• जख्म ऐ दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराना भी इश्क है;<br/>
याद रखना `याद` करना और `याद` आना भी इश्क है!
    जख्म ऐ दिल पर हाथ रखकर मुस्कुराना भी इश्क है;
    याद रखना "याद" करना और "याद" आना भी इश्क है!
  • हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,<br/>
वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
    हसरत भरी निगाहों को आराम तक नहीं,
    वो यूँ बदल गये है के अब सलाम तक नहीं!
  • बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार;<br/>
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है!
    बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार;
    मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है!
    ~ Gulzar
  • एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;<br/>
मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!
    एक दूसरे से बिछड़ के हम कितने रंगीले हो गये;
    मेरी आँखें लाल हो गयी और तेरे हाथ पीले हो गए!
  • गिरते हुऐ अश्क की कीमत न पूछना;<br/>
इश्क़ के हर बूंद में लाखों सवाल होते हैं!
    गिरते हुऐ अश्क की कीमत न पूछना;
    इश्क़ के हर बूंद में लाखों सवाल होते हैं!
  • तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;<br/>
मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
    तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;
    मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
  • न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,<br/>
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है,
    के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    ~ Parveen Shakir
  • तेरे साथ का मतलब जो भी हो;<br/>
तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं!
    तेरे साथ का मतलब जो भी हो;
    तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं!
  • मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;<br/>
मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    मेरे हम-सकूँ का यह हुक्म था के कलाम उससे मैं कम करूँ;
    मेरे होंठ ऐसे सिले के फिर उसे मेरी चुप ने रुला दिया!
    ~ Parveen Shakir
  • यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इन्तहा,<br/> 
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल में!
    यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इन्तहा,
    कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल में!