• दुश्मनी की वजह से उत्पन होने वाली आग एक पक्ष को राख किए बिना कभी शांत नहीं होती।
    दुश्मनी की वजह से उत्पन होने वाली आग एक पक्ष को राख किए बिना कभी शांत नहीं होती।
    ~ Maharshi Vedvyas
  • नफ़रत नापसंदगी की तुलना में अधिक स्थायी होती है|
    नफ़रत नापसंदगी की तुलना में अधिक स्थायी होती है|
    ~ Adolf Hitler
  • क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है।
    क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है।
    ~ Premchand
  • क्रोध कभी बिना कारण के नहीं होता और कभी-कभी यह एक अच्छे कारण के साथ होता है।
    क्रोध कभी बिना कारण के नहीं होता और कभी-कभी यह एक अच्छे कारण के साथ होता है।
    ~ Benjamin Franklin
  • क्रोध में आपका मुँह आपके मन की तुलना में ज्यादा चलता है।
    क्रोध में आपका मुँह आपके मन की तुलना में ज्यादा चलता है।
    ~ Joe Moore
  • कभी भी यह मत भूलो कि किसी आदमी ने क्रोध में आपसे क्या कहा था।
    कभी भी यह मत भूलो कि किसी आदमी ने क्रोध में आपसे क्या कहा था।
    ~ Henry Ward Beecher
  • गुस्से से ज्ञान का प्रकाश बुझ जाता है।
    गुस्से से ज्ञान का प्रकाश बुझ जाता है।
    ~ R. G. Ingersoll
  • क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।
    क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।
    ~ Mahatma Gandhi
  • जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो।
    जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो।
    ~ Confucius