• तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;<br/>

मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
    तुम मेरे हो ऐसी हम जिद नही करेंगे;
    मगर हम तुम्हारे ही रहेंगे ये तो हम हक से कहेंगे!
  • तेरे साथ का मतलब जो भी हो;<br/>
तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं!
    तेरे साथ का मतलब जो भी हो;
    तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं!
  • न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है;<br/>
के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    न जाने कौन सा आसब दिल में बसता है;
    के जो भी ठहरा वो आखिर मकान छोड़ गया!
    ~ Parveen Shakir
  • नाराज़गी भी एक खूबसूरत रिश्ता है;<br/>

जिससे होती है, वह व्यक्ति दिल और दिमाग, दोनों में रहता है।
    नाराज़गी भी एक खूबसूरत रिश्ता है;
    जिससे होती है, वह व्यक्ति दिल और दिमाग, दोनों में रहता है।
  • गिरते हुऐ `अश्क` की `कीमत` `न` पूछना;<br/>
इश्क़` के हर बूंद में `लाखों` `सवाल` होते हैं!
    गिरते हुऐ "अश्क" की "कीमत" "न" पूछना;
    इश्क़" के हर बूंद में "लाखों" "सवाल" होते हैं!
  • कई जन्मों से तेरे पीछे चलते रहे हैं हम,<br/>

होते हुए तरल भी पिघलते रहे हैं हम,<br/>

तू हो के व्यस्त भूल गया वादे हजार कर के,<br/>

तेरी बेरुखी की आग में जलते रहे हैं हम।
    कई जन्मों से तेरे पीछे चलते रहे हैं हम,
    होते हुए तरल भी पिघलते रहे हैं हम,
    तू हो के व्यस्त भूल गया वादे हजार कर के,
    तेरी बेरुखी की आग में जलते रहे हैं हम।
  • फिर तेरे कूचे को जाता है ख्याल,<br/>
दिल-ऐ-ग़म गुस्ताख़ मगर याद आया;<br/> 
कोई वीरानी सी वीरानी है,<br/>
दश्त को देख के घर याद आया!
    फिर तेरे कूचे को जाता है ख्याल,
    दिल-ऐ-ग़म गुस्ताख़ मगर याद आया;
    कोई वीरानी सी वीरानी है,
    दश्त को देख के घर याद आया!
    ~ Mirza Ghalib
  • ये व्यक्तित्व की गरिमा है, कि फूल कुछ नही कहते,<br/>
वरना कभी ,कांटों को, मसलकर दिखाईये!
    ये व्यक्तित्व की गरिमा है, कि फूल कुछ नही कहते,
    वरना कभी ,कांटों को, मसलकर दिखाईये!
  • पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद,<br/>
इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद;<br/>
मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद,<br/>
सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद!
    पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद,
    इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद;
    मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद,
    सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद!
    ~ Parveen Shakir
  • हमेशा फूलों की तरह, अपनी आदत से बेबस रहिये;<br/>
तोडने वाले को भी, खुशबू की सजा देते रहिये!
    हमेशा फूलों की तरह, अपनी आदत से बेबस रहिये;
    तोडने वाले को भी, खुशबू की सजा देते रहिये!