• उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;<br/>
क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।
    उनको सोते हुए देखा था दमे-सुबह कभी;
    क्या बताऊं जो इन आंखों ने समां देखा था।
    ~ Aziz Lucknowi
  • सितारों से आगे जहां और भी हैं;<br/>
अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
    सितारों से आगे जहां और भी हैं;
    अभी इश्क के इम्तिहां और भी हैं।
    ~ Allama Iqbal
  • सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;<br/>
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;<br/>
शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;<br/>
आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।
    सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहें;
    जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहें;
    शाखों से टूट जायें वो पत्ते नहीं हैं हम;
    आँधियों से कोई कह दे कि औकात में रहें।
    ~ Rahat Indori
  • हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;<br/>
उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।
    हर धड़कते पत्थर को, लोग दिल समझते हैं;
    उम्र बीत जाती है, दिल को दिल बनाने में।
    ~ Bashir Badr
  • जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए;<br/>
काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए;<br/>
दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया;<br/>
फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए।
    जागने की भी, जगाने की भी, आदत हो जाए;
    काश तुझको किसी शायर से मोहब्बत हो जाए;
    दूर हम कितने दिन से हैं, ये कभी गौर किया;
    फिर न कहना जो अमानत में खयानत हो जाए।
    ~ Rahat Indori
  • अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा;<br/>
जब ख़ुदा का सामना होगा तो देखा जाएगा।
    अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा;
    जब ख़ुदा का सामना होगा तो देखा जाएगा।
    ~ Akbar Allahabadi
  • जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;<br/>
सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।<br/><br/>

Meaning:<br/>
जफा - जुल्म
    जफा जो इश्क में होती है वह जफा ही नहीं;
    सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं।

    Meaning:
    जफा - जुल्म
    ~ Allama Iqbal
  • न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;<br/>
तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
    न मेरा नाम था, न दाम था बाजार-ए-मोहब्बत में;
    तुमने भाव पूछकर अनमोल कर दिया।
  • मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है;<br/>
किसे आँखों में रखना है, किसे दिल में बसाना है।
    मोहब्बत खुद बताती है, कहाँ किसका ठिकाना है;
    किसे आँखों में रखना है, किसे दिल में बसाना है।
  • उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पर रौनक;<br/>
वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
    उनके देखने से जो आ जाती है चेहरे पर रौनक;
    वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है।
    ~ Mirza Ghalib