• कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी;<br/>
सुंदरता का झरना भी तुम हो, मोहब्बत का दरिया भी तुम हो!
    कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी;
    सुंदरता का झरना भी तुम हो, मोहब्बत का दरिया भी तुम हो!
  • करता नही है कोई कद्र यहाँ किसी के अहसासों की;<br/>
हर किसी को फिक्र है बस मतलब के ताल्लुक़ातो की!
    करता नही है कोई कद्र यहाँ किसी के अहसासों की;
    हर किसी को फिक्र है बस मतलब के ताल्लुक़ातो की!
  • मोहब्बत ख़त्म है लेकिन अभी रिश्ता नहीं टूटा;<br/>
कि जितना टूटना था दिल अभी उतना नहीं टूटा!
    मोहब्बत ख़त्म है लेकिन अभी रिश्ता नहीं टूटा;
    कि जितना टूटना था दिल अभी उतना नहीं टूटा!
  • ये भी एक तमाशा है इश्क और मोहब्बत में;<br/>
दिल किसी का होता है और बस किसी का चलता है!
    ये भी एक तमाशा है इश्क और मोहब्बत में;
    दिल किसी का होता है और बस किसी का चलता है!
  • ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;<br/>
कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम!
    ये आईने क्या दे सकेंगे तुम्हे तुम्हारी शख्सियत की खबर;
    कभी हमारी आँखो से आकर पूछो कितने लाजवाब हो तुम!
  • तुम स्नेह के सौदे भी अजीब करते हो,<br/>
बस जरा सा मुस्कुरा कर दिल खरीद लेते हो!
    तुम स्नेह के सौदे भी अजीब करते हो,
    बस जरा सा मुस्कुरा कर दिल खरीद लेते हो!
  • सादगी इतनी भी नहीं है अब बाक़ी मुझमें;<br/>
कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं!
    सादगी इतनी भी नहीं है अब बाक़ी मुझमें;
    कि तू वक़्त गुज़ारे और मैं मोहब्बत समझूं!
  • बीच का रास्ता नहीं होता है,<br/>
इश्क होता है या नहीं होता है!
    बीच का रास्ता नहीं होता है,
    इश्क होता है या नहीं होता है!
  • दूसरों को खास करने की चाह में;<br/>
अक्सर खुद को आम कर देता हूँ!
    दूसरों को खास करने की चाह में;
    अक्सर खुद को आम कर देता हूँ!
  • बुरे वक्त में भी एक अच्छाई होती है;<br/>
जैसे ही ये आता है फालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं!
    बुरे वक्त में भी एक अच्छाई होती है;
    जैसे ही ये आता है फालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं!