• इश्क़ की होलियां खेलनी छोड़ दी है हमने,<br/>

वरना हर चेहरे पे रंग सिर्फ़ हमारा ही होता!
    इश्क़ की होलियां खेलनी छोड़ दी है हमने,
    वरना हर चेहरे पे रंग सिर्फ़ हमारा ही होता!
  • कौन सा रंग लगाऊं तेरे चेहरे पर,<br/>

कि मेरा मन तो पहले ही तेरे रंग में रंग चुका है!
    कौन सा रंग लगाऊं तेरे चेहरे पर,
    कि मेरा मन तो पहले ही तेरे रंग में रंग चुका है!
  • मेरी आँखों में यहीं हद से ज्यादा बेशुमार हैं,<br/>
तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार हैं!
    मेरी आँखों में यहीं हद से ज्यादा बेशुमार हैं,
    तेरा ही इश्क़, तेरा ही दर्द, तेरा ही इंतज़ार हैं!
  • मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे;<br/>
कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे!
    मेरी नीम सी ज़िन्दगी शहद कर दे;
    कोई मुझे इतना चाहे की हद कर दे!
  • मनाए दुनिया इक ही दिन जश्न मोहब्बत का;<br/>
मेरी तो हर साँस तेरे इश्क से ही महकती है!
    मनाए दुनिया इक ही दिन जश्न मोहब्बत का;
    मेरी तो हर साँस तेरे इश्क से ही महकती है!
  • इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,<br/>

जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
    इश्क उन्हें ही गुनाह लगता है साहेब,
    जिनके इरादों मे मिलावट होती है।
  • तेरे पास में बैठना भी इबादत;<br/>

तुझे दूर से देखना भी इबादत;<br/>

न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा;<br/>

तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत!
    तेरे पास में बैठना भी इबादत;
    तुझे दूर से देखना भी इबादत;
    न माला, न मंतर, न पूजा, न सजदा;
    तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत!
  • यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो;<br/>
 
ये दिल का रिश्ता तो बस यकीन से चलता है!
    यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि तुम मेरे हो;
    ये दिल का रिश्ता तो बस यकीन से चलता है!
  • ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;<br/>
लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
    ज़रा छू लु तुमको के मुझको यकीं आ जाये;
    लोग कहते है, मुझे साये से मोहब्बत है!
  • तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;<br/>
तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;<br/>
नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;<br/> 
हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।
    तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा;
    तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा;
    नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई;
    हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा।