• किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय व्यर्थ नष्ट न करो, उसके गुणों को अपनाने का प्रयत्न करो।
    किसी के गुणों की प्रशंसा करने में अपना समय व्यर्थ नष्ट न करो, उसके गुणों को अपनाने का प्रयत्न करो।
    ~ Karl Marx
  • कोई भी पूरी तरह आज़ाद नहीं है, यहाँ तक कि पक्षी भी आकाश की सीमा में बंधे हुए हैं।
    कोई भी पूरी तरह आज़ाद नहीं है, यहाँ तक कि पक्षी भी आकाश की सीमा में बंधे हुए हैं।
    ~ Bob Dylan
  • बुद्धिमान लोगों की कद्र होती है, अमीरों की सराहना, ताकतवर से सब डरते हैं, पर ईमानदार लोगों पर ही सब भरोसा करते हैं। इसलिए आप जो भी करें, उसमें ईमानदार रहे।
    बुद्धिमान लोगों की कद्र होती है, अमीरों की सराहना, ताकतवर से सब डरते हैं, पर ईमानदार लोगों पर ही सब भरोसा करते हैं। इसलिए आप जो भी करें, उसमें ईमानदार रहे।
    ~ Navjot Singh Sidhu
  • तालियाँ, रशीद हैं, बिल नहीं।
    तालियाँ, रशीद हैं, बिल नहीं।
    ~ Dale Carnegie
  • पूँजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों  का खून चूस कर जिंदा रहता है, और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है।
    पूँजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों का खून चूस कर जिंदा रहता है, और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है।
    ~ Karl Marx
  • असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह  हैं।
    असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह हैं।
    ~ Dale Carnegie
  • बिना शाशक और शाशित के बीच की दूरी कम किये भ्रष्टाचार को नहीं मिटाया जा सकता।
    बिना शाशक और शाशित के बीच की दूरी कम किये भ्रष्टाचार को नहीं मिटाया जा सकता।
    ~ Kiran Bedi
  • अतीत पे ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो।
    अतीत पे ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो।
    ~ Buddha
  • असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह हैं।
    असफलता को सफलता में बदलो. निराशा और असफलता सफलता के रास्ते में आने वाली दो निश्चित पद चिन्ह हैं।
    ~ Dale Carnegie
  • वह मन जो स्थिर है , उसके प्रति पूर्ण ब्रह्माण्ड समर्पित हो जाता है।
    वह मन जो स्थिर है , उसके प्रति पूर्ण ब्रह्माण्ड समर्पित हो जाता है।
    ~ Lao Tzu