• तुमने ही लगा दिया इल्ज़ाम-ए-बेवफ़ाई;<br/>
अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी!
    तुमने ही लगा दिया इल्ज़ाम-ए-बेवफ़ाई;
    अदालत भी तेरी थी गवाह भी तू ही थी!
  • न जख्म भरे, न शराब सहारा हुई;<br/>
न वो वापस लौटी न मोहब्बत दोबारा हुई!
    न जख्म भरे, न शराब सहारा हुई;
    न वो वापस लौटी न मोहब्बत दोबारा हुई!
  • फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो, जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो;<br/>
जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ, आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।
    फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो, जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो;
    जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ, आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत समझो।
  • जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता, मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता;<br/>
काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त, फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता।
    जो तीर भी आता वो खाली नहीं जाता, मायूस मेरे दिल से सवाली नहीं जाता;
    काँटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाज़त, फूलों को बचाने कोई माली नहीं जाता।
  • वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,<br/>
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली!
    वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
    इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली!
  • यादें करवट बदल रही हैं, और मैं तनहा तनहा सा हूँ;<br/>
वक़्त भी जिससे रूठ गया है, मैं वो बेबस लम्हा हूँ!
    यादें करवट बदल रही हैं, और मैं तनहा तनहा सा हूँ;
    वक़्त भी जिससे रूठ गया है, मैं वो बेबस लम्हा हूँ!
  • काँच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए:<br/>
हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया!
    काँच के दिल थे जिनके उनके दिल टूट गए:
    हमारा दिल था मोम का पिघलता ही चला गया!
  • घायल कर के मुझे उसने पूछा, करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे;<br/>
लहू-लहू था दिल मेरा मगर, होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा!
    घायल कर के मुझे उसने पूछा, करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे;
    लहू-लहू था दिल मेरा मगर, होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा!
  • यूँ ही नहीं होती हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ;<br/>
रब ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है!
    यूँ ही नहीं होती हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ;
    रब ने भी किस्मत से पहले मेहनत लिखी है!
  • जाने वो कैसे मुकद्दर की किताब लिख देता है,<br/>
साँसे गिनती की, और ख्वाहिशें बेहिसाब लिख देता है!
    जाने वो कैसे मुकद्दर की किताब लिख देता है,
    साँसे गिनती की, और ख्वाहिशें बेहिसाब लिख देता है!