• अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का;<br/>
रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।Upload to Facebook
    अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का;
    रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है।
  • हाल तो पूछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;<br/>
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।Upload to Facebook
    हाल तो पूछ लूँ तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी;
    ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।
  • चरागों को आँखों में महफूज रखना;<br/>
बड़ी दूर तक रात ही रात होगी;<br/>
मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी;<br/>
किसी मोड़ पर, फिर मुलाकात होगी।Upload to Facebook
    चरागों को आँखों में महफूज रखना;
    बड़ी दूर तक रात ही रात होगी;
    मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी;
    किसी मोड़ पर, फिर मुलाकात होगी।
    ~ Bashir Badr
  • आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं;<br/>
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं।<br/><br/>
Meaning:<br/>
शय - चीजUpload to Facebook
    आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं;
    जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं।

    Meaning:
    शय - चीज
    ~ Jigar Moradabadi
  • इस दौर में जिन्दगी बशर की;<br/>
बीमार की रात हो गयी है। <br/><br/>
Meaning:<br/>
बशर - मनुष्य, मानव, आदमीUpload to Facebook
    इस दौर में जिन्दगी बशर की;
    बीमार की रात हो गयी है।

    Meaning:
    बशर - मनुष्य, मानव, आदमी
    ~ Firaq Gorakhpuri
  • उनका तगाफुल उनकी तवज्जो;<br/>
एक दिल, उस पे लाख तहल्के। <br/><br/>
Meaning:<br/>
1.तगाफुल - उपेक्षा, वेबवज्जुही<br/>
2.तवज्जो - विशेष ध्यानUpload to Facebook
    उनका तगाफुल उनकी तवज्जो;
    एक दिल, उस पे लाख तहल्के।

    Meaning:
    1.तगाफुल - उपेक्षा, वेबवज्जुही
    2.तवज्जो - विशेष ध्यान
    ~ Ada Jafri
  • यूँ तो मशहूर हैं अधूरी मोहब्बत के किस्से बहुत से;<br/>
मुझे अपनी मोहब्बत पूरी करके नई कहानी लिखनी है!Upload to Facebook
    यूँ तो मशहूर हैं अधूरी मोहब्बत के किस्से बहुत से;
    मुझे अपनी मोहब्बत पूरी करके नई कहानी लिखनी है!
  • इजाजत हो तो मैं भी तुम्हारे पास आ जाऊँ;<br/>
देखो ना चाँद के पास भी तो एक सितारा है!Upload to Facebook
    इजाजत हो तो मैं भी तुम्हारे पास आ जाऊँ;
    देखो ना चाँद के पास भी तो एक सितारा है!
  • सिर्फ इशारों में होती मोहब्बत अगर,<br/>
इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,<br/>
बस पत्थर बन के रह जाता 'ताज महल';<br/>
अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता!Upload to Facebook
    सिर्फ इशारों में होती मोहब्बत अगर,
    इन अलफाजों को खुबसूरती कौन देता,
    बस पत्थर बन के रह जाता 'ताज महल';
    अगर इश्क इसे अपनी पहचान ना देता!
  • खुदा का शुक्र है कि ख्वाब बना दिए;<br/>
वरना तुम्हें देखने की तो हसरत ही रह जाती!Upload to Facebook
    खुदा का शुक्र है कि ख्वाब बना दिए;
    वरना तुम्हें देखने की तो हसरत ही रह जाती!