• ईश्वर ने हमें जन्म दिया है ताकि हम संसार में अच्छे काम करें और बुराई को दूर करें|Upload to Facebook
    ईश्वर ने हमें जन्म दिया है ताकि हम संसार में अच्छे काम करें और बुराई को दूर करें|
    ~ Guru Gobind Singh Ji
  • एक सच्चे सैनिक को सैन्य और आध्यात्मिक दोनों ही प्रशिक्षण की ज़रुरत होती है|Upload to Facebook
    एक सच्चे सैनिक को सैन्य और आध्यात्मिक दोनों ही प्रशिक्षण की ज़रुरत होती है|
    ~ Subhash Chandra Bose
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
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    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|Upload to Facebook
    कभी मत सोचिये कि आत्मा के लिए कुछ असंभव है| ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है| अगर कोई पाप है, तो वो यही है; ये कहना कि तुम निर्बल हो या अन्य निर्बल हैं|
    ~ Swami Vivekananda
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|Upload to Facebook
    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।Upload to Facebook
    मैं ऐसी दुनिया का ख्वाब देखता हूँ जहाँ बाल श्रम ना हो, एक ऐसी दुनिया जिसमें हर बच्चा स्कूल जाता हो। एक दुनिया जहाँ हर बच्चे को उसका अधिकार मिले।
    ~ Kailash Satyarthi
  • कभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।Upload to Facebook
    कभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।
    ~ Dalai Lama
  • मंदिरों की आवश्यकता नहीं है, ना ही जटिल तत्त्वज्ञान की। मेरा मस्तिष्क और मेरा हृदय मेरे मंदिर हैं; मेरा दर्शन दयालुता है।Upload to Facebook
    मंदिरों की आवश्यकता नहीं है, ना ही जटिल तत्त्वज्ञान की। मेरा मस्तिष्क और मेरा हृदय मेरे मंदिर हैं; मेरा दर्शन दयालुता है।
    ~ Dalai Lama
  • हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।Upload to Facebook
    हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक हम अन्दर से शांत ना हों।
    ~ Dalai Lama
  • यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।Upload to Facebook
    यदि भगवान छु-अछूत को मानता है तो मैं उसे भगवान नहीं कहूँगा।
    ~ Bal Gangadhar Tilak
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