• क्यों कोशिश करते हो दिल-ए-नादान सबको खुश रखने की;<br/>
यहा कुछ लोगों की नाराजगी भी जरुरी होती है चर्चे में बने रहने के लिए!
    क्यों कोशिश करते हो दिल-ए-नादान सबको खुश रखने की;
    यहा कुछ लोगों की नाराजगी भी जरुरी होती है चर्चे में बने रहने के लिए!
  • कभी तो कोई ख़ुशी चखा ऐ ज़िंदगी;<br/>

तुझसे किसने कह दिया के हमारा रोज़ा है!
    कभी तो कोई ख़ुशी चखा ऐ ज़िंदगी;
    तुझसे किसने कह दिया के हमारा रोज़ा है!
  • एक ही बात सीखी है रंगों से;<br/>
ग़र निखरना है तो बिखरना ज़रूरी है!
    एक ही बात सीखी है रंगों से;
    ग़र निखरना है तो बिखरना ज़रूरी है!
  • नाकाम हुए हम दोनों बहुत ही बुरी तरह से;<br/>
तुम हमें चाह ना सके और हम तुम्हें भूला ना सके!
    नाकाम हुए हम दोनों बहुत ही बुरी तरह से;
    तुम हमें चाह ना सके और हम तुम्हें भूला ना सके!
  • जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है `साहिब`;<br/>
फिक्र में होते है तो, खुद जलते हैं, बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है!
    जलने और जलाने का बस इतना सा फलसफा है `साहिब`;
    फिक्र में होते है तो, खुद जलते हैं, बेफ़िक्र होते हैं तो दुनिया जलती है!
  • इस दिल को और बेकरार तो होना ही था;<br/>
किसी न किसी से उसे प्यार तो होना ही था!<br/>
तुम अपने आस्तीन में गर साँप पाल रहे हो;<br/>
आप को थौड़ा ख़बरदार तो होना ही था!
    इस दिल को और बेकरार तो होना ही था;
    किसी न किसी से उसे प्यार तो होना ही था!
    तुम अपने आस्तीन में गर साँप पाल रहे हो;
    आप को थौड़ा ख़बरदार तो होना ही था!
  • फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फ़ासले बढा दिए;<br/>
वरना सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
    फ़िक्र-ए-रोज़गार ने फ़ासले बढा दिए;
    वरना सब यार एक साथ थे, अभी कल ही की तो बात है!
  • हौंसलों का सबूत देना था किसी को;<br/>
इसलिए ठोकरें खा के भी मुस्कुरा पड़े!
    हौंसलों का सबूत देना था किसी को;
    इसलिए ठोकरें खा के भी मुस्कुरा पड़े!
  • बड़े महँगे किरदार है ज़िंदगी में, जनाब;<BR/>
समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं!
    बड़े महँगे किरदार है ज़िंदगी में, जनाब;
    समय समय पर सबके भाव बढ़ जाते हैं!
  • मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं।<BR/>
मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है।
    मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं।
    मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है।