• ना इश्क़ का इज़हार किया, ना ठुकरा सके हमें वो;<br/>
हम तमाम ज़िंदगी मज़लूम रहे, उनके वादा मोहब्बत के।
    ना इश्क़ का इज़हार किया, ना ठुकरा सके हमें वो;
    हम तमाम ज़िंदगी मज़लूम रहे, उनके वादा मोहब्बत के।
    ~ JD Ghai
  • एहसास के दामन में आंसू गिराकर देखो;<br/>
प्यार कितना है आजमा कर देखो;<br/>
तुम्हें भूल कर क्या होगी दिल की हालत;<br/>
किसी आईने पे पत्थर गिराकर तो देखो।
    एहसास के दामन में आंसू गिराकर देखो;
    प्यार कितना है आजमा कर देखो;
    तुम्हें भूल कर क्या होगी दिल की हालत;
    किसी आईने पे पत्थर गिराकर तो देखो।
  • ​इश्क़ की बंदगी दी है तो हुस्न की इबादत जरूरी है;<br/>
इश्क़ से जीने की आस रहेगी और हुस्न से तड़प का सकून​।
    ​इश्क़ की बंदगी दी है तो हुस्न की इबादत जरूरी है;
    इश्क़ से जीने की आस रहेगी और हुस्न से तड़प का सकून​।
    ~ JD Ghai
  • आँखों में इश्क़, लब पे ख़ामोशी;<br/>
अंदाज़ में इकरार, जिस्म में इंकार;<br/>
कहाँ जाएं मोहब्बत करने वाले;<br/>
एक तरफ जन्नत, दूसरी तरफ जहन्नुम।
    आँखों में इश्क़, लब पे ख़ामोशी;
    अंदाज़ में इकरार, जिस्म में इंकार;
    कहाँ जाएं मोहब्बत करने वाले;
    एक तरफ जन्नत, दूसरी तरफ जहन्नुम।
    ~ JD Ghai
  • इश्क़ पर ज़ोर नहीं, यह वो आतिश ग़ालिब;<br/>
के लगाए ना लगे और बुझाए ना बुझे।
    इश्क़ पर ज़ोर नहीं, यह वो आतिश ग़ालिब;
    के लगाए ना लगे और बुझाए ना बुझे।
    ~ Mirza Ghalib
  • ये इश्क़ के घाव बहुत गहरे है;<br/>
दर्द भी देते हैं और भरते भी नहीं।
    ये इश्क़ के घाव बहुत गहरे है;
    दर्द भी देते हैं और भरते भी नहीं।
    ~ JD Ghai
  • वो मेरे दिल पर सिर रखकर सोई थी बेखबर;<br/>
हमने धड़कन ही रोक ली कि कहीं उसकी नींद ना टूट जाए।
    वो मेरे दिल पर सिर रखकर सोई थी बेखबर;
    हमने धड़कन ही रोक ली कि कहीं उसकी नींद ना टूट जाए।
  • ​रिश्तों का धागा इतना कच्चा नहीं होता;<br/>
किसी का दिल तोड़ना अच्छा नहीं होता;<br/>
प्यार तो दिल की आवाज़ है;<br/>
कौन कहता है एक तरफ़ का प्यार सच्चा नहीं होता​।
    ​रिश्तों का धागा इतना कच्चा नहीं होता;
    किसी का दिल तोड़ना अच्छा नहीं होता;
    प्यार तो दिल की आवाज़ है;
    कौन कहता है एक तरफ़ का प्यार सच्चा नहीं होता​।
  • कितना प्यार है उनसे काश वो ये जान लें;<br/>
वो ही है ज़िंदगी मेरी ये बात मान लें;<br/>
उनको देने को नहीं कुछ पास हमारे;<br/>
बस एक जान है हमारी जब चाहे मांग लें!
    कितना प्यार है उनसे काश वो ये जान लें;
    वो ही है ज़िंदगी मेरी ये बात मान लें;
    उनको देने को नहीं कुछ पास हमारे;
    बस एक जान है हमारी जब चाहे मांग लें!
  • जिनको हमने चाहा मोहब्बत की हदें तोड़ कर;<br/>
आज उसने देखा नहीं निगाह मोड़ कर;<br/>
ये जान कर बहुत दुःख हुआ मुझे;<br/>
कि वो खुद भी तन्हा हो गये मुझे छोड़ कर!
    जिनको हमने चाहा मोहब्बत की हदें तोड़ कर;
    आज उसने देखा नहीं निगाह मोड़ कर;
    ये जान कर बहुत दुःख हुआ मुझे;
    कि वो खुद भी तन्हा हो गये मुझे छोड़ कर!