• दूर जाकर भी हम दूर जा ना सकेंगे;<br/>
कितना रोयेंगे हम बता ना सकेंगे;<br/>
गम इसका नहीं कि आप मिल ना सकोगे;<br/>
दर्द इस बात का होगा कि हम आप को भुला ना सकेंगे। Upload to Facebook
    दूर जाकर भी हम दूर जा ना सकेंगे;
    कितना रोयेंगे हम बता ना सकेंगे;
    गम इसका नहीं कि आप मिल ना सकोगे;
    दर्द इस बात का होगा कि हम आप को भुला ना सकेंगे।
  • ना चाहो किसी को ऐसे कि;<br/>
चाहत आपकी मज़बूरी बन जाए;<br/>
पर चाहो किसी को इतना कि;<br/>
आपका प्यार उसके लिए जरुरी बन जाए।Upload to Facebook
    ना चाहो किसी को ऐसे कि;
    चाहत आपकी मज़बूरी बन जाए;
    पर चाहो किसी को इतना कि;
    आपका प्यार उसके लिए जरुरी बन जाए।
  • तेरे इश्क का बुखार है मुझको;<br/>
और हर चीज खाने की मनाही है;<br/> 
एक हुस्न के हकीम ने सिर्फ;<br/> 
तेरे चमन की मौसमी बताई है।Upload to Facebook
    तेरे इश्क का बुखार है मुझको;
    और हर चीज खाने की मनाही है;
    एक हुस्न के हकीम ने सिर्फ;
    तेरे चमन की मौसमी बताई है।
  • हर हसीं काफिरां के माथे पर;<br/>
अपनी रहमत का ताज रखता है;<br/>
तू भी परवरदिगार मेरी तरह;<br/>
आशिकाना मिज़ाज रखता है।Upload to Facebook
    हर हसीं काफिरां के माथे पर;
    अपनी रहमत का ताज रखता है;
    तू भी परवरदिगार मेरी तरह;
    आशिकाना मिज़ाज रखता है।
    ~ Narendra Kumar Shad
  • वो थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था;<br/>
आता न था नज़र तो नज़र का कुसूर था। Upload to Facebook
    वो थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था;
    आता न था नज़र तो नज़र का कुसूर था।
    ~ Jigar Moradabadi
  • चुरा के मुट्ठी में दिल को छिपाए बैठे है;<br/>
बहाना यह है कि मेहंदी लगाए बैठे है।Upload to Facebook
    चुरा के मुट्ठी में दिल को छिपाए बैठे है;
    बहाना यह है कि मेहंदी लगाए बैठे है।
    ~ Atish
  • तुम बहारों की आरजू न करो;<br/>
हमने कांटों में फूल देखे हैं।Upload to Facebook
    तुम बहारों की आरजू न करो;
    हमने कांटों में फूल देखे हैं।
  • जला कर शमा-ए-उल्फत आप ने फ़ौरन ही गुल कर दी;<br/>
खुदारा ये तो बता दीजिये कि अब परवानों का क्या होगा!  Upload to Facebook
    जला कर शमा-ए-उल्फत आप ने फ़ौरन ही गुल कर दी;
    खुदारा ये तो बता दीजिये कि अब परवानों का क्या होगा!
  • मैं क़ाबिल-ए-नफ़रत, हूँ तो छोड़ दो मुझको;<br/>
मगर यूं मुझसे दिखावे की मोहब्बत ना किया करो।Upload to Facebook
    मैं क़ाबिल-ए-नफ़रत, हूँ तो छोड़ दो मुझको;
    मगर यूं मुझसे दिखावे की मोहब्बत ना किया करो।
  • दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई;<br/>
दोनों को इक अदा में रजामंद कर गई;<br/>
शक हो गया है सीना, ख़ुशी लज्जते-फ़िराक;<br/>
तकलीफे-पर्दादारी-ए-ज़ख्म-जिगर गई!Upload to Facebook
    दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई;
    दोनों को इक अदा में रजामंद कर गई;
    शक हो गया है सीना, ख़ुशी लज्जते-फ़िराक;
    तकलीफे-पर्दादारी-ए-ज़ख्म-जिगर गई!