• अब मगर कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं हो सकता;<br/>
अपने जज़्बों से यह रंगीन शरारत न करो;<br/>
कितनी मासूम हो, नाज़ुक हो, हमाक़त न करो;<br/>
बार बार हाँ तुम से कहा था कि मोहब्बत न करो।
    अब मगर कुछ भी नहीं, कुछ भी नहीं हो सकता;
    अपने जज़्बों से यह रंगीन शरारत न करो;
    कितनी मासूम हो, नाज़ुक हो, हमाक़त न करो;
    बार बार हाँ तुम से कहा था कि मोहब्बत न करो।
  • जब आंसू आए तो रो जाते हैं;<br/>
जब ख्वाब आए तो खो जाते हैं;<br/>
नींद आंखो में आती नहीं;<br/>
बस आप ख्वाबो में आयेंगे, यही सोच कर सो जाते हैं।
    जब आंसू आए तो रो जाते हैं;
    जब ख्वाब आए तो खो जाते हैं;
    नींद आंखो में आती नहीं;
    बस आप ख्वाबो में आयेंगे, यही सोच कर सो जाते हैं।
  • ​मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;<br/>
पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है​।
    ​मोहब्बत के बाद मोहब्बत मुमकिन तो है;
    पर टूट कर चाहना सिर्फ एक बार होता है​।
  • तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तूने;​<br/>
तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला​।
    तोड़ कर देख लिया आईना-ए-दिल तूने;​
    तेरी सूरत के सिवा और बता क्या निकला​।
  • ​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;<br/>
मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
    ​उससे कहो के मेरी सजा को कुछ कम कर दे;
    मैं आदि मुजरिम नहीं हूँ गलती से इश्क हुआ था।
  • हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान ना लो;<br/>
करके बेरुखी मेरी तुम जान ना लो;<br/>
एक इशारा कर दो हम खुद मर जाएंगे;<br/>
हमारी मौत का खुद पर इल्ज़ाम ना लो।
    हमारे प्यार का यूँ इम्तिहान ना लो;
    करके बेरुखी मेरी तुम जान ना लो;
    एक इशारा कर दो हम खुद मर जाएंगे;
    हमारी मौत का खुद पर इल्ज़ाम ना लो।
  • चाहने वाले की जानता है अजमत कोई-कोई;<br/>
दिल से करता है आज मोहब्बत कोई-कोई;<br/>
मोहब्बत में चाहते हैं सब अशूक यार;<br/>
दीवाने की माफिक चाहे तुरबत कोई-कोई।
    चाहने वाले की जानता है अजमत कोई-कोई;
    दिल से करता है आज मोहब्बत कोई-कोई;
    मोहब्बत में चाहते हैं सब अशूक यार;
    दीवाने की माफिक चाहे तुरबत कोई-कोई।
  • अगर इश्क़ गुनाह है गुनाहगार है खुदा;<br/>
जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।
    अगर इश्क़ गुनाह है गुनाहगार है खुदा;
    जिसने बनाया दिल किसी पर आने के लिए।
  • मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे;<br/>
प्यार का जहाँ है बहारों से आगे;<br/>
वो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी;<br/>
तो बहते बह गई किनारों से आगे।
    मोहब्बत की हद्द है सितारों से आगे;
    प्यार का जहाँ है बहारों से आगे;
    वो दीवानों की कश्ती जब बहने लगी;
    तो बहते बह गई किनारों से आगे।
  • कहते हैं लोग खुदा की इबादत है;<br/>
ये मेरी समझ में तो एक जहालत है;<br/>
चैन न आए दिल को, रात जाग के गुजरे;<br/>
जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है।
    कहते हैं लोग खुदा की इबादत है;
    ये मेरी समझ में तो एक जहालत है;
    चैन न आए दिल को, रात जाग के गुजरे;
    जरा बताओ दोस्तों क्या यही मोहब्बत है।