• हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते;<br/>
हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं।
    हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते;
    हर तकलीफ़ में ताक़त की दवा देते हैं।
  • ये जो जिंदगी की किताब है;<br/>
ये किताब भी क्या किताब है;<br/>
इंसान जिल्द संवारने में व्यस्त है;<br/>
और पन्ने बिखरने को बेताब हैं!
    ये जो जिंदगी की किताब है;
    ये किताब भी क्या किताब है;
    इंसान जिल्द संवारने में व्यस्त है;
    और पन्ने बिखरने को बेताब हैं!
  • महफ़िल में जो हमे दाद देने से कतराते हैं;<br/>
सुना है तन्हाइयों में वो हमारी शायरी गुनगुनाते हैं।
    महफ़िल में जो हमे दाद देने से कतराते हैं;
    सुना है तन्हाइयों में वो हमारी शायरी गुनगुनाते हैं।
  • जिंदगी ने मेरे मर्ज़ का, एक बढीया इलाज़ बताया,<br/>
वक्त को दवा कहा और मतलबियो से परहेज बताया|
    जिंदगी ने मेरे मर्ज़ का, एक बढीया इलाज़ बताया,
    वक्त को दवा कहा और मतलबियो से परहेज बताया|
  • अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारो के;<br/>

उतरना दिल मे है या दिल से उतरना है!
    अल्फाज तय करते हैं फैसले किरदारो के;
    उतरना दिल मे है या दिल से उतरना है!
  • तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं है,<br/>

तमन्ना तुम्हारे रंग मे रंग जाने की है!
    तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं है,
    तमन्ना तुम्हारे रंग मे रंग जाने की है!
  • कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती;<br/>
हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज़ नहीं करती!
    कौन कहता है कि आपकी तस्वीर बात नहीं करती;
    हर सवाल का जवाब देती है बस आवाज़ नहीं करती!
  • शोहरत बेशक चुपचाप गुजर जाये;<br/>
कम्बख्त बदनामी बड़ा शोर करती है!
    शोहरत बेशक चुपचाप गुजर जाये;
    कम्बख्त बदनामी बड़ा शोर करती है!
  • ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,<br/>
पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
    ख़ुद्दारी वजह रही कि ज़माने को कभी हज़म नहीं हुए हम,
    पर ख़ुद की नज़रों में, यकीं मानो, कभी कम नहीं हुए हम!
  • बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;<br/>
चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!
    बड़ी तेज़ है आज, ये ​यादों की शीतलहर;
    चलो ​शायरियों​ का ही ​अलाव तापा जाए!