• हाथ मिलाओ इस क़दर के दिल में हज़ारों मशालें जल जाएँ;<br/>
किसी मुफ़लिस का घर तुम्हारे कर्मों रोशन हो जाए!Upload to Facebook
    हाथ मिलाओ इस क़दर के दिल में हज़ारों मशालें जल जाएँ;
    किसी मुफ़लिस का घर तुम्हारे कर्मों रोशन हो जाए!
  • एक नजर का झोंका आए, और छू जाए दिल को;<br/>
मोहब्बत हो जाने में, वक्त ही कितना लगता है!Upload to Facebook
    एक नजर का झोंका आए, और छू जाए दिल को;
    मोहब्बत हो जाने में, वक्त ही कितना लगता है!
  • इश्क से तबियत ने जीस्त का मजा पाया;<br/>
दर्द की दवा पाई दर्द बे-दवा पाया।Upload to Facebook
    इश्क से तबियत ने जीस्त का मजा पाया;
    दर्द की दवा पाई दर्द बे-दवा पाया।
    ~ Mirza Ghalib
  • पहली मोहब्बत पुराने मुक़द्दमे की तरह होती है;<br/>
न ख़त्म होती है और न इन्सान बाइज्जत बरी होता है।Upload to Facebook
    पहली मोहब्बत पुराने मुक़द्दमे की तरह होती है;
    न ख़त्म होती है और न इन्सान बाइज्जत बरी होता है।
  • बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में;<br/>
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में।Upload to Facebook
    बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में;
    कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में।
    ~ Kaifi Azmi
  • हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;<br/>
जो था आइने से नाज़ुक मगर था संगदिल।Upload to Facebook
    हमने भी कभी चाहा था एक ऐसे शख्स को;
    जो था आइने से नाज़ुक मगर था संगदिल।
  • उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;<br/>
क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।Upload to Facebook
    उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;
    क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।
    ~ Aziz Lucknowi
  • सितारों से आगे जहां और भी हैं;<br/>
अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।Upload to Facebook
    सितारों से आगे जहां और भी हैं;
    अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
    ~ Allama Iqbal
  • सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;<br/>
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;<br/>
शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;<br/>
आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।Upload to Facebook
    सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;
    जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;
    शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;
    आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।
    ~ Rahat Indori
  • हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;<br/>
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।Upload to Facebook
    हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;
    उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।
    ~ Bashir Badr