• ऐसा लगता है कि हर किसी को ये स्पष्ठ है कि और लोगों को अपना जीवन कैसे जीना चाहिए, पर उन्हें अपने बारे में कुछ नहीं पता है|Upload to Facebook
    ऐसा लगता है कि हर किसी को ये स्पष्ठ है कि और लोगों को अपना जीवन कैसे जीना चाहिए, पर उन्हें अपने बारे में कुछ नहीं पता है|
    ~ Paulo Coelho
  • मैंने सीखा है की ज़िन्दगी में दोनों हाथों में पकड़ने वाले दस्ताने डालकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए; आपमें कुछ वापस देने में सक्षम होने चाहिए|
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    मैंने सीखा है की ज़िन्दगी में दोनों हाथों में पकड़ने वाले दस्ताने डालकर आगे नहीं बढ़ना चाहिए; आपमें कुछ वापस देने में सक्षम होने चाहिए|
    ~ Maya Angelou
  • मैं जातिवाद से घृणा करता हूँ, मुझे यह बर्बरता लगती है, फिर चाहे वह अश्वेत व्यक्ति से आ रही हो या श्वेत व्यक्ति से|
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    मैं जातिवाद से घृणा करता हूँ, मुझे यह बर्बरता लगती है, फिर चाहे वह अश्वेत व्यक्ति से आ रही हो या श्वेत व्यक्ति से|
    ~ Nelson Mandela
  • मौत सबसे बुरी चीज नहीं है, जो इंसान के साथ हो सकती है|Upload to Facebook
    मौत सबसे बुरी चीज नहीं है, जो इंसान के साथ हो सकती है|
    ~ Plato
  • मैं कहूँगा कि एक चीज जो मैं अलग ढंग से करना चाहता वो है और अधिक आउटगोइंग होना।Upload to Facebook
    मैं कहूँगा कि एक चीज जो मैं अलग ढंग से करना चाहता वो है और अधिक आउटगोइंग होना।
    ~ Ratan Tata
  • यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
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    यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा|
    ~ Sai Baba
  • सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है|

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    सौंदर्य एक अल्पकालिक अत्याचार है|
    ~ Socrates
  • अपनी भावनाओं को व्यक्त करना संबंधों में कड़वाहट ला सकता है , लेकिन ना व्यक्त करना खुद सम्बन्ध को ही आघात पहुंचा देगा।Upload to Facebook
    अपनी भावनाओं को व्यक्त करना संबंधों में कड़वाहट ला सकता है , लेकिन ना व्यक्त करना खुद सम्बन्ध को ही आघात पहुंचा देगा।
    ~ Mahatria Ra
  • मेरी समझ से प्रशाशन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके|Upload to Facebook
    मेरी समझ से प्रशाशन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके|
    ~ Lal Bahadur Shastri
  • हम उम्र बढ़ने, बीमारी और मृत्यु के शिकार नहीं हैं. ये सीनरी का हिस्सा हैं, सिद्ध पुरुष नहीं हैं जिनमे कोई बदलाव नहीं आता. यह सिद्ध पुरुष आत्मा है, सनातन अस्तित्व की अभिव्यक्ति|Upload to Facebook
    हम उम्र बढ़ने, बीमारी और मृत्यु के शिकार नहीं हैं. ये सीनरी का हिस्सा हैं, सिद्ध पुरुष नहीं हैं जिनमे कोई बदलाव नहीं आता. यह सिद्ध पुरुष आत्मा है, सनातन अस्तित्व की अभिव्यक्ति|
    ~ Deepak Chopra
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