभी कहते थे बस दीदार होना चाहिए!
    ~ Zafar Iqbal
  • जिस से चाहा था, बिखरने से बचा ले मुझको;<br />
कर गया तुन्द हवाओं के हवाले मुझ को;<br />
मैं वो बुत हूँ कि तेरी याद मुझे पूजती है;<br />
फिर भी डर है ये कहीं तोड़ न डाले मुझको।
    जिस से चाहा था, बिखरने से बचा ले मुझको;
    कर गया तुन्द हवाओं के हवाले मुझ को;
    मैं वो बुत हूँ कि तेरी याद मुझे पूजती है;
    फिर भी डर है ये कहीं तोड़ न डाले मुझको।
    ~ Zafar Iqbal