• दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,<br/>
जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये!
    दर्द आँखों से निकला तो सबने बोला कायर है ये,
    जब दर्द लफ़्ज़ों से निकला तो सब बोले शायर है ये!
  • राह तकते जब थक गई मेरी आँखें;<br/>
फिर तुझे ढूंढने मेरी आँखों से आँसू निकले!
    राह तकते जब थक गई मेरी आँखें;
    फिर तुझे ढूंढने मेरी आँखों से आँसू निकले!
  • मेरे पलकों मे भरे आँसू उन्हें पानी सा लगता है;<br/>
हमारा टूट कर चाहना उन्हे नादानी सा लगता है!
    मेरे पलकों मे भरे आँसू उन्हें पानी सा लगता है;
    हमारा टूट कर चाहना उन्हे नादानी सा लगता है!
  • गिरते हुऐ अश्क की कीमत न पूछना;<br/>
इश्क़ के हर बूंद में लाखों सवाल होते हैं!
    गिरते हुऐ अश्क की कीमत न पूछना;
    इश्क़ के हर बूंद में लाखों सवाल होते हैं!
  • अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको;<br/>
इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये!
    अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको;
    इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये!
  • ख्यालों में मेरे कभी आप भी खोये होंगे,<br/> 
खुली आँखों से कभी आप भी सोये होंगे,<br/>  
माना हँसी अदा है गम भुलाने की लेकिन,<br/>  
हँसते-हँसते कभी आप भी रोये होंगे।
    ख्यालों में मेरे कभी आप भी खोये होंगे,
    खुली आँखों से कभी आप भी सोये होंगे,
    माना हँसी अदा है गम भुलाने की लेकिन,
    हँसते-हँसते कभी आप भी रोये होंगे।
  • आँखों से छलकती मोहब्बत को यूँ अल्फ़ाज़ मिलते है,<br/>
जो गिरे आँखों से दो बुँदे वो भी तो प्यार बयां करते है!
    आँखों से छलकती मोहब्बत को यूँ अल्फ़ाज़ मिलते है,
    जो गिरे आँखों से दो बुँदे वो भी तो प्यार बयां करते है!
  • कतरे - कतरे की प्यास बुझाई है;<br/>
हमने आँख सहरा में भी बरसाई है!
    कतरे - कतरे की प्यास बुझाई है;
    हमने आँख सहरा में भी बरसाई है!
  • उभर फिर पुराना इक ग़म आ गया है;<br/>
आँखों में बरसात का मौसम आ गया है!
    उभर फिर पुराना इक ग़म आ गया है;
    आँखों में बरसात का मौसम आ गया है!
  • दिल से तो कई मौसम गुज़र जाते हैं;<br/>
आँखों से मगर  बरसात नहीं जाती!
    दिल से तो कई मौसम गुज़र जाते हैं;
    आँखों से मगर बरसात नहीं जाती!