• कोई अच्छा वकील हो नजर में तो बताना मुझे;<br/>
अपने दिल का कब्ज़ा वापिस लेना है किसी से!
    कोई अच्छा वकील हो नजर में तो बताना मुझे;
    अपने दिल का कब्ज़ा वापिस लेना है किसी से!
  • क़त्ल न करो, बस मोहब्बत करके छोड़ दो;<br/>
किसी दिलजले से पूछ लो, ये भी सज़ा-ए-मौत है!
    क़त्ल न करो, बस मोहब्बत करके छोड़ दो;
    किसी दिलजले से पूछ लो, ये भी सज़ा-ए-मौत है!
  • मेरे जीने का सबब तेरे मुस्कुराने में है;<br/>
इश्क़ का जज्बा तो, बस तेरे लिये मिट जाने में है!
    मेरे जीने का सबब तेरे मुस्कुराने में है;
    इश्क़ का जज्बा तो, बस तेरे लिये मिट जाने में है!
  • हमें मनाने का गज़ब तरीका है उनके पास;<br/>
वो प्यार से एक नज़र देखते हैं और हम दिल हार जाते हैं!
    हमें मनाने का गज़ब तरीका है उनके पास;
    वो प्यार से एक नज़र देखते हैं और हम दिल हार जाते हैं!
  • भरी मेहफिल में इश्क़ का ज़िक्र हुआ,<br/>
हमने तो सिर्फ आप की ओर देखा और लोग वाह-वाह कहने लगे!
    भरी मेहफिल में इश्क़ का ज़िक्र हुआ,
    हमने तो सिर्फ आप की ओर देखा और लोग वाह-वाह कहने लगे!
  • कई ज़रिये हैं कुछ कहने के,<br/>
उनमें से एक जरिया है कुछ ना कहना!
    कई ज़रिये हैं कुछ कहने के,
    उनमें से एक जरिया है कुछ ना कहना!
  • क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क़ ने जाना है; <br/>
हम ख़ाक-नशीनों की ठोकर में ज़माना है!
    क्या हुस्न ने समझा है क्या इश्क़ ने जाना है;
    हम ख़ाक-नशीनों की ठोकर में ज़माना है!
    ~ Jigar Moradabadi
  • दिल के रिश्ते हैं बस किस्मत से बनते हैं;<br/>
वरना मुलाक़ात तो हज़ारों से होती हैं!
    दिल के रिश्ते हैं बस किस्मत से बनते हैं;
    वरना मुलाक़ात तो हज़ारों से होती हैं!
  • इंतजार, इज़हार, इबादत सब तो किया मैंने;<br/>
कैसे बताऊं कि तुमसे इश्क़ कितना किया मैंने!
    इंतजार, इज़हार, इबादत सब तो किया मैंने;
    कैसे बताऊं कि तुमसे इश्क़ कितना किया मैंने!
  • कोई जिस्म पर अटक गया कोई दिल पर अटक गया,<br/>
इश्क उसका ही मुकम्मल हुआ जो रूह तक पहुँच गया!
    कोई जिस्म पर अटक गया कोई दिल पर अटक गया,
    इश्क उसका ही मुकम्मल हुआ जो रूह तक पहुँच गया!