• ऐ मौसम ज़रा रेहम कर दिलों पर;<br/>
जरुरी नही हर मेहबूब अपने प्यार के साथ हो!
    ऐ मौसम ज़रा रेहम कर दिलों पर;
    जरुरी नही हर मेहबूब अपने प्यार के साथ हो!
  • अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो;<br/>
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो!
    अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो;
    तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो!
    ~ Munawwar Rana
  • ऐ जुनूँ फिर मिरे सर पर वही शामत आई;<br/>
फिर फँसा ज़ुल्फ़ों में दिल फिर वही आफ़त आई!
    ऐ जुनूँ फिर मिरे सर पर वही शामत आई;
    फिर फँसा ज़ुल्फ़ों में दिल फिर वही आफ़त आई!
    ~ Aasi Ghazipuri
  • हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल;<br/>
किसे देख कर आप शरमाइएगा!
    हमीं जब न होंगे तो क्या रंग-ए-महफ़िल;
    किसे देख कर आप शरमाइएगा!
    ~ Jigar Moradabadi
  • ऐ आसमान तेरे ख़ुदा का नहीं है ख़ौफ़;<br/>
डरते हैं ऐ ज़मीन तेरे आदमी से हम!
    ऐ आसमान तेरे ख़ुदा का नहीं है ख़ौफ़;
    डरते हैं ऐ ज़मीन तेरे आदमी से हम!
  • बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर;<br/>
वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे!
    बहुत हसीन सही सोहबतें गुलों की मगर;
    वो ज़िंदगी है जो काँटों के दरमियाँ गुज़रे!
    ~ Jigar Moradabadi
  • खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,<br/>
जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;<br/>
कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,<br/>
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है!
    खूबसूरत सा एक पल किस्सा बन जाता है,
    जाने कब कौन ज़िंदगी का हिस्सा बन जाता है;
    कुछ लोग ज़िंदगी में मिलते हैं ऐसे,
    जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है!
  • कभी आँसू तो कभी खुशी देखी,<br/>
हमने अक्सर मजबूरी और बेबसी देखी;<br/>
उनकी नाराजगी को हम क्या समझें,<br/>
हमने खुद की तकदीर की बेबसी देखी!
    कभी आँसू तो कभी खुशी देखी,
    हमने अक्सर मजबूरी और बेबसी देखी;
    उनकी नाराजगी को हम क्या समझें,
    हमने खुद की तकदीर की बेबसी देखी!
  • दोस्ती का फ़र्ज़ यूँ ही निभाते रहेंगे,<br/>
वक्त बेवक्त आपको सताते रहेंगे;<br/>
दुआ करो कि उम्र लम्बी हो हमारी,<br/>
वरना याद बन के आपको सताते रहेंगे!
    दोस्ती का फ़र्ज़ यूँ ही निभाते रहेंगे,
    वक्त बेवक्त आपको सताते रहेंगे;
    दुआ करो कि उम्र लम्बी हो हमारी,
    वरना याद बन के आपको सताते रहेंगे!
  • तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है ये उठे सुबह चले;<br/>
ये झुके शाम ढले मेरा जीना मेरा मरना इन ही पलकों के तले!
    तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है ये उठे सुबह चले;
    ये झुके शाम ढले मेरा जीना मेरा मरना इन ही पलकों के तले!